Yeh Dil Ki Lagi Kya Hogi
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📜 Lyrics
ये दिल की लगी कम क्या होगी
ये इश्क़ भला कम क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा
फिर सुबह का आलम क्या होगा
नग़मो से बरसती है मस्ती
छलके हैं खुशी के पैमाने
छलके हैं खुशी के पैमाने
आज ऐसी बहारें आई हैं
कल जिनके बनेंगे अफ़साने
कल जिनके बनेंगे अफ़साने
अब इसे ज्यादा और हसीं ये प्यार का मौसम क्या होगा
अब इसे ज्यादा और हसीं ये प्यार का मौसम क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा
फिर सुबह का आलम क्या होगा
ये आज का रंग और ये महफ़िल
दिल भी है यहाँ दिलदार भी है
दिल भी है यहाँ दिलदार भी है
आँखों में कयामत के जलवे
सीने में तड़पता प्यार भी है
सीने में तड़पता प्यार भी है
इस रंग में कोई जी ले अगर
मरने का उसे ग़म क्या होगा
इस रंग में कोई जी ले अगर
मरने का उसे ग़म क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा
फिर सुबह का आलम क्या होगा
हालत है अजब दीवानों की
अब खैर नहीं परवानों की
अब खैर नहीं परवानों की
अन्जाम-ए-मोहब्बत क्या कहिये
लय बढ़ने लगी अरमानों की
लय बढ़ने लगी अरमानों की
ऐसे में जो पायल टूट गयी
फिर ऐ मेरे हमदम क्या होगा
ऐसे में जो पायल टूट गयी
फिर ऐ मेरे हमदम क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा
फिर सुबह का आलम क्या होगा
ये इश्क़ भला कम क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा
फिर सुबह का आलम क्या होगा
नग़मो से बरसती है मस्ती
छलके हैं खुशी के पैमाने
छलके हैं खुशी के पैमाने
आज ऐसी बहारें आई हैं
कल जिनके बनेंगे अफ़साने
कल जिनके बनेंगे अफ़साने
अब इसे ज्यादा और हसीं ये प्यार का मौसम क्या होगा
अब इसे ज्यादा और हसीं ये प्यार का मौसम क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा
फिर सुबह का आलम क्या होगा
ये आज का रंग और ये महफ़िल
दिल भी है यहाँ दिलदार भी है
दिल भी है यहाँ दिलदार भी है
आँखों में कयामत के जलवे
सीने में तड़पता प्यार भी है
सीने में तड़पता प्यार भी है
इस रंग में कोई जी ले अगर
मरने का उसे ग़म क्या होगा
इस रंग में कोई जी ले अगर
मरने का उसे ग़म क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा
फिर सुबह का आलम क्या होगा
हालत है अजब दीवानों की
अब खैर नहीं परवानों की
अब खैर नहीं परवानों की
अन्जाम-ए-मोहब्बत क्या कहिये
लय बढ़ने लगी अरमानों की
लय बढ़ने लगी अरमानों की
ऐसे में जो पायल टूट गयी
फिर ऐ मेरे हमदम क्या होगा
ऐसे में जो पायल टूट गयी
फिर ऐ मेरे हमदम क्या होगा
जब रात है ऐसी मतवाली
फिर सुबह का आलम क्या होगा
फिर सुबह का आलम क्या होगा