Taqdeer Ke Chakkar Men Ulat Pher
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⏱️ 3:19 duration
🆔 ID: 4842233
📜 Lyrics
तक़दीर के चक्कर ये उलट-फ़ेर, ये अँधेर
बनते ना लगे देर, बिगड़ते ना लगे देर
ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
दिन ढलता है, शाम आती है, बढ़ता है अँधेरा
फिर रात गुज़र जाती है, आता है सवेरा
ऐसे ही ग़म के बाद ख़ुशी का भी है फेरा
ऐसे ही ग़म के बाद ख़ुशी का भी है फेरा
दुख-दर्द के आगे तू कभी सर ना झुकाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
क्यूँ भूल गया, पगले, ये मशहूर कहानी?
काँटों में पला करती है फूलों की जवानी
इंसान तो कर देता है पत्थर को भी पानी
इंसान तो कर देता है पत्थर को भी पानी
हिम्मत से मुसीबत के ये दिन काटते जाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
बनते ना लगे देर, बिगड़ते ना लगे देर
ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
दिन ढलता है, शाम आती है, बढ़ता है अँधेरा
फिर रात गुज़र जाती है, आता है सवेरा
ऐसे ही ग़म के बाद ख़ुशी का भी है फेरा
ऐसे ही ग़म के बाद ख़ुशी का भी है फेरा
दुख-दर्द के आगे तू कभी सर ना झुकाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
क्यूँ भूल गया, पगले, ये मशहूर कहानी?
काँटों में पला करती है फूलों की जवानी
इंसान तो कर देता है पत्थर को भी पानी
इंसान तो कर देता है पत्थर को भी पानी
हिम्मत से मुसीबत के ये दिन काटते जाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
⏱️ Synced Lyrics
[00:03.96] तक़दीर के चक्कर ये उलट-फ़ेर, ये अँधेर
[00:16.59] बनते ना लगे देर, बिगड़ते ना लगे देर
[00:27.19]
[00:36.63] ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
[00:43.09] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[00:49.56] ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
[00:55.66] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[01:02.10]
[01:15.02] दिन ढलता है, शाम आती है, बढ़ता है अँधेरा
[01:21.29] फिर रात गुज़र जाती है, आता है सवेरा
[01:27.78] ऐसे ही ग़म के बाद ख़ुशी का भी है फेरा
[01:37.40] ऐसे ही ग़म के बाद ख़ुशी का भी है फेरा
[01:43.52] दुख-दर्द के आगे तू कभी सर ना झुकाना
[01:49.90] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[01:56.13] ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
[02:02.70] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[02:09.06]
[02:22.06] क्यूँ भूल गया, पगले, ये मशहूर कहानी?
[02:28.02] काँटों में पला करती है फूलों की जवानी
[02:34.53] इंसान तो कर देता है पत्थर को भी पानी
[02:44.16] इंसान तो कर देता है पत्थर को भी पानी
[02:50.51] हिम्मत से मुसीबत के ये दिन काटते जाना
[02:56.52] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[03:02.95] ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
[03:09.10] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[03:16.34]
[00:16.59] बनते ना लगे देर, बिगड़ते ना लगे देर
[00:27.19]
[00:36.63] ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
[00:43.09] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[00:49.56] ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
[00:55.66] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[01:02.10]
[01:15.02] दिन ढलता है, शाम आती है, बढ़ता है अँधेरा
[01:21.29] फिर रात गुज़र जाती है, आता है सवेरा
[01:27.78] ऐसे ही ग़म के बाद ख़ुशी का भी है फेरा
[01:37.40] ऐसे ही ग़म के बाद ख़ुशी का भी है फेरा
[01:43.52] दुख-दर्द के आगे तू कभी सर ना झुकाना
[01:49.90] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[01:56.13] ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
[02:02.70] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[02:09.06]
[02:22.06] क्यूँ भूल गया, पगले, ये मशहूर कहानी?
[02:28.02] काँटों में पला करती है फूलों की जवानी
[02:34.53] इंसान तो कर देता है पत्थर को भी पानी
[02:44.16] इंसान तो कर देता है पत्थर को भी पानी
[02:50.51] हिम्मत से मुसीबत के ये दिन काटते जाना
[02:56.52] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[03:02.95] ग़म हो के सितम, तू कभी आँसू ना बहाना
[03:09.10] झुक जाएगा एक दिन तेरे क़दमों पे ज़माना
[03:16.34]