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Main Inpe Marta Hoon

👤 Asha Bhosle & Mohammed Rafi 🎼 Teesri Manzil ⏱️ 5:25
🎵 3455 characters
⏱️ 5:25 duration
🆔 ID: 514119

📜 Lyrics

देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ
देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
और ये नाज़नीं हैं मेरी, huh

समझा था मैं ये हैं खड़ी (huh, huh)
लेकिन वहाँ कोई और थी (huh, huh)
इनके लिए, ऐ मोहतरम
छेड़ा किसी और को था, ख़ुदा की क़सम, huh

देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ

लोगों, कहने दो इसको
ये है कोई दीवाना, ओए-होए-होए
मैं ना जानूँ किसी को, इतना मेरा फ़साना

आ-आ-आ, एकदम ग़लत फ़साना है
एकदम ग़लत फ़साना है
इनसे तो पुराना है अपना सिलसिला

देखो तो प्यार इनको भी है (huh, huh)
मेरा ख़ुमार इनको भी है (huh, huh)
इनके लिए, ऐ मोहतरम
छेड़ा किसी और को था, ख़ुदा की क़सम, huh

देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ

मैंने कब इसको चाहा?
कह दो इतना ना फेंके, आए-हाए-हाए
आशिक़ बनने से पहले अपनी सूरत तो देखे

ओ-ओ-ओ, सूरत भली-बुरी क्या है?
सूरत भली-बुरी क्या है?
सौदा तो नज़र का है, सौदा प्यार का

इनको कहाँ ग़म, दोस्तों (huh, huh)
रुसवा हुए हम, दोस्तों (huh, huh)
इनके लिए, ऐ मोहतरम
छेड़ा किसी और को था, खुदा की क़सम, huh

देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ

हाय-हाय, देखो तो इसको, बोले ही जा रहा है
उलझी बातों में ज़ालिम, सबको उलझा रहा है

ओ-ओ-ओ, सच बन गया अगर उलझन
सच बन गया अगर उलझन
फिर कहिए जनाब-ए-मन, मेरी क्या ख़ता?

मुझ पर यक़ीं अब कम सही (huh, huh)
मैं सादा दिल, मुजरिम सही (huh, huh)
इनके लिए, ऐ मोहतरम
छेड़ा किसी और को था, खुदा की क़सम, huh

देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ
देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ

⏱️ Synced Lyrics

[00:19.10] देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
[00:23.90] और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ
[00:28.25] देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
[00:32.69] और ये नाज़नीं हैं मेरी, huh
[00:36.30] समझा था मैं ये हैं खड़ी (huh, huh)
[00:40.76] लेकिन वहाँ कोई और थी (huh, huh)
[00:45.14] इनके लिए, ऐ मोहतरम
[00:47.34] छेड़ा किसी और को था, ख़ुदा की क़सम, huh
[00:50.54] देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
[00:54.84] और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ
[01:00.07]
[01:23.49] लोगों, कहने दो इसको
[01:28.24] ये है कोई दीवाना, ओए-होए-होए
[01:32.72] मैं ना जानूँ किसी को, इतना मेरा फ़साना
[01:40.68] आ-आ-आ, एकदम ग़लत फ़साना है
[01:45.63] एकदम ग़लत फ़साना है
[01:47.83] इनसे तो पुराना है अपना सिलसिला
[01:53.64] देखो तो प्यार इनको भी है (huh, huh)
[01:58.17] मेरा ख़ुमार इनको भी है (huh, huh)
[02:02.57] इनके लिए, ऐ मोहतरम
[02:04.79] छेड़ा किसी और को था, ख़ुदा की क़सम, huh
[02:07.88] देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
[02:12.22] और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ
[02:17.65]
[02:37.13] मैंने कब इसको चाहा?
[02:41.69] