Dekha Ek Khwab (From "Silsila")
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⏱️ 5:21 duration
🆔 ID: 4254886
📜 Lyrics
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
ये गिला है आपकी निगाहों से
फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
ये तेरे प्यार की है जादूगरी
तेरी आवाज़ है हवाओं में
प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में
धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
क्या कहूँ कि शर्म से हैं लब सिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
मेरा दिल है तेरी पनाहों में
आ, छुपा लूँ तुझे मैं बाँहों में
तेरी तस्वीर है निगाहों में
दूर तक रोशनी है राहों में
कल अगर ना रोशनी के क़ाफ़िले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
ये गिला है आपकी निगाहों से
फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
ये गिला है आपकी निगाहों से
फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
ये तेरे प्यार की है जादूगरी
तेरी आवाज़ है हवाओं में
प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में
धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
क्या कहूँ कि शर्म से हैं लब सिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
मेरा दिल है तेरी पनाहों में
आ, छुपा लूँ तुझे मैं बाँहों में
तेरी तस्वीर है निगाहों में
दूर तक रोशनी है राहों में
कल अगर ना रोशनी के क़ाफ़िले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
ये गिला है आपकी निगाहों से
फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
⏱️ Synced Lyrics
[01:28.07] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[01:33.11] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[01:38.06] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[01:42.78] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[01:47.79] ये गिला है आपकी निगाहों से
[01:52.47] फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
[01:57.50] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[02:02.53] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[02:37.61] मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
[02:42.61] ये तेरे प्यार की है जादूगरी
[02:51.98] तेरी आवाज़ है हवाओं में
[02:56.50] प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में
[03:01.25] धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
[03:06.35] क्या कहूँ कि शर्म से हैं लब सिले हुए
[03:11.45] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[03:16.35] फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
[03:49.58] मेरा दिल है तेरी पनाहों में
[03:53.62] आ, छुपा लूँ तुझे मैं बाँहों में
[04:03.32] तेरी तस्वीर है निगाहों में
[04:07.93] दूर तक रोशनी है राहों में
[04:12.58] कल अगर ना रोशनी के क़ाफ़िले हुए
[04:17.43] प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
[04:22.70] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[04:27.72] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[04:32.53] ये गिला है आपकी निगाहों से
[04:37.28] फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
[04:42.07] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[04:47.05] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[04:51.90]
[01:33.11] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[01:38.06] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[01:42.78] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[01:47.79] ये गिला है आपकी निगाहों से
[01:52.47] फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
[01:57.50] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[02:02.53] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[02:37.61] मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
[02:42.61] ये तेरे प्यार की है जादूगरी
[02:51.98] तेरी आवाज़ है हवाओं में
[02:56.50] प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में
[03:01.25] धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
[03:06.35] क्या कहूँ कि शर्म से हैं लब सिले हुए
[03:11.45] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[03:16.35] फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
[03:49.58] मेरा दिल है तेरी पनाहों में
[03:53.62] आ, छुपा लूँ तुझे मैं बाँहों में
[04:03.32] तेरी तस्वीर है निगाहों में
[04:07.93] दूर तक रोशनी है राहों में
[04:12.58] कल अगर ना रोशनी के क़ाफ़िले हुए
[04:17.43] प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
[04:22.70] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[04:27.72] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[04:32.53] ये गिला है आपकी निगाहों से
[04:37.28] फूल भी हों दरमियाँ तो फ़ासले हुए
[04:42.07] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[04:47.05] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[04:51.90]