Bol Ri Kath Putli, Pt. 1
🎵 7389 characters
⏱️ 6:07 duration
🆔 ID: 4839649
📜 Lyrics
ये तो Meena Kumari ने screen पर गीत के ज़रिए कहा था
Dilip Kumar के प्यार में मुब्तला होकर
मगर बहनों और भाइयों, मेरे पास एक पुराना tape ऐसी भी रखा हुआ है
जिसमें Meena Kumari ने अपने इंतिक़ाल से क़रीब साल-दो-साल पहले
Dilip Kumar के बारे में कुछ बड़ी ही दिलचस्प बातें बताईं थीं
दस्तों, आप भी ज़रा दिल पर हाथ रखकर सुनिए
Hmm, जी हाँ
अ, Dilip साहब के साथ मैंने कोई तीन-चार फ़िल्मों में काम किया है
मगर उनके साथ किसी संजीदा film में काम करने की हसरत ही रही
और ये शिकायत मुझे आज भी है
एक film थी 'Amar', जिसमें बदक़िस्मती से मैं उनके साथ काम नहीं कर सकी
दूसरी film थी 'Footpath', जो मैंने ख़ुद भी नहीं देखी
तीसरी film 'Yahudi', जो कोई ख़ास जगह हासिल नहीं कर सकी
अब रह गईं: 'Azaad' और 'Kohinoor', दोनों कामयाब फ़िल्में थीं
मगर जैसा कि आप जानते हैं, दोनों ही comedy फ़िल्में थीं
इन फ़िल्मों में काम करते वक़्त
Dilip साहब की शख़्सियत का एक ख़ास रूप जो मेरे सामने आया
वो ये था कि उनके किरदार में सिर्फ़ संजीदगी ही नहीं
बल्कि ग़ज़ब की ख़ुद-ए'तिमादी भी है
और उनका ये confidence कठिन से कठिन हालात में भी ना सिर्फ़ उन्हें सहारा देता है
बल्कि उनके साथ काम करने वाले दूसरे लोगों का हौसला भी बढ़ाता है
Film 'Azaad' की shooting का एक वाक्या सुनाऊँ आपको?
Ooty और Coimbatore के बीच एक में ropeway है
जिस पर trolley की मदद से सामान ले जाया जाता है
Film का एक scene था जिसमें Dilip साहब मुझे शहर से दूर डाकुओं के ग़ारों में ले जाते हैं
हम-दोनों को एक trolley पर बैठकर वहाँ तक पहुँचना था
चुनांचे एक trolley पर तो मैं और Dilip साहब बैठ गए और दूसरी trolley पर cameraman
सफ़र शुरू हुआ, मगर, जब हम कोई तीन-चार सौ foot की बलंदी पर पहुँचे
तो आदत के मुताबिक़ मेरा तो सर चकराने लगा
और दो ट्रौलियों के वज़न से ropeway भी झुलने लगी
और बढ़ते-बढ़ते ये झूल इतना बढ़ा
कि हमारी trolley और ज़मीन के बीच मुश्किल से एक foot का फ़ासला रह गया होगा
Trolley अगर ज़मीन से टकरा कर उछलती तो...
ओह, मेरे तो हाथ-पाँव फूल गए
साँस रुकने लगी, हलख सूख गया
मगर Dilip साहब फिर भी Dilip साहब हैं
थोड़ी देर के लिए घबराहट तो उनपर भी तारी हो गई थी
मगर उनकी संजीदगी और ख़ुद-ए'तिमादी में कोई फ़र्क नहीं आया
उन्होंने मेरा हाथ थाम कर मुझे तसल्ली दी और मेरा हौसला बढ़ाया
हाथ उनका भी बर्फ़ की तरह ठंडा था, मगर, मुझे कुछ इत्मीनान ज़रूर हो गया
और फ़िर जो कुछ भी हुआ वो तो आपने film Azaad के scene में देखा ही होगा
आहा, क्या अदाकारा थीं Meena Kumari
क्या हुस्न था उनका और कैसी शहद में डूबी हुई आवाज़
काश कि वो इतनी कम उमर में हमसे ना बिछड़ी होतीं
बहरहाल, आइए बहनों और भाइयों अब आगे बढ़कर
सन् १९५८ के तीन सबसे ज़्यादा लोकप्रिय, सबसे ज़्यादा मक़बूल गीत सुनें
Number तीन पर था गीत उस film का
जिसमें Vyjayanthimala और Balraj Sahni की अदाकारी आज भी लोगों को याद है
Film का नाम था 'Kath Putli'
बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी?
सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
जहाँ जिधर साजन ले जाए
संग चलूँ मैं छाया सी
वो हैं मेरे जादूगर
मैं जादूगर की माया सी
ओ, जान-बूझकर छेड़ के मुझसे पूछे ये संसार
बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी
सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
पिया ना होते, मैं ना होती
जीवन राग सुनाता कौन?
प्यार थिरकता किसकी धुन पर?
दिल का साज़ बजाता कौन?
ओ, दूर-दूर जिस चमन से गुज़रे गाती जाए बहार
बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी?
सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
Dilip Kumar के प्यार में मुब्तला होकर
मगर बहनों और भाइयों, मेरे पास एक पुराना tape ऐसी भी रखा हुआ है
जिसमें Meena Kumari ने अपने इंतिक़ाल से क़रीब साल-दो-साल पहले
Dilip Kumar के बारे में कुछ बड़ी ही दिलचस्प बातें बताईं थीं
दस्तों, आप भी ज़रा दिल पर हाथ रखकर सुनिए
Hmm, जी हाँ
अ, Dilip साहब के साथ मैंने कोई तीन-चार फ़िल्मों में काम किया है
मगर उनके साथ किसी संजीदा film में काम करने की हसरत ही रही
और ये शिकायत मुझे आज भी है
एक film थी 'Amar', जिसमें बदक़िस्मती से मैं उनके साथ काम नहीं कर सकी
दूसरी film थी 'Footpath', जो मैंने ख़ुद भी नहीं देखी
तीसरी film 'Yahudi', जो कोई ख़ास जगह हासिल नहीं कर सकी
अब रह गईं: 'Azaad' और 'Kohinoor', दोनों कामयाब फ़िल्में थीं
मगर जैसा कि आप जानते हैं, दोनों ही comedy फ़िल्में थीं
इन फ़िल्मों में काम करते वक़्त
Dilip साहब की शख़्सियत का एक ख़ास रूप जो मेरे सामने आया
वो ये था कि उनके किरदार में सिर्फ़ संजीदगी ही नहीं
बल्कि ग़ज़ब की ख़ुद-ए'तिमादी भी है
और उनका ये confidence कठिन से कठिन हालात में भी ना सिर्फ़ उन्हें सहारा देता है
बल्कि उनके साथ काम करने वाले दूसरे लोगों का हौसला भी बढ़ाता है
Film 'Azaad' की shooting का एक वाक्या सुनाऊँ आपको?
Ooty और Coimbatore के बीच एक में ropeway है
जिस पर trolley की मदद से सामान ले जाया जाता है
Film का एक scene था जिसमें Dilip साहब मुझे शहर से दूर डाकुओं के ग़ारों में ले जाते हैं
हम-दोनों को एक trolley पर बैठकर वहाँ तक पहुँचना था
चुनांचे एक trolley पर तो मैं और Dilip साहब बैठ गए और दूसरी trolley पर cameraman
सफ़र शुरू हुआ, मगर, जब हम कोई तीन-चार सौ foot की बलंदी पर पहुँचे
तो आदत के मुताबिक़ मेरा तो सर चकराने लगा
और दो ट्रौलियों के वज़न से ropeway भी झुलने लगी
और बढ़ते-बढ़ते ये झूल इतना बढ़ा
कि हमारी trolley और ज़मीन के बीच मुश्किल से एक foot का फ़ासला रह गया होगा
Trolley अगर ज़मीन से टकरा कर उछलती तो...
ओह, मेरे तो हाथ-पाँव फूल गए
साँस रुकने लगी, हलख सूख गया
मगर Dilip साहब फिर भी Dilip साहब हैं
थोड़ी देर के लिए घबराहट तो उनपर भी तारी हो गई थी
मगर उनकी संजीदगी और ख़ुद-ए'तिमादी में कोई फ़र्क नहीं आया
उन्होंने मेरा हाथ थाम कर मुझे तसल्ली दी और मेरा हौसला बढ़ाया
हाथ उनका भी बर्फ़ की तरह ठंडा था, मगर, मुझे कुछ इत्मीनान ज़रूर हो गया
और फ़िर जो कुछ भी हुआ वो तो आपने film Azaad के scene में देखा ही होगा
आहा, क्या अदाकारा थीं Meena Kumari
क्या हुस्न था उनका और कैसी शहद में डूबी हुई आवाज़
काश कि वो इतनी कम उमर में हमसे ना बिछड़ी होतीं
बहरहाल, आइए बहनों और भाइयों अब आगे बढ़कर
सन् १९५८ के तीन सबसे ज़्यादा लोकप्रिय, सबसे ज़्यादा मक़बूल गीत सुनें
Number तीन पर था गीत उस film का
जिसमें Vyjayanthimala और Balraj Sahni की अदाकारी आज भी लोगों को याद है
Film का नाम था 'Kath Putli'
बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी?
सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
जहाँ जिधर साजन ले जाए
संग चलूँ मैं छाया सी
वो हैं मेरे जादूगर
मैं जादूगर की माया सी
ओ, जान-बूझकर छेड़ के मुझसे पूछे ये संसार
बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी
सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
पिया ना होते, मैं ना होती
जीवन राग सुनाता कौन?
प्यार थिरकता किसकी धुन पर?
दिल का साज़ बजाता कौन?
ओ, दूर-दूर जिस चमन से गुज़रे गाती जाए बहार
बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी?
सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
⏱️ Synced Lyrics
[00:00.01] ये तो Meena Kumari ने screen पर गीत के ज़रिए कहा था
[00:03.87] Dilip Kumar के प्यार में मुब्तला होकर
[00:06.46] मगर बहनों और भाइयों, मेरे पास एक पुराना tape ऐसी भी रखा हुआ है
[00:09.98] जिसमें Meena Kumari ने अपने इंतिक़ाल से क़रीब साल-दो-साल पहले
[00:14.87] Dilip Kumar के बारे में कुछ बड़ी ही दिलचस्प बातें बताईं थीं
[00:18.54] दस्तों, आप भी ज़रा दिल पर हाथ रखकर सुनिए
[00:21.90] Hmm, जी हाँ
[00:23.04] अ, Dilip साहब के साथ मैंने कोई तीन-चार फ़िल्मों में काम किया है
[00:27.11] मगर उनके साथ किसी संजीदा film में काम करने की हसरत ही रही
[00:31.03] और ये शिकायत मुझे आज भी है
[00:33.34] एक film थी 'Amar', जिसमें बदक़िस्मती से मैं उनके साथ काम नहीं कर सकी
[00:38.34] दूसरी film थी 'Footpath', जो मैंने ख़ुद भी नहीं देखी
[00:42.85] तीसरी film 'Yahudi', जो कोई ख़ास जगह हासिल नहीं कर सकी
[00:47.52] अब रह गईं: 'Azaad' और 'Kohinoor', दोनों कामयाब फ़िल्में थीं
[00:52.37] मगर जैसा कि आप जानते हैं, दोनों ही comedy फ़िल्में थीं
[00:56.18] इन फ़िल्मों में काम करते वक़्त
[00:58.26] Dilip साहब की शख़्सियत का एक ख़ास रूप जो मेरे सामने आया
[01:01.79] वो ये था कि उनके किरदार में सिर्फ़ संजीदगी ही नहीं
[01:05.38] बल्कि ग़ज़ब की ख़ुद-ए'तिमादी भी है
[01:08.06] और उनका ये confidence कठिन से कठिन हालात में भी ना सिर्फ़ उन्हें सहारा देता है
[01:13.38] बल्कि उनके साथ काम करने वाले दूसरे लोगों का हौसला भी बढ़ाता है
[01:17.74] Film 'Azaad' की shooting का एक वाक्या सुनाऊँ आपको?
[01:20.73] Ooty और Coimbatore के बीच एक में ropeway है
[01:23.82] जिस पर trolley की मदद से सामान ले जाया जाता है
[01:27.38] Film का एक scene था जिसमें Dilip साहब मुझे शहर से दूर डाकुओं के ग़ारों में ले जाते हैं
[01:32.97] हम-दोनों को एक trolley पर बैठकर वहाँ तक पहुँचना था
[01:36.14] चुनांचे एक trolley पर तो मैं और Dilip साहब बैठ गए और दूसरी trolley पर cameraman
[01:41.47] सफ़र शुरू हुआ, मगर, जब हम कोई तीन-चार सौ foot की बलंदी पर पहुँचे
[01:46.56] तो आदत के मुताबिक़ मेरा तो सर चकराने लगा
[01:49.74] और दो ट्रौलियों के वज़न से ropeway भी झुलने लगी
[01:53.81] और बढ़ते-बढ़ते ये झूल इतना बढ़ा
[01:56.56] कि हमारी trolley और ज़मीन के बीच मुश्किल से एक foot का फ़ासला रह गया होगा
[02:01.91] Trolley अगर ज़मीन से टकरा कर उछलती तो...
