Hamari Hi Mutthi Mein, Pt. 1
🎵 2947 characters
⏱️ 4:35 duration
🆔 ID: 4854697
📜 Lyrics
हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी
किसने लिखी हैं नहीं जानना है
(हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी)
(किसने लिखी हैं नहीं जानना है)
सुलझाने उनको न आएगा कोई
समझना हैं उनको, ये अपना करम है
अपने करम से दिखाना है सबको
खुद का पनपना, उभरना है खुदको
अँधेरा मिटाएँ जो नन्हा शरारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
हमारे पीछे कोई आए ना आए
हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है
(हमारे पीछे कोई आए ना आए)
(हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है)
जिन पर हैं चलना नई पीढ़ीयों को
उन्ही रास्तों को बनाना हमें हैं
जो भी साथ आए उन्हें साथ ले ले
अगर ना कोई साथ दे तो अकेले
सुलगा के खुद को मिटा ले अँधेरा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी
किसने लिखी हैं नहीं जानना है
(हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी)
(किसने लिखी हैं नहीं जानना है)
सुलझाने उनको न आएगा कोई
समझना हैं उनको, ये अपना करम है
अपने करम से दिखाना है सबको
खुद का पनपना, उभरना है खुदको
अँधेरा मिटाएँ जो नन्हा शरारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
हमारे पीछे कोई आए ना आए
हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है
(हमारे पीछे कोई आए ना आए)
(हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है)
जिन पर हैं चलना नई पीढ़ीयों को
उन्ही रास्तों को बनाना हमें हैं
जो भी साथ आए उन्हें साथ ले ले
अगर ना कोई साथ दे तो अकेले
सुलगा के खुद को मिटा ले अँधेरा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
(हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
(जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
⏱️ Synced Lyrics
[00:15.12] हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
[00:20.27] जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
[00:25.03] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[00:29.92] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[00:34.44] कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
[00:39.47] दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
[00:44.38] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[00:49.30] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[00:54.08] हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
[00:58.93] जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
[01:04.05]
[01:08.62] हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी
[01:12.79] किसने लिखी हैं नहीं जानना है
[01:18.19] (हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी)
[01:23.20] (किसने लिखी हैं नहीं जानना है)
[01:27.91] सुलझाने उनको न आएगा कोई
[01:32.86] समझना हैं उनको, ये अपना करम है
[01:37.44]
[01:42.44] अपने करम से दिखाना है सबको
[01:47.26] खुद का पनपना, उभरना है खुदको
[01:54.33] अँधेरा मिटाएँ जो नन्हा शरारा
[01:59.25] दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
[02:03.96] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[02:08.89] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[02:13.77] हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
[02:18.56] जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
[02:23.50]
[02:28.07] हमारे पीछे कोई आए ना आए
[02:32.76] हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है
[02:37.83] (हमारे पीछे कोई आए ना आए)
[02:42.42] (हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है)
[02:47.46] जिन पर हैं चलना नई पीढ़ीयों को
[02:52.05] उन्ही रास्तों को बनाना हमें हैं
[02:56.83]
[03:01.48] जो भी साथ आए उन्हें साथ ले ले
[03:06.26] अगर ना कोई साथ दे तो अकेले
[03:13.59] सुलगा के खुद को मिटा ले अँधेरा
[03:18.13] दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
[03:22.98] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[03:27.93] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[03:32.69] कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
[03:37.36] दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
[03:42.13] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[03:47.08] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[03:51.97]
[00:20.27] जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
[00:25.03] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[00:29.92] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[00:34.44] कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
[00:39.47] दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
[00:44.38] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[00:49.30] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[00:54.08] हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
[00:58.93] जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
[01:04.05]
[01:08.62] हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी
[01:12.79] किसने लिखी हैं नहीं जानना है
[01:18.19] (हथेली पे रेखाएँ हैं सब अधूरी)
[01:23.20] (किसने लिखी हैं नहीं जानना है)
[01:27.91] सुलझाने उनको न आएगा कोई
[01:32.86] समझना हैं उनको, ये अपना करम है
[01:37.44]
[01:42.44] अपने करम से दिखाना है सबको
[01:47.26] खुद का पनपना, उभरना है खुदको
[01:54.33] अँधेरा मिटाएँ जो नन्हा शरारा
[01:59.25] दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
[02:03.96] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[02:08.89] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[02:13.77] हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा
[02:18.56] जब भी खुलेगी चमकेगा तारा
[02:23.50]
[02:28.07] हमारे पीछे कोई आए ना आए
[02:32.76] हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है
[02:37.83] (हमारे पीछे कोई आए ना आए)
[02:42.42] (हमें ही तो पहले पहोचना वहाँ है)
[02:47.46] जिन पर हैं चलना नई पीढ़ीयों को
[02:52.05] उन्ही रास्तों को बनाना हमें हैं
[02:56.83]
[03:01.48] जो भी साथ आए उन्हें साथ ले ले
[03:06.26] अगर ना कोई साथ दे तो अकेले
[03:13.59] सुलगा के खुद को मिटा ले अँधेरा
[03:18.13] दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
[03:22.98] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[03:27.93] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[03:32.69] कभी ना ढले जो, वो ही सितारा
[03:37.36] दिशा जिससे पहचाने संसार सारा
[03:42.13] (हमारी ही मुट्ठी में आकाश सारा)
[03:47.08] (जब भी खुलेगी चमकेगा तारा)
[03:51.97]