Falak Bola Khuda Ke Noor Ka
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🆔 ID: 4842117
📜 Lyrics
फ़लक बोला, "ख़ुदा के नूर का मैं आशियाना हूँ"
ज़मीं बोली, "उन्हीं जलवों का मैं भी आस्ताना हूँ"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "ख़ुदा के नूर का मैं आशियाना हूँ"
ज़मीं बोली...
ज़मीं बोली, "उन्हीं जलवों का मैं भी आस्ताना हूँ"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "ख़ुदा का हुस्न है मेरी फ़ज़ाओं में"
ज़मीं बोली, "ख़ुदा मौजूद है मेरी हवाओं में"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "घटाओं ने मेरी तुझको घटाया है"
ज़मीं बोली, "मेरे रब ने मुझे झुकना सिखाया है"
ज़मीं बोली, "मेरे रब ने मुझे झुकना सिखाया है"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "मेरे सूरज की किरणें तुझपे पड़ती हैं"
ज़मीं बोली...
ज़मीं बोली, "मेरी आहें तेरा दामन पकड़ती हैं"
फ़लक बोला...
हाँ, फ़लक बोला, "सितारों से चमकता है मेरा दामन"
ज़मीं बोली के "फूलों से महकता है मेरा गुलशन"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "तेरे फूलों के ऊपर मेरी शबनम है"
ज़मीं बोली...
ज़मीं बोली, "ख़ुदा के डर से मेरी आँख पूनम है"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला के "कितना हुस्न मेरी कहकशाँ में है"
ज़मीं बोली के "कितना दर्द मेरी दास्ताँ में है"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला के "मुझसे शम्मा रोशन चाँद ने की है"
ज़मीं बोली के "मुझको रोशनी ईमान ने दी है"
ज़मीं बोली के "मुझको रोशनी ईमान ने दी है"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "तेरा सीना गुनहगारों की बस्ती है"
ज़मीं बोली...
ज़मीं बोली, "गुनाहों पर मेरे रहमत परख़ती है"
फ़लक बोला...
ज़मीं बोली, "उन्हीं जलवों का मैं भी आस्ताना हूँ"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "ख़ुदा के नूर का मैं आशियाना हूँ"
ज़मीं बोली...
ज़मीं बोली, "उन्हीं जलवों का मैं भी आस्ताना हूँ"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "ख़ुदा का हुस्न है मेरी फ़ज़ाओं में"
ज़मीं बोली, "ख़ुदा मौजूद है मेरी हवाओं में"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "घटाओं ने मेरी तुझको घटाया है"
ज़मीं बोली, "मेरे रब ने मुझे झुकना सिखाया है"
ज़मीं बोली, "मेरे रब ने मुझे झुकना सिखाया है"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "मेरे सूरज की किरणें तुझपे पड़ती हैं"
ज़मीं बोली...
ज़मीं बोली, "मेरी आहें तेरा दामन पकड़ती हैं"
फ़लक बोला...
हाँ, फ़लक बोला, "सितारों से चमकता है मेरा दामन"
ज़मीं बोली के "फूलों से महकता है मेरा गुलशन"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "तेरे फूलों के ऊपर मेरी शबनम है"
ज़मीं बोली...
ज़मीं बोली, "ख़ुदा के डर से मेरी आँख पूनम है"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला के "कितना हुस्न मेरी कहकशाँ में है"
ज़मीं बोली के "कितना दर्द मेरी दास्ताँ में है"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला के "मुझसे शम्मा रोशन चाँद ने की है"
ज़मीं बोली के "मुझको रोशनी ईमान ने दी है"
ज़मीं बोली के "मुझको रोशनी ईमान ने दी है"
फ़लक बोला...
फ़लक बोला, "तेरा सीना गुनहगारों की बस्ती है"
ज़मीं बोली...
ज़मीं बोली, "गुनाहों पर मेरे रहमत परख़ती है"
फ़लक बोला...
⏱️ Synced Lyrics
[00:01.38] फ़लक बोला, "ख़ुदा के नूर का मैं आशियाना हूँ"
[00:10.77] ज़मीं बोली, "उन्हीं जलवों का मैं भी आस्ताना हूँ"
[00:21.75] फ़लक बोला...
[00:25.27] फ़लक बोला, "ख़ुदा के नूर का मैं आशियाना हूँ"
[00:30.81] ज़मीं बोली...
[00:33.76] ज़मीं बोली, "उन्हीं जलवों का मैं भी आस्ताना हूँ"
[00:39.49] फ़लक बोला...
[00:42.37] फ़लक बोला, "ख़ुदा का हुस्न है मेरी फ़ज़ाओं में"
[00:49.46] ज़मीं बोली, "ख़ुदा मौजूद है मेरी हवाओं में"
[00:55.33] फ़लक बोला...
