Dekha Ek Khwab (with Dialogues)
🎵 3449 characters
⏱️ 5:56 duration
🆔 ID: 512245
📜 Lyrics
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
ये कम्बख्त याद ही तो
तबाह कर देती है Doctor साहब
उस गली से गुज़र हुआ नही की
पलटना मुश्किल हो जाता है
फिर तो ज़रूर कोई ऐसी याद होगी
जिसका वास्ता आपके दिल से होगा
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
ये ग़िला है आप की निगाहों से
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
ये तेरे प्यार की है जादूगरी
तेरी आवाज़ है हवाओं में
प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में
धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
मेरा दिल है तेरी पनाहों में
आ छुपा लूँ तुझे मैं बाहों में
तेरी तस्वीर है निगाहों में
दूर तक रोशनी है राहों में
कल अगर न रोशनी के काफ़िले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
ये ग़िला है आप की निगाहों से
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
ये कम्बख्त याद ही तो
तबाह कर देती है Doctor साहब
उस गली से गुज़र हुआ नही की
पलटना मुश्किल हो जाता है
फिर तो ज़रूर कोई ऐसी याद होगी
जिसका वास्ता आपके दिल से होगा
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
ये ग़िला है आप की निगाहों से
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
ये तेरे प्यार की है जादूगरी
तेरी आवाज़ है हवाओं में
प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में
धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
मेरा दिल है तेरी पनाहों में
आ छुपा लूँ तुझे मैं बाहों में
तेरी तस्वीर है निगाहों में
दूर तक रोशनी है राहों में
कल अगर न रोशनी के काफ़िले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
ये ग़िला है आप की निगाहों से
फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
⏱️ Synced Lyrics
[00:01.40] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[00:08.35] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[00:16.04] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[00:24.15] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[00:31.97] धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
[00:39.98] क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
[00:47.94] प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
[00:54.77] प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
[01:02.77] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[01:10.78] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[01:19.03] ये कम्बख्त याद ही तो
[01:20.03] तबाह कर देती है Doctor साहब
[01:22.18] उस गली से गुज़र हुआ नही की
[01:24.46] पलटना मुश्किल हो जाता है
[01:27.72] फिर तो ज़रूर कोई ऐसी याद होगी
[01:29.67] जिसका वास्ता आपके दिल से होगा
[02:16.52] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[02:20.86] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[02:25.60] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[02:30.37] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[02:35.13] ये ग़िला है आप की निगाहों से
[02:39.76] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[02:45.46] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[02:49.61] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[03:23.99] मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
[03:28.23] ये तेरे प्यार की है जादूगरी
[03:37.72] तेरी आवाज़ है हवाओं में
[03:42.17] प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में
[03:46.52] धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
[03:51.63] क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
[03:56.54] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[04:01.23] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[04:33.19] मेरा दिल है तेरी पनाहों में
[04:37.69] आ छुपा लूँ तुझे मैं बाहों में
[04:47.30] तेरी तस्वीर है निगाहों में
[04:51.76] दूर तक रोशनी है राहों में
[04:56.06] कल अगर न रोशनी के काफ़िले हुए
[05:01.13] प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
[05:05.84] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[05:10.34] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[05:15.12] ये ग़िला है आप की निगाहों से
[05:20.08] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[05:24.68] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[05:29.20] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[05:34.34]
[00:08.35] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[00:16.04] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[00:24.15] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[00:31.97] धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
[00:39.98] क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
[00:47.94] प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
[00:54.77] प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
[01:02.77] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[01:10.78] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[01:19.03] ये कम्बख्त याद ही तो
[01:20.03] तबाह कर देती है Doctor साहब
[01:22.18] उस गली से गुज़र हुआ नही की
[01:24.46] पलटना मुश्किल हो जाता है
[01:27.72] फिर तो ज़रूर कोई ऐसी याद होगी
[01:29.67] जिसका वास्ता आपके दिल से होगा
[02:16.52] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[02:20.86] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[02:25.60] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[02:30.37] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[02:35.13] ये ग़िला है आप की निगाहों से
[02:39.76] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[02:45.46] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[02:49.61] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[03:23.99] मेरी साँसों में बसी ख़ुशबू तेरी
[03:28.23] ये तेरे प्यार की है जादूगरी
[03:37.72] तेरी आवाज़ है हवाओं में
[03:42.17] प्यार का रंग है फ़िज़ाओं में
[03:46.52] धड़कनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
[03:51.63] क्या कहूँ के शर्म से हैं लब सिले हुए
[03:56.54] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[04:01.23] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[04:33.19] मेरा दिल है तेरी पनाहों में
[04:37.69] आ छुपा लूँ तुझे मैं बाहों में
[04:47.30] तेरी तस्वीर है निगाहों में
[04:51.76] दूर तक रोशनी है राहों में
[04:56.06] कल अगर न रोशनी के काफ़िले हुए
[05:01.13] प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
[05:05.84] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[05:10.34] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[05:15.12] ये ग़िला है आप की निगाहों से
[05:20.08] फूल भी हों दर्मियां तो फ़ासले हुए
[05:24.68] देखा एक ख़्वाब तो ये सिलसिले हुए
[05:29.20] दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए
[05:34.34]