Are Kaha Re
🎵 2001 characters
⏱️ 2:58 duration
🆔 ID: 4842301
📜 Lyrics
अरे, कहाँ के
धन्यवाद, कविचंद पुकारे
"जुग-जुग जियो कनोजी राय, मनोकामना पूरन हुई है
करीहें कृपा शारदा माए
गज-भर छाती जयचंदा की, काया सिंह बरन जो सुहाए"
अरे, मूँछें चाट रहीं गालों को...
मूँछें चाट रहीं गालों को, त्योंरी बदले, ओ, रही जाए
क्या कहना है राजनीति को
राजा रामचंद्र शरमात
अरे, दुश्मन के घर में मैं आया
स्वागत कियो मित्र की भाँत
किला बनाया है लोहे का
रक्षा करे गंग की धार
अरे, क्या मजाल
जो प्राण बचाकर पंछी निकल जाए उस पार
चौथे पर कोटे के अंदर बना स्वयंवर लाल-कमाल
अरे, बड़े-बड़े राजा..., हा, ह-हा, हा
बड़े-बड़े राजा चढ़ी-चढ़ी आए
देखे किसे मिलत जयमाल
अरे, गजब ताक जयचंद्र राय की
धमके सारा हिंदोस्तान
अरे, बात करों, क्या बात करों, क्या बात करो, क्या
बात करों क्या औरन की जब काँपे-काँपे-काँपे...
जब काँपे दिल्ली का चौहान
दिन पलटो, ओ पलटी घड़ी
पलटी हथ कमान
पीथल एही पा रखयों
दिन पलटयो चौहान
धन्यवाद, कविचंद पुकारे
"जुग-जुग जियो कनोजी राय, मनोकामना पूरन हुई है
करीहें कृपा शारदा माए
गज-भर छाती जयचंदा की, काया सिंह बरन जो सुहाए"
अरे, मूँछें चाट रहीं गालों को...
मूँछें चाट रहीं गालों को, त्योंरी बदले, ओ, रही जाए
क्या कहना है राजनीति को
राजा रामचंद्र शरमात
अरे, दुश्मन के घर में मैं आया
स्वागत कियो मित्र की भाँत
किला बनाया है लोहे का
रक्षा करे गंग की धार
अरे, क्या मजाल
जो प्राण बचाकर पंछी निकल जाए उस पार
चौथे पर कोटे के अंदर बना स्वयंवर लाल-कमाल
अरे, बड़े-बड़े राजा..., हा, ह-हा, हा
बड़े-बड़े राजा चढ़ी-चढ़ी आए
देखे किसे मिलत जयमाल
अरे, गजब ताक जयचंद्र राय की
धमके सारा हिंदोस्तान
अरे, बात करों, क्या बात करों, क्या बात करो, क्या
बात करों क्या औरन की जब काँपे-काँपे-काँपे...
जब काँपे दिल्ली का चौहान
दिन पलटो, ओ पलटी घड़ी
पलटी हथ कमान
पीथल एही पा रखयों
दिन पलटयो चौहान
⏱️ Synced Lyrics
[00:22.42] अरे, कहाँ के
[00:27.13] धन्यवाद, कविचंद पुकारे
[00:33.20] "जुग-जुग जियो कनोजी राय, मनोकामना पूरन हुई है
[00:44.98] करीहें कृपा शारदा माए
[00:50.98] गज-भर छाती जयचंदा की, काया सिंह बरन जो सुहाए"
[01:01.65] अरे, मूँछें चाट रहीं गालों को...
[01:07.40] मूँछें चाट रहीं गालों को, त्योंरी बदले, ओ, रही जाए
[01:19.23] क्या कहना है राजनीति को
[01:21.84] राजा रामचंद्र शरमात
[01:26.36] अरे, दुश्मन के घर में मैं आया
[01:28.99] स्वागत कियो मित्र की भाँत
[01:33.78] किला बनाया है लोहे का
[01:36.30] रक्षा करे गंग की धार
[01:40.70] अरे, क्या मजाल
[01:41.96] जो प्राण बचाकर पंछी निकल जाए उस पार
[01:48.05] चौथे पर कोटे के अंदर बना स्वयंवर लाल-कमाल
[01:54.90] अरे, बड़े-बड़े राजा..., हा, ह-हा, हा
[01:59.90] बड़े-बड़े राजा चढ़ी-चढ़ी आए
[02:02.03] देखे किसे मिलत जयमाल
[02:06.51] अरे, गजब ताक जयचंद्र राय की
[02:09.17] धमके सारा हिंदोस्तान
[02:13.50] अरे, बात करों, क्या बात करों, क्या बात करो, क्या
[02:18.47] बात करों क्या औरन की जब काँपे-काँपे-काँपे...
[02:22.80] जब काँपे दिल्ली का चौहान
[02:28.55] दिन पलटो, ओ पलटी घड़ी
[02:35.10] पलटी हथ कमान
[02:41.62] पीथल एही पा रखयों
[02:49.39] दिन पलटयो चौहान
[02:55.62]
[00:27.13] धन्यवाद, कविचंद पुकारे
[00:33.20] "जुग-जुग जियो कनोजी राय, मनोकामना पूरन हुई है
[00:44.98] करीहें कृपा शारदा माए
[00:50.98] गज-भर छाती जयचंदा की, काया सिंह बरन जो सुहाए"
[01:01.65] अरे, मूँछें चाट रहीं गालों को...
[01:07.40] मूँछें चाट रहीं गालों को, त्योंरी बदले, ओ, रही जाए
[01:19.23] क्या कहना है राजनीति को
[01:21.84] राजा रामचंद्र शरमात
[01:26.36] अरे, दुश्मन के घर में मैं आया
[01:28.99] स्वागत कियो मित्र की भाँत
[01:33.78] किला बनाया है लोहे का
[01:36.30] रक्षा करे गंग की धार
[01:40.70] अरे, क्या मजाल
[01:41.96] जो प्राण बचाकर पंछी निकल जाए उस पार
[01:48.05] चौथे पर कोटे के अंदर बना स्वयंवर लाल-कमाल
[01:54.90] अरे, बड़े-बड़े राजा..., हा, ह-हा, हा
[01:59.90] बड़े-बड़े राजा चढ़ी-चढ़ी आए
[02:02.03] देखे किसे मिलत जयमाल
[02:06.51] अरे, गजब ताक जयचंद्र राय की
[02:09.17] धमके सारा हिंदोस्तान
[02:13.50] अरे, बात करों, क्या बात करों, क्या बात करो, क्या
[02:18.47] बात करों क्या औरन की जब काँपे-काँपे-काँपे...
[02:22.80] जब काँपे दिल्ली का चौहान
[02:28.55] दिन पलटो, ओ पलटी घड़ी
[02:35.10] पलटी हथ कमान
[02:41.62] पीथल एही पा रखयों
[02:49.39] दिन पलटयो चौहान
[02:55.62]