Badal Yun Garaj Hai
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🆔 ID: 4846810
📜 Lyrics
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
बाहर भी तूफान, अंदर भी तूफान
बीच में दो तूफ़ानों के ये शीशे का मकान
बाहर भी तूफान, अंदर भी तूफान
बीच में दो तूफ़ानों के ये शीशे का मकान
ऐसे दिल धड़कता है
अरे ऐसे दिल धड़कता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
ये दीवानी शाम, ये तूफ़ानी शाम
आग बरसती है सावन में पानी का है नाम
ये दीवानी शाम, ये तूफ़ानी शाम
आग बरसती है सावन में पानी का है नाम
बस कुछ भी हो सकता है
अरे बस कुछ भी हो सकता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
तौबा हुस्न-ए-यार, बदले रंग हज़ार
शर्म कभी आती है और कभी आता है प्यार
तौबा हुस्न-ए-यार, बदले रंग हज़ार
शर्म कभी आती है और कभी आता है प्यार
देखे कौन ठहरता है
अरे देखे कौन ठहरता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
तुम बैठो उस पार, हम बैठे इस पार
आओ अपने बीच बना ले हम कोई दीवार
तुम बैठो उस पार, हम बैठे इस पार
आओ अपने बीच बना ले हम कोई दीवार
दिल फिर भी मिल सकता है
हो दिल फिर भी मिल सकता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
आ हा हा हा हा हा ला
ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
हं हं हं हं हं हं हं
हं हं हं हं हं हं
ला ला ला ला ला ला ला
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
बाहर भी तूफान, अंदर भी तूफान
बीच में दो तूफ़ानों के ये शीशे का मकान
बाहर भी तूफान, अंदर भी तूफान
बीच में दो तूफ़ानों के ये शीशे का मकान
ऐसे दिल धड़कता है
अरे ऐसे दिल धड़कता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
ये दीवानी शाम, ये तूफ़ानी शाम
आग बरसती है सावन में पानी का है नाम
ये दीवानी शाम, ये तूफ़ानी शाम
आग बरसती है सावन में पानी का है नाम
बस कुछ भी हो सकता है
अरे बस कुछ भी हो सकता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
तौबा हुस्न-ए-यार, बदले रंग हज़ार
शर्म कभी आती है और कभी आता है प्यार
तौबा हुस्न-ए-यार, बदले रंग हज़ार
शर्म कभी आती है और कभी आता है प्यार
देखे कौन ठहरता है
अरे देखे कौन ठहरता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
तुम बैठो उस पार, हम बैठे इस पार
आओ अपने बीच बना ले हम कोई दीवार
तुम बैठो उस पार, हम बैठे इस पार
आओ अपने बीच बना ले हम कोई दीवार
दिल फिर भी मिल सकता है
हो दिल फिर भी मिल सकता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
आ हा हा हा हा हा ला
ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
हं हं हं हं हं हं हं
हं हं हं हं हं हं
ला ला ला ला ला ला ला
⏱️ Synced Lyrics
[00:25.55] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[00:31.53] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[00:37.58] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[00:47.14] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[00:53.29] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[00:59.72]
[01:05.52] बाहर भी तूफान, अंदर भी तूफान
[01:11.34] बीच में दो तूफ़ानों के ये शीशे का मकान
[01:17.98] बाहर भी तूफान, अंदर भी तूफान
[01:23.65] बीच में दो तूफ़ानों के ये शीशे का मकान
[01:29.73] ऐसे दिल धड़कता है
[01:35.63] अरे ऐसे दिल धड़कता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[01:41.98] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[01:48.37]
[02:06.55] ये दीवानी शाम, ये तूफ़ानी शाम
[02:12.46] आग बरसती है सावन में पानी का है नाम
[02:18.57] ये दीवानी शाम, ये तूफ़ानी शाम
[02:24.52] आग बरसती है सावन में पानी का है नाम
[02:30.62] बस कुछ भी हो सकता है
[02:36.41] अरे बस कुछ भी हो सकता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[02:42.64] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[02:49.26]
