Dil Se Dil
🎵 2279 characters
⏱️ 3:32 duration
🆔 ID: 512424
📜 Lyrics
दिल से दिल मिल गये है तो
चाहिए फिर इस दिल को क्या
जादू है मीठी बातों का
जिसने धड़कन को ही छू लिया
कवि की कल्पना या कोई आईना
या धुन्धला सपना जिससे चहेरा मिल गया
या जैसे तितली लुटाए उड़े हो मस्तियाँ
वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
चमक से चाँद भी ढले
है सादगी जैसे लोरी हो कोई
वो जैसे चाँदनी खिले
बोले बाँसुरी सी सबनम सिंदूरी सी
घुल जाए हवाओं में
हल्की बारीशों सी गहेरी ख्वाहीशौं सी
इतराये अदाओं में
लहराए जो चुनर तो जैसे नदिया लगे
शर्मीली इस उमर पे छाए खुशियाँ लगी
भरे जो सूरमा शहीद करे सूरमा काई
वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
चमक से चाँद भी ढले
है सादगी जैसे लोरी हो कोई
वो जैसे चाँदनी खिले
योवन के झड़ी सी मलमल के लड़ी सी
मूरत संग मरमरी
झरते मोतियो सी जड़ते आदतो सी
बिज़ली जैसी मनचली
युगों युगों से सीता का मैं राम बनू
मेहंदी की नकासीयो में छुपा नाम बनू
मैं फिर से थाम लूँ
वो हाथ वोही है दुआ यही
वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
चमक से चाँद भी ढले
है सादगी जैसे लोरी हो कोई
वो जैसे चाँदनी खिले
चाहिए फिर इस दिल को क्या
जादू है मीठी बातों का
जिसने धड़कन को ही छू लिया
कवि की कल्पना या कोई आईना
या धुन्धला सपना जिससे चहेरा मिल गया
या जैसे तितली लुटाए उड़े हो मस्तियाँ
वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
चमक से चाँद भी ढले
है सादगी जैसे लोरी हो कोई
वो जैसे चाँदनी खिले
बोले बाँसुरी सी सबनम सिंदूरी सी
घुल जाए हवाओं में
हल्की बारीशों सी गहेरी ख्वाहीशौं सी
इतराये अदाओं में
लहराए जो चुनर तो जैसे नदिया लगे
शर्मीली इस उमर पे छाए खुशियाँ लगी
भरे जो सूरमा शहीद करे सूरमा काई
वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
चमक से चाँद भी ढले
है सादगी जैसे लोरी हो कोई
वो जैसे चाँदनी खिले
योवन के झड़ी सी मलमल के लड़ी सी
मूरत संग मरमरी
झरते मोतियो सी जड़ते आदतो सी
बिज़ली जैसी मनचली
युगों युगों से सीता का मैं राम बनू
मेहंदी की नकासीयो में छुपा नाम बनू
मैं फिर से थाम लूँ
वो हाथ वोही है दुआ यही
वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
चमक से चाँद भी ढले
है सादगी जैसे लोरी हो कोई
वो जैसे चाँदनी खिले
⏱️ Synced Lyrics
[00:10.79] दिल से दिल मिल गये है तो
[00:14.26] चाहिए फिर इस दिल को क्या
[00:19.70] जादू है मीठी बातों का
[00:23.85] जिसने धड़कन को ही छू लिया
[00:28.90] कवि की कल्पना या कोई आईना
[00:33.08] या धुन्धला सपना जिससे चहेरा मिल गया
[00:38.18] या जैसे तितली लुटाए उड़े हो मस्तियाँ
[00:43.09] वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
[00:47.71] चमक से चाँद भी ढले
[00:53.13] है सादगी जैसे लोरी हो कोई
[00:58.07] वो जैसे चाँदनी खिले
[01:22.76] बोले बाँसुरी सी सबनम सिंदूरी सी
[01:26.47] घुल जाए हवाओं में
[01:32.12] हल्की बारीशों सी गहेरी ख्वाहीशौं सी
[01:36.74] इतराये अदाओं में
[01:40.62] लहराए जो चुनर तो जैसे नदिया लगे
[01:44.88] शर्मीली इस उमर पे छाए खुशियाँ लगी
[01:49.82] भरे जो सूरमा शहीद करे सूरमा काई
[01:55.16] वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
[02:00.59] चमक से चाँद भी ढले
[02:05.33] है सादगी जैसे लोरी हो कोई
[02:10.29] वो जैसे चाँदनी खिले
[02:34.46] योवन के झड़ी सी मलमल के लड़ी सी
[02:38.77] मूरत संग मरमरी
[02:43.92] झरते मोतियो सी जड़ते आदतो सी
[02:48.58] बिज़ली जैसी मनचली
[02:51.98] युगों युगों से सीता का मैं राम बनू
[02:56.90] मेहंदी की नकासीयो में छुपा नाम बनू
[03:01.62] मैं फिर से थाम लूँ
[03:03.70] वो हाथ वोही है दुआ यही
[03:07.72] वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
[03:12.79] चमक से चाँद भी ढले
[03:16.96] है सादगी जैसे लोरी हो कोई
[03:22.53] वो जैसे चाँदनी खिले
[03:31.63]
[00:14.26] चाहिए फिर इस दिल को क्या
[00:19.70] जादू है मीठी बातों का
[00:23.85] जिसने धड़कन को ही छू लिया
[00:28.90] कवि की कल्पना या कोई आईना
[00:33.08] या धुन्धला सपना जिससे चहेरा मिल गया
[00:38.18] या जैसे तितली लुटाए उड़े हो मस्तियाँ
[00:43.09] वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
[00:47.71] चमक से चाँद भी ढले
[00:53.13] है सादगी जैसे लोरी हो कोई
[00:58.07] वो जैसे चाँदनी खिले
[01:22.76] बोले बाँसुरी सी सबनम सिंदूरी सी
[01:26.47] घुल जाए हवाओं में
[01:32.12] हल्की बारीशों सी गहेरी ख्वाहीशौं सी
[01:36.74] इतराये अदाओं में
[01:40.62] लहराए जो चुनर तो जैसे नदिया लगे
[01:44.88] शर्मीली इस उमर पे छाए खुशियाँ लगी
[01:49.82] भरे जो सूरमा शहीद करे सूरमा काई
[01:55.16] वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
[02:00.59] चमक से चाँद भी ढले
[02:05.33] है सादगी जैसे लोरी हो कोई
[02:10.29] वो जैसे चाँदनी खिले
[02:34.46] योवन के झड़ी सी मलमल के लड़ी सी
[02:38.77] मूरत संग मरमरी
[02:43.92] झरते मोतियो सी जड़ते आदतो सी
[02:48.58] बिज़ली जैसी मनचली
[02:51.98] युगों युगों से सीता का मैं राम बनू
[02:56.90] मेहंदी की नकासीयो में छुपा नाम बनू
[03:01.62] मैं फिर से थाम लूँ
[03:03.70] वो हाथ वोही है दुआ यही
[03:07.72] वो ताज़गी है जिससे फूल भी जले
[03:12.79] चमक से चाँद भी ढले
[03:16.96] है सादगी जैसे लोरी हो कोई
[03:22.53] वो जैसे चाँदनी खिले
[03:31.63]