Guzre Hai Is Tarah Se
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⏱️ 2:43 duration
🆔 ID: 4839080
📜 Lyrics
गुज़रे हैं इस तरह से दुनिया में दिन हमारे
भीगे रहे हमेशा आँखों के दो किनारे
गुज़रे हैं इस तरह से...
सीने से रंज-ओ-ग़म को हमने लगा के रखा
मजबूरियों को दिल ही दिल में छुपा के रखा
करते भी क्या, ऐ क़िस्मत, तेरे सितम के मारे?
गुज़रे हैं इस तरह से...
हसरत-भरी कहानी क़िस्सा है बेबसी का
लिखा है आँसुओं से अफ़साना ज़िंदगी का
कुछ ना किसी से कहना, ऐ मेरी बेज़ुबानी
गर्दिश नसीब की है, क्या दोष है किसी का
टूटे चमक-चमक कर तक़दीर के सितारे
गुज़रे हैं इस तरह से दुनिया में दिन हमारे
भीगे रहे हमेशा आँखों के दो किनारे
गुज़रे हैं इस...
भीगे रहे हमेशा आँखों के दो किनारे
गुज़रे हैं इस तरह से...
सीने से रंज-ओ-ग़म को हमने लगा के रखा
मजबूरियों को दिल ही दिल में छुपा के रखा
करते भी क्या, ऐ क़िस्मत, तेरे सितम के मारे?
गुज़रे हैं इस तरह से...
हसरत-भरी कहानी क़िस्सा है बेबसी का
लिखा है आँसुओं से अफ़साना ज़िंदगी का
कुछ ना किसी से कहना, ऐ मेरी बेज़ुबानी
गर्दिश नसीब की है, क्या दोष है किसी का
टूटे चमक-चमक कर तक़दीर के सितारे
गुज़रे हैं इस तरह से दुनिया में दिन हमारे
भीगे रहे हमेशा आँखों के दो किनारे
गुज़रे हैं इस...
⏱️ Synced Lyrics
[00:01.77] गुज़रे हैं इस तरह से दुनिया में दिन हमारे
[00:11.46] भीगे रहे हमेशा आँखों के दो किनारे
[00:20.81] गुज़रे हैं इस तरह से...
[00:25.82]
[00:39.30] सीने से रंज-ओ-ग़म को हमने लगा के रखा
[00:48.44] मजबूरियों को दिल ही दिल में छुपा के रखा
[00:58.02] करते भी क्या, ऐ क़िस्मत, तेरे सितम के मारे?
[01:06.98] गुज़रे हैं इस तरह से...
[01:11.84]
[01:30.13] हसरत-भरी कहानी क़िस्सा है बेबसी का
[01:39.53] लिखा है आँसुओं से अफ़साना ज़िंदगी का
[01:53.44] कुछ ना किसी से कहना, ऐ मेरी बेज़ुबानी
[02:02.84] गर्दिश नसीब की है, क्या दोष है किसी का
[02:12.30] टूटे चमक-चमक कर तक़दीर के सितारे
[02:21.40] गुज़रे हैं इस तरह से दुनिया में दिन हमारे
[02:30.49] भीगे रहे हमेशा आँखों के दो किनारे
[02:39.57] गुज़रे हैं इस...
[02:41.67]
[00:11.46] भीगे रहे हमेशा आँखों के दो किनारे
[00:20.81] गुज़रे हैं इस तरह से...
[00:25.82]
[00:39.30] सीने से रंज-ओ-ग़म को हमने लगा के रखा
[00:48.44] मजबूरियों को दिल ही दिल में छुपा के रखा
[00:58.02] करते भी क्या, ऐ क़िस्मत, तेरे सितम के मारे?
[01:06.98] गुज़रे हैं इस तरह से...
[01:11.84]
[01:30.13] हसरत-भरी कहानी क़िस्सा है बेबसी का
[01:39.53] लिखा है आँसुओं से अफ़साना ज़िंदगी का
[01:53.44] कुछ ना किसी से कहना, ऐ मेरी बेज़ुबानी
[02:02.84] गर्दिश नसीब की है, क्या दोष है किसी का
[02:12.30] टूटे चमक-चमक कर तक़दीर के सितारे
[02:21.40] गुज़रे हैं इस तरह से दुनिया में दिन हमारे
[02:30.49] भीगे रहे हमेशा आँखों के दो किनारे
[02:39.57] गुज़रे हैं इस...
[02:41.67]