[03:04.26] तौबा हुस्न-ए-यार, बदले रंग हज़ार
[03:10.12] शर्म कभी आती है और कभी आता है प्यार
[03:16.12] तौबा हुस्न-ए-यार, बदले रंग हज़ार
[03:22.13] शर्म कभी आती है और कभी आता है प्यार
[03:28.31] देखे कौन ठहरता है
[03:33.97] अरे देखे कौन ठहरता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[03:40.22] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[03:46.68]
[04:13.93] तुम बैठो उस पार, हम बैठे इस पार
[04:19.93] आओ अपने बीच बना ले हम कोई दीवार
[04:25.89] तुम बैठो उस पार, हम बैठे इस पार
[04:31.95] आओ अपने बीच बना ले हम कोई दीवार
[04:37.99] दिल फिर भी मिल सकता है
[04:43.64] हो दिल फिर भी मिल सकता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[04:50.09] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[04:59.27] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[05:05.08] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[05:11.48] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[05:17.51] आ हा हा हा हा हा ला
[05:20.63] ला ला ला ला ला ला ला
[05:23.58] ला ला ला ला ला ला
[05:26.56] हं हं हं हं हं हं हं
[05:29.46] हं हं हं हं हं हं
[05:32.51] ला ला ला ला ला ला ला
[05:35.84]
[00:31.53] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[00:37.58] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[00:47.14] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[00:53.29] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[00:59.72]
[01:05.52] बाहर भी तूफान, अंदर भी तूफान
[01:11.34] बीच में दो तूफ़ानों के ये शीशे का मकान
[01:17.98] बाहर भी तूफान, अंदर भी तूफान
[01:23.65] बीच में दो तूफ़ानों के ये शीशे का मकान
[01:29.73] ऐसे दिल धड़कता है
[01:35.63] अरे ऐसे दिल धड़कता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[01:41.98] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[01:48.37]
[02:06.55] ये दीवानी शाम, ये तूफ़ानी शाम
[02:12.46] आग बरसती है सावन में पानी का है नाम
[02:18.57] ये दीवानी शाम, ये तूफ़ानी शाम
[02:24.52] आग बरसती है सावन में पानी का है नाम
[02:30.62] बस कुछ भी हो सकता है
[02:36.41] अरे बस कुछ भी हो सकता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[02:42.64] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[02:49.26]
[03:04.26] तौबा हुस्न-ए-यार, बदले रंग हज़ार
[03:10.12] शर्म कभी आती है और कभी आता है प्यार
[03:16.12] तौबा हुस्न-ए-यार, बदले रंग हज़ार
[03:22.13] शर्म कभी आती है और कभी आता है प्यार
[03:28.31] देखे कौन ठहरता है
[03:33.97] अरे देखे कौन ठहरता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[03:40.22] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[03:46.68]
[04:13.93] तुम बैठो उस पार, हम बैठे इस पार
[04:19.93] आओ अपने बीच बना ले हम कोई दीवार
[04:25.89] तुम बैठो उस पार, हम बैठे इस पार
[04:31.95] आओ अपने बीच बना ले हम कोई दीवार
[04:37.99] दिल फिर भी मिल सकता है
[04:43.64] हो दिल फिर भी मिल सकता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[04:50.09] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[04:59.27] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[05:05.08] चमक चमक के लपक के ये बिजली हम पे गिर जायेगी
[05:11.48] बादल यूँ गरजता है, डर कुछ ऐसा लगता है
[05:17.51] आ हा हा हा हा हा ला
[05:20.63] ला ला ला ला ला ला ला
[05:23.58] ला ला ला ला ला ला
[05:26.56] हं हं हं हं हं हं हं
[05:29.46] हं हं हं हं हं हं
[05:32.51] ला ला ला ला ला ला ला
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