Chera Kya Dekhte Ho
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📜 Lyrics
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
मौसम पल में बदल जाएगा
पत्थर दिल भी पिघल जाएगा
मेरी मोहब्बत में है
कितना असर देखो न
कितना असर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
मौसम पल में बदल जाएगा
पत्थर दिल भी पिघल जाएगा
मेरी मोहब्बत में है
कितना असर देखो न
कितना असर देखो न
थोड़े से करीब आओ
ऐसे न इतराओ
मुझसे सनम दूर बैठे हो क्या
थोड़े से करीब आओ
ऐसे न इतराओ
मुझसे सनम दूर बैठे हो क्या
बेचैन कर दूंगा इतना तुम्हें
आके लिपट जाओगी दिलरुबा
ऐसे क्या सोचती हो
आके इधर देखो न
आके इधर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
मैं तो तुम्हारी हूँ
तुमपे दिल हारी हूँ
फिर किसलिए हैं ये बेताबियाँ
मैं तो तुम्हारी हूँ
तुमपे दिल हारी हूँ
फिर किसलिए हैं ये बेताबियाँ
आके गले से लगा लो मुझे
अब दूरियां न रहें दरमियान
किसने तुम्हें रोका है
शाम-ओ-सहर देखो न
शाम-ओ-सहर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
मौसम पल में बदल जाएगा
पत्थर दिल भी पिघल जाएगा
मेरी मोहब्बत में है
कितना असर देखो न
कितना असर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
मौसम पल में बदल जाएगा
पत्थर दिल भी पिघल जाएगा
मेरी मोहब्बत में है
कितना असर देखो न
कितना असर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
मौसम पल में बदल जाएगा
पत्थर दिल भी पिघल जाएगा
मेरी मोहब्बत में है
कितना असर देखो न
कितना असर देखो न
थोड़े से करीब आओ
ऐसे न इतराओ
मुझसे सनम दूर बैठे हो क्या
थोड़े से करीब आओ
ऐसे न इतराओ
मुझसे सनम दूर बैठे हो क्या
बेचैन कर दूंगा इतना तुम्हें
आके लिपट जाओगी दिलरुबा
ऐसे क्या सोचती हो
आके इधर देखो न
आके इधर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
मैं तो तुम्हारी हूँ
तुमपे दिल हारी हूँ
फिर किसलिए हैं ये बेताबियाँ
मैं तो तुम्हारी हूँ
तुमपे दिल हारी हूँ
फिर किसलिए हैं ये बेताबियाँ
आके गले से लगा लो मुझे
अब दूरियां न रहें दरमियान
किसने तुम्हें रोका है
शाम-ओ-सहर देखो न
शाम-ओ-सहर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न
मौसम पल में बदल जाएगा
पत्थर दिल भी पिघल जाएगा
मेरी मोहब्बत में है
कितना असर देखो न
कितना असर देखो न
चेहरा क्या देखते हो
दिल में उतरकर देखो न
दिल में उतरकर देखो न