[00:57.95] फ़लक बोला, "घटाओं ने मेरी तुझको घटाया है"
[01:05.20] ज़मीं बोली, "मेरे रब ने मुझे झुकना सिखाया है"
[01:10.88] ज़मीं बोली, "मेरे रब ने मुझे झुकना सिखाया है"
[01:16.54] फ़लक बोला...
[01:19.49] फ़लक बोला, "मेरे सूरज की किरणें तुझपे पड़ती हैं"
[01:24.84] ज़मीं बोली...
[01:27.79] ज़मीं बोली, "मेरी आहें तेरा दामन पकड़ती हैं"
[01:33.42] फ़लक बोला...
[01:36.37] हाँ, फ़लक बोला, "सितारों से चमकता है मेरा दामन"
[01:49.06] ज़मीं बोली के "फूलों से महकता है मेरा गुलशन"
[02:00.37] फ़लक बोला...
[02:03.52] फ़लक बोला, "तेरे फूलों के ऊपर मेरी शबनम है"
[02:09.16] ज़मीं बोली...
[02:11.84] ज़मीं बोली, "ख़ुदा के डर से मेरी आँख पूनम है"
[02:17.53] फ़लक बोला...
[02:20.25] फ़लक बोला के "कितना हुस्न मेरी कहकशाँ में है"
[02:27.21] ज़मीं बोली के "कितना दर्द मेरी दास्ताँ में है"
[02:32.71] फ़लक बोला...
[02:35.62] फ़लक बोला के "मुझसे शम्मा रोशन चाँद ने की है"
[02:42.32] ज़मीं बोली के "मुझको रोशनी ईमान ने दी है"
[02:47.84] ज़मीं बोली के "मुझको रोशनी ईमान ने दी है"
[02:53.60] फ़लक बोला...
[02:56.18] फ़लक बोला, "तेरा सीना गुनहगारों की बस्ती है"
[03:01.58] ज़मीं बोली...
[03:04.46] ज़मीं बोली, "गुनाहों पर मेरे रहमत परख़ती है"
[03:09.80] फ़लक बोला...
[03:11.43]
[00:10.77] ज़मीं बोली, "उन्हीं जलवों का मैं भी आस्ताना हूँ"
[00:21.75] फ़लक बोला...
[00:25.27] फ़लक बोला, "ख़ुदा के नूर का मैं आशियाना हूँ"
[00:30.81] ज़मीं बोली...
[00:33.76] ज़मीं बोली, "उन्हीं जलवों का मैं भी आस्ताना हूँ"
[00:39.49] फ़लक बोला...
[00:42.37] फ़लक बोला, "ख़ुदा का हुस्न है मेरी फ़ज़ाओं में"
[00:49.46] ज़मीं बोली, "ख़ुदा मौजूद है मेरी हवाओं में"
[00:55.33] फ़लक बोला...
[00:57.95] फ़लक बोला, "घटाओं ने मेरी तुझको घटाया है"
[01:05.20] ज़मीं बोली, "मेरे रब ने मुझे झुकना सिखाया है"
[01:10.88] ज़मीं बोली, "मेरे रब ने मुझे झुकना सिखाया है"
[01:16.54] फ़लक बोला...
[01:19.49] फ़लक बोला, "मेरे सूरज की किरणें तुझपे पड़ती हैं"
[01:24.84] ज़मीं बोली...
[01:27.79] ज़मीं बोली, "मेरी आहें तेरा दामन पकड़ती हैं"
[01:33.42] फ़लक बोला...
[01:36.37] हाँ, फ़लक बोला, "सितारों से चमकता है मेरा दामन"
[01:49.06] ज़मीं बोली के "फूलों से महकता है मेरा गुलशन"
[02:00.37] फ़लक बोला...
[02:03.52] फ़लक बोला, "तेरे फूलों के ऊपर मेरी शबनम है"
[02:09.16] ज़मीं बोली...
[02:11.84] ज़मीं बोली, "ख़ुदा के डर से मेरी आँख पूनम है"
[02:17.53] फ़लक बोला...
[02:20.25] फ़लक बोला के "कितना हुस्न मेरी कहकशाँ में है"
[02:27.21] ज़मीं बोली के "कितना दर्द मेरी दास्ताँ में है"
[02:32.71] फ़लक बोला...
[02:35.62] फ़लक बोला के "मुझसे शम्मा रोशन चाँद ने की है"
[02:42.32] ज़मीं बोली के "मुझको रोशनी ईमान ने दी है"
[02:47.84] ज़मीं बोली के "मुझको रोशनी ईमान ने दी है"
[02:53.60] फ़लक बोला...
[02:56.18] फ़लक बोला, "तेरा सीना गुनहगारों की बस्ती है"
[03:01.58] ज़मीं बोली...
[03:04.46] ज़मीं बोली, "गुनाहों पर मेरे रहमत परख़ती है"
[03:09.80] फ़लक बोला...
[03:11.43]