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Daulat Ke Andhere Mein

👤 Mohammed Rafi 🎼 Insaaf ⏱️ 3:28
🎵 2285 characters
⏱️ 3:28 duration
🆔 ID: 4842061

📜 Lyrics

दौलत के अँधेरे में तेरा खो गया ईमान
तुझको ना रही अपने-पराए की भी पहचान

मग़रूर ना हो...
मग़रूर ना हो अपने मुक़द्दर पे, ओ नादान
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान

दुनिया का अजब रंग नज़र आने लगा है
एक भाई है जो भाई से टकराने लगा है
एक बेटा है जो माँ को भी ठुकराने लगा है, ओ

अफ़सोस कि इंसान बना जाता है शैतान
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान

ज़ालिम को हर एक ज़ुल्म से बाज़ आना पड़ेगा
लुटी हुई हर चीज़ को लौटाना पड़ेगा
इंसाफ़ की आवाज़ पे झुक जाना पड़ेगा, ओ

क़ुदरत का ये कानून बदलना नहीं आसान
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान

ये साज़, ये महफ़िल, ये तराने ना रहेंगे
ये हुस्न-ओ-मोहब्बत के फ़साने ना रहेंगे
जो आज है कल तक वो ज़माने ना रहेंगे, ओ

मिट जाएँगे एक पल में गुनाहों के ये सामाँ
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान

⏱️ Synced Lyrics

[00:06.25] दौलत के अँधेरे में तेरा खो गया ईमान
[00:22.62] तुझको ना रही अपने-पराए की भी पहचान
[00:41.91] मग़रूर ना हो...
[00:47.32] मग़रूर ना हो अपने मुक़द्दर पे, ओ नादान
[00:52.99] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[00:58.27] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[01:03.61]
[01:14.15] दुनिया का अजब रंग नज़र आने लगा है
[01:19.44] एक भाई है जो भाई से टकराने लगा है
[01:27.11] एक बेटा है जो माँ को भी ठुकराने लगा है, ओ
[01:35.15] अफ़सोस कि इंसान बना जाता है शैतान
[01:40.20] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[01:45.68] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[01:50.74]
[02:01.06] ज़ालिम को हर एक ज़ुल्म से बाज़ आना पड़ेगा
[02:06.38] लुटी हुई हर चीज़ को लौटाना पड़ेगा
[02:14.04] इंसाफ़ की आवाज़ पे झुक जाना पड़ेगा, ओ
[02:21.68] क़ुदरत का ये कानून बदलना नहीं आसान
[02:27.22] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[02:32.05] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[02:37.44]
[02:47.46] ये साज़, ये महफ़िल, ये तराने ना रहेंगे
[02:52.51] ये हुस्न-ओ-मोहब्बत के फ़साने ना रहेंगे
[03:00.25] जो आज है कल तक वो ज़माने ना रहेंगे, ओ
[03:07.95] मिट जाएँगे एक पल में गुनाहों के ये सामाँ
[03:12.93] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[03:17.98] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[03:22.94] अल्लाह की नज़रों में बराबर है सब इंसान
[03:27.99]

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