Chehre Title Track
🎵 2012 characters
⏱️ 3:07 duration
🆔 ID: 4772064
📜 Lyrics
उम्र की रफ़्तार, वक़्त की मार सहेंगे चेहरे
जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
खोए हुए सपनों में, बंधे हुए अपनों में
जाने-पहचाने से, कुछ अनजाने से
प्यार में अपनाते हुए, गुनाह को छुपाते हुए
सफ़र करते सदियों का, बहाव जैसे नदियों का
दौलत की आग में जले-जले से
ग़रीबी की राख़ में बुझे-बुझे से चेहरे, चेहरे, चेहरे
जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
मासूम भी यही हैं, मक्कार भी यही हैं
बिकते भी यही हैं, ख़रीदार भी यही हैं
बचपन, जवानी और बुढ़ापा
ख़ुद को देख ख़ुद ही से काँपा
आईने में ख़ुद को निहारते, गुज़री सूरत को पुकारते
वैसे तो दुनिया में सभी इंसान हैं
वैसे तो दुनिया में सभी इंसान हैं
फिर भी सबकी अलग पहचान है
अलग-अलग पहचान से शर्मिंदा रहेंगे चेहरे
अलग-अलग पहचान से शर्मिंदा रहेंगे चेहरे
जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
ज़िंदा रहेंगे चेहरे
जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
खोए हुए सपनों में, बंधे हुए अपनों में
जाने-पहचाने से, कुछ अनजाने से
प्यार में अपनाते हुए, गुनाह को छुपाते हुए
सफ़र करते सदियों का, बहाव जैसे नदियों का
दौलत की आग में जले-जले से
ग़रीबी की राख़ में बुझे-बुझे से चेहरे, चेहरे, चेहरे
जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
मासूम भी यही हैं, मक्कार भी यही हैं
बिकते भी यही हैं, ख़रीदार भी यही हैं
बचपन, जवानी और बुढ़ापा
ख़ुद को देख ख़ुद ही से काँपा
आईने में ख़ुद को निहारते, गुज़री सूरत को पुकारते
वैसे तो दुनिया में सभी इंसान हैं
वैसे तो दुनिया में सभी इंसान हैं
फिर भी सबकी अलग पहचान है
अलग-अलग पहचान से शर्मिंदा रहेंगे चेहरे
अलग-अलग पहचान से शर्मिंदा रहेंगे चेहरे
जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
ज़िंदा रहेंगे चेहरे
⏱️ Synced Lyrics
[00:17.31] उम्र की रफ़्तार, वक़्त की मार सहेंगे चेहरे
[00:26.20] जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[00:36.63] खोए हुए सपनों में, बंधे हुए अपनों में
[00:43.60] जाने-पहचाने से, कुछ अनजाने से
[00:51.06] प्यार में अपनाते हुए, गुनाह को छुपाते हुए
[00:59.22] सफ़र करते सदियों का, बहाव जैसे नदियों का
[01:08.74] दौलत की आग में जले-जले से
[01:12.15] ग़रीबी की राख़ में बुझे-बुझे से चेहरे, चेहरे, चेहरे
[01:27.21] जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[01:34.47]
[01:40.52] मासूम भी यही हैं, मक्कार भी यही हैं
[01:49.05] बिकते भी यही हैं, ख़रीदार भी यही हैं
[01:56.71] बचपन, जवानी और बुढ़ापा
[01:59.65] ख़ुद को देख ख़ुद ही से काँपा
[02:05.52] आईने में ख़ुद को निहारते, गुज़री सूरत को पुकारते
[02:14.68] वैसे तो दुनिया में सभी इंसान हैं
[02:19.31] वैसे तो दुनिया में सभी इंसान हैं
[02:24.54] फिर भी सबकी अलग पहचान है
[02:28.23] अलग-अलग पहचान से शर्मिंदा रहेंगे चेहरे
[02:33.33] अलग-अलग पहचान से शर्मिंदा रहेंगे चेहरे
[02:39.32] जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[02:47.84] जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[02:54.60]
[02:59.59] ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[03:01.80]
[00:26.20] जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[00:36.63] खोए हुए सपनों में, बंधे हुए अपनों में
[00:43.60] जाने-पहचाने से, कुछ अनजाने से
[00:51.06] प्यार में अपनाते हुए, गुनाह को छुपाते हुए
[00:59.22] सफ़र करते सदियों का, बहाव जैसे नदियों का
[01:08.74] दौलत की आग में जले-जले से
[01:12.15] ग़रीबी की राख़ में बुझे-बुझे से चेहरे, चेहरे, चेहरे
[01:27.21] जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[01:34.47]
[01:40.52] मासूम भी यही हैं, मक्कार भी यही हैं
[01:49.05] बिकते भी यही हैं, ख़रीदार भी यही हैं
[01:56.71] बचपन, जवानी और बुढ़ापा
[01:59.65] ख़ुद को देख ख़ुद ही से काँपा
[02:05.52] आईने में ख़ुद को निहारते, गुज़री सूरत को पुकारते
[02:14.68] वैसे तो दुनिया में सभी इंसान हैं
[02:19.31] वैसे तो दुनिया में सभी इंसान हैं
[02:24.54] फिर भी सबकी अलग पहचान है
[02:28.23] अलग-अलग पहचान से शर्मिंदा रहेंगे चेहरे
[02:33.33] अलग-अलग पहचान से शर्मिंदा रहेंगे चेहरे
[02:39.32] जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[02:47.84] जिस्म चले जाएँगे, पर ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[02:54.60]
[02:59.59] ज़िंदा रहेंगे चेहरे
[03:01.80]