Zulmi Sang Ankh Ladi Re
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📜 Lyrics
ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
वो छुप-छुप के बंसरी बजाए
(वो छुप-छुप के बंसरी बजाए रे)
वो छुप-छुप के बंसरी बजाए
सुनाए मोहे मस्ती में डूबा हुआ राग रे
मोहे तारों की छाँव में बुलाए
चुराए मेरी निंदिया मैं रह जाऊँ जाग रे
लगे दिन छोटा, रात बड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए
(बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए रे)
बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए
हमारा जिया तड़पे किसी के लिए शाम से
मेरा पागलपना तो कोई देखो
पुकारूँ मैं चंदा को साजन के नाम से
फिरी मन पे जादू की छड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
वो छुप-छुप के बंसरी बजाए
(वो छुप-छुप के बंसरी बजाए रे)
वो छुप-छुप के बंसरी बजाए
सुनाए मोहे मस्ती में डूबा हुआ राग रे
मोहे तारों की छाँव में बुलाए
चुराए मेरी निंदिया मैं रह जाऊँ जाग रे
लगे दिन छोटा, रात बड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए
(बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए रे)
बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए
हमारा जिया तड़पे किसी के लिए शाम से
मेरा पागलपना तो कोई देखो
पुकारूँ मैं चंदा को साजन के नाम से
फिरी मन पे जादू की छड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
(ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
⏱️ Synced Lyrics
[00:23.71] ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[00:30.57] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[00:36.93] सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
[00:41.83] जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[00:49.43] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[00:56.06]
[01:05.58] वो छुप-छुप के बंसरी बजाए
[01:10.55] (वो छुप-छुप के बंसरी बजाए रे)
[01:14.69] वो छुप-छुप के बंसरी बजाए
[01:18.44] सुनाए मोहे मस्ती में डूबा हुआ राग रे
[01:28.49] मोहे तारों की छाँव में बुलाए
[01:32.37] चुराए मेरी निंदिया मैं रह जाऊँ जाग रे
[01:37.78] लगे दिन छोटा, रात बड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[01:45.58] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[01:51.60] सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
[01:56.33] जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[02:04.17] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[02:10.72]
[02:19.96] बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए
[02:24.66] (बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए रे)
[02:28.91] बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए
[02:33.14] हमारा जिया तड़पे किसी के लिए शाम से
[02:42.92] मेरा पागलपना तो कोई देखो
[02:46.97] पुकारूँ मैं चंदा को साजन के नाम से
[02:52.11] फिरी मन पे जादू की छड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[02:59.75] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[03:06.08] सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
[03:10.73] जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[03:18.29] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[03:24.35]
[00:30.57] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[00:36.93] सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
[00:41.83] जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[00:49.43] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[00:56.06]
[01:05.58] वो छुप-छुप के बंसरी बजाए
[01:10.55] (वो छुप-छुप के बंसरी बजाए रे)
[01:14.69] वो छुप-छुप के बंसरी बजाए
[01:18.44] सुनाए मोहे मस्ती में डूबा हुआ राग रे
[01:28.49] मोहे तारों की छाँव में बुलाए
[01:32.37] चुराए मेरी निंदिया मैं रह जाऊँ जाग रे
[01:37.78] लगे दिन छोटा, रात बड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[01:45.58] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[01:51.60] सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
[01:56.33] जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[02:04.17] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[02:10.72]
[02:19.96] बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए
[02:24.66] (बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए रे)
[02:28.91] बातों-बातों में रोग बढ़ा जाए
[02:33.14] हमारा जिया तड़पे किसी के लिए शाम से
[02:42.92] मेरा पागलपना तो कोई देखो
[02:46.97] पुकारूँ मैं चंदा को साजन के नाम से
[02:52.11] फिरी मन पे जादू की छड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[02:59.75] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
[03:06.08] सखी मैं का से कहूँ, री सखी का से कहूँ
[03:10.73] जाने कैसे ये बात बढ़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे
[03:18.29] (ज़ुल्मी संग आँख लड़ी, ज़ुल्मी संग आँख लड़ी रे)
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