Gham Denewale Dene Ko Gham
🎵 2284 characters
⏱️ 4:17 duration
🆔 ID: 4835262
📜 Lyrics
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
सहने को साथ-साथ मगर दिल हज़ार दे
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
सहने को साथ-साथ मगर दिल हज़ार दे
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
क़तरे को कह रहा है, "समुंदर को पी के देख"
क़तरे को कह रहा है, "समुंदर को पी के देख"
हर रोज़ दिल पे तीर बिठा और जी के देख
हर रोज़ की ये मौत ना दे, एक बार दे
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
कुछ हादसे थे जिनको दिया ज़िंदगी का नाम
कुछ हादसे थे जिनको दिया ज़िंदगी का नाम
जो दिन दिया वो रात था, जो सुबह दी वो शाम
जो दिन दिया वो रात था, जो सुबह दी वो शाम
किस ने कहा था तुझसे ये उजड़ी बहार दे?
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
ख़ुशियों को हुक्म है कि ना दिल में समाएँ वो
ख़ुशियों को हुक्म है कि ना दिल में समाएँ वो
अश्कों पे हैं ये क़ैद, ना आँखों में आए वो
हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
इख़्तियार दे
सहने को साथ-साथ मगर दिल हज़ार दे
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
सहने को साथ-साथ मगर दिल हज़ार दे
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
क़तरे को कह रहा है, "समुंदर को पी के देख"
क़तरे को कह रहा है, "समुंदर को पी के देख"
हर रोज़ दिल पे तीर बिठा और जी के देख
हर रोज़ की ये मौत ना दे, एक बार दे
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
कुछ हादसे थे जिनको दिया ज़िंदगी का नाम
कुछ हादसे थे जिनको दिया ज़िंदगी का नाम
जो दिन दिया वो रात था, जो सुबह दी वो शाम
जो दिन दिया वो रात था, जो सुबह दी वो शाम
किस ने कहा था तुझसे ये उजड़ी बहार दे?
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
ख़ुशियों को हुक्म है कि ना दिल में समाएँ वो
ख़ुशियों को हुक्म है कि ना दिल में समाएँ वो
अश्कों पे हैं ये क़ैद, ना आँखों में आए वो
हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
इख़्तियार दे
⏱️ Synced Lyrics
[00:18.49] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[00:26.84] सहने को साथ-साथ मगर दिल हज़ार दे
[00:35.26] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[00:43.25] सहने को साथ-साथ मगर दिल हज़ार दे
[00:51.59] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[01:00.08]
[01:07.83] क़तरे को कह रहा है, "समुंदर को पी के देख"
[01:20.02] क़तरे को कह रहा है, "समुंदर को पी के देख"
[01:28.34] हर रोज़ दिल पे तीर बिठा और जी के देख
[01:36.21] हर रोज़ की ये मौत ना दे, एक बार दे
[01:44.59] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[01:52.18]
[02:00.77] कुछ हादसे थे जिनको दिया ज़िंदगी का नाम
[02:08.92] कुछ हादसे थे जिनको दिया ज़िंदगी का नाम
[02:16.93] जो दिन दिया वो रात था, जो सुबह दी वो शाम
[02:25.23] जो दिन दिया वो रात था, जो सुबह दी वो शाम
[02:33.01] किस ने कहा था तुझसे ये उजड़ी बहार दे?
[02:41.20] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[02:49.14]
[02:57.31] ख़ुशियों को हुक्म है कि ना दिल में समाएँ वो
[03:09.53] ख़ुशियों को हुक्म है कि ना दिल में समाएँ वो
[03:17.38] अश्कों पे हैं ये क़ैद, ना आँखों में आए वो
[03:25.36] हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
[03:33.62] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[03:41.32] हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
[03:51.19] हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
[03:59.19] हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
[04:07.51] इख़्तियार दे
[04:12.03]
[00:26.84] सहने को साथ-साथ मगर दिल हज़ार दे
[00:35.26] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[00:43.25] सहने को साथ-साथ मगर दिल हज़ार दे
[00:51.59] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[01:00.08]
[01:07.83] क़तरे को कह रहा है, "समुंदर को पी के देख"
[01:20.02] क़तरे को कह रहा है, "समुंदर को पी के देख"
[01:28.34] हर रोज़ दिल पे तीर बिठा और जी के देख
[01:36.21] हर रोज़ की ये मौत ना दे, एक बार दे
[01:44.59] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[01:52.18]
[02:00.77] कुछ हादसे थे जिनको दिया ज़िंदगी का नाम
[02:08.92] कुछ हादसे थे जिनको दिया ज़िंदगी का नाम
[02:16.93] जो दिन दिया वो रात था, जो सुबह दी वो शाम
[02:25.23] जो दिन दिया वो रात था, जो सुबह दी वो शाम
[02:33.01] किस ने कहा था तुझसे ये उजड़ी बहार दे?
[02:41.20] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[02:49.14]
[02:57.31] ख़ुशियों को हुक्म है कि ना दिल में समाएँ वो
[03:09.53] ख़ुशियों को हुक्म है कि ना दिल में समाएँ वो
[03:17.38] अश्कों पे हैं ये क़ैद, ना आँखों में आए वो
[03:25.36] हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
[03:33.62] ग़म देने वाले, देने को ग़म बेशुमार दे
[03:41.32] हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
[03:51.19] हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
[03:59.19] हँसना नहीं तो रोने का ही इख़्तियार दे
[04:07.51] इख़्तियार दे
[04:12.03]