[02:04.77] ओह, मेरे तो हाथ-पाँव फूल गए
[02:07.24] साँस रुकने लगी, हलख सूख गया
[02:09.49] मगर Dilip साहब फिर भी Dilip साहब हैं
[02:12.12] थोड़ी देर के लिए घबराहट तो उनपर भी तारी हो गई थी
[02:15.14] मगर उनकी संजीदगी और ख़ुद-ए'तिमादी में कोई फ़र्क नहीं आया
[02:18.53] उन्होंने मेरा हाथ थाम कर मुझे तसल्ली दी और मेरा हौसला बढ़ाया
[02:23.21] हाथ उनका भी बर्फ़ की तरह ठंडा था, मगर, मुझे कुछ इत्मीनान ज़रूर हो गया
[02:28.16] और फ़िर जो कुछ भी हुआ वो तो आपने film Azaad के scene में देखा ही होगा
[02:34.66] आहा, क्या अदाकारा थीं Meena Kumari
[02:37.66] क्या हुस्न था उनका और कैसी शहद में डूबी हुई आवाज़
[02:41.52] काश कि वो इतनी कम उमर में हमसे ना बिछड़ी होतीं
[02:45.18] बहरहाल, आइए बहनों और भाइयों अब आगे बढ़कर
[02:47.72] सन् १९५८ के तीन सबसे ज़्यादा लोकप्रिय, सबसे ज़्यादा मक़बूल गीत सुनें
[02:53.70] Number तीन पर था गीत उस film का
[02:56.33] जिसमें Vyjayanthimala और Balraj Sahni की अदाकारी आज भी लोगों को याद है
[03:01.72] Film का नाम था 'Kath Putli'
[03:04.15]
[03:16.37] बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी?
[03:21.10] सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
[03:25.80] बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
[03:30.61] मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
[03:35.18]
[04:02.63] जहाँ जिधर साजन ले जाए
[04:05.62] संग चलूँ मैं छाया सी
[04:11.00] वो हैं मेरे जादूगर
[04:13.30] मैं जादूगर की माया सी
[04:16.57] ओ, जान-बूझकर छेड़ के मुझसे पूछे ये संसार
[04:24.56] बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी
[04:29.45] सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
[04:34.01] बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
[04:38.97] मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
[04:43.19]
[05:07.91] पिया ना होते, मैं ना होती
[05:10.73] जीवन राग सुनाता कौन?
[05:16.44] प्यार थिरकता किसकी धुन पर?
[05:18.85] दिल का साज़ बजाता कौन?
[05:21.61] ओ, दूर-दूर जिस चमन से गुज़रे गाती जाए बहार
[05:29.86] बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी?
[05:34.68] सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
[05:39.14] बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
[05:44.17] मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
[05:48.45]
[00:03.87] Dilip Kumar के प्यार में मुब्तला होकर
[00:06.46] मगर बहनों और भाइयों, मेरे पास एक पुराना tape ऐसी भी रखा हुआ है
[00:09.98] जिसमें Meena Kumari ने अपने इंतिक़ाल से क़रीब साल-दो-साल पहले
[00:14.87] Dilip Kumar के बारे में कुछ बड़ी ही दिलचस्प बातें बताईं थीं
[00:18.54] दस्तों, आप भी ज़रा दिल पर हाथ रखकर सुनिए
[00:21.90] Hmm, जी हाँ
[00:23.04] अ, Dilip साहब के साथ मैंने कोई तीन-चार फ़िल्मों में काम किया है
[00:27.11] मगर उनके साथ किसी संजीदा film में काम करने की हसरत ही रही
[00:31.03] और ये शिकायत मुझे आज भी है
[00:33.34] एक film थी 'Amar', जिसमें बदक़िस्मती से मैं उनके साथ काम नहीं कर सकी
[00:38.34] दूसरी film थी 'Footpath', जो मैंने ख़ुद भी नहीं देखी
[00:42.85] तीसरी film 'Yahudi', जो कोई ख़ास जगह हासिल नहीं कर सकी
[00:47.52] अब रह गईं: 'Azaad' और 'Kohinoor', दोनों कामयाब फ़िल्में थीं
[00:52.37] मगर जैसा कि आप जानते हैं, दोनों ही comedy फ़िल्में थीं
[00:56.18] इन फ़िल्मों में काम करते वक़्त
[00:58.26] Dilip साहब की शख़्सियत का एक ख़ास रूप जो मेरे सामने आया
[01:01.79] वो ये था कि उनके किरदार में सिर्फ़ संजीदगी ही नहीं
[01:05.38] बल्कि ग़ज़ब की ख़ुद-ए'तिमादी भी है
[01:08.06] और उनका ये confidence कठिन से कठिन हालात में भी ना सिर्फ़ उन्हें सहारा देता है
[01:13.38] बल्कि उनके साथ काम करने वाले दूसरे लोगों का हौसला भी बढ़ाता है
[01:17.74] Film 'Azaad' की shooting का एक वाक्या सुनाऊँ आपको?
[01:20.73] Ooty और Coimbatore के बीच एक में ropeway है
[01:23.82] जिस पर trolley की मदद से सामान ले जाया जाता है
[01:27.38] Film का एक scene था जिसमें Dilip साहब मुझे शहर से दूर डाकुओं के ग़ारों में ले जाते हैं
[01:32.97] हम-दोनों को एक trolley पर बैठकर वहाँ तक पहुँचना था
[01:36.14] चुनांचे एक trolley पर तो मैं और Dilip साहब बैठ गए और दूसरी trolley पर cameraman
[01:41.47] सफ़र शुरू हुआ, मगर, जब हम कोई तीन-चार सौ foot की बलंदी पर पहुँचे
[01:46.56] तो आदत के मुताबिक़ मेरा तो सर चकराने लगा
[01:49.74] और दो ट्रौलियों के वज़न से ropeway भी झुलने लगी
[01:53.81] और बढ़ते-बढ़ते ये झूल इतना बढ़ा
[01:56.56] कि हमारी trolley और ज़मीन के बीच मुश्किल से एक foot का फ़ासला रह गया होगा
[02:01.91] Trolley अगर ज़मीन से टकरा कर उछलती तो...
[02:04.77] ओह, मेरे तो हाथ-पाँव फूल गए
[02:07.24] साँस रुकने लगी, हलख सूख गया
[02:09.49] मगर Dilip साहब फिर भी Dilip साहब हैं
[02:12.12] थोड़ी देर के लिए घबराहट तो उनपर भी तारी हो गई थी
[02:15.14] मगर उनकी संजीदगी और ख़ुद-ए'तिमादी में कोई फ़र्क नहीं आया
[02:18.53] उन्होंने मेरा हाथ थाम कर मुझे तसल्ली दी और मेरा हौसला बढ़ाया
[02:23.21] हाथ उनका भी बर्फ़ की तरह ठंडा था, मगर, मुझे कुछ इत्मीनान ज़रूर हो गया
[02:28.16] और फ़िर जो कुछ भी हुआ वो तो आपने film Azaad के scene में देखा ही होगा
[02:34.66] आहा, क्या अदाकारा थीं Meena Kumari
[02:37.66] क्या हुस्न था उनका और कैसी शहद में डूबी हुई आवाज़
[02:41.52] काश कि वो इतनी कम उमर में हमसे ना बिछड़ी होतीं
[02:45.18] बहरहाल, आइए बहनों और भाइयों अब आगे बढ़कर
[02:47.72] सन् १९५८ के तीन सबसे ज़्यादा लोकप्रिय, सबसे ज़्यादा मक़बूल गीत सुनें
[02:53.70] Number तीन पर था गीत उस film का
[02:56.33] जिसमें Vyjayanthimala और Balraj Sahni की अदाकारी आज भी लोगों को याद है
[03:01.72] Film का नाम था 'Kath Putli'
[03:04.15]
[03:16.37] बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी?
[03:21.10] सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
[03:25.80] बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
[03:30.61] मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
[03:35.18]
[04:02.63] जहाँ जिधर साजन ले जाए
[04:05.62] संग चलूँ मैं छाया सी
[04:11.00] वो हैं मेरे जादूगर
[04:13.30] मैं जादूगर की माया सी
[04:16.57] ओ, जान-बूझकर छेड़ के मुझसे पूछे ये संसार
[04:24.56] बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी
[04:29.45] सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
[04:34.01] बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
[04:38.97] मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
[04:43.19]
[05:07.91] पिया ना होते, मैं ना होती
[05:10.73] जीवन राग सुनाता कौन?
[05:16.44] प्यार थिरकता किसकी धुन पर?
[05:18.85] दिल का साज़ बजाता कौन?
[05:21.61] ओ, दूर-दूर जिस चमन से गुज़रे गाती जाए बहार
[05:29.86] बोल री कठपुतली, डोरी कौन संग बाँधी?
[05:34.68] सच बतला, तू नाचे किसके लिए?
[05:39.14] बावरी कठपुतली, डोरी पिया संग बाँधी
[05:44.17] मैं नाचूँ अपने पिया के लिए
[05:48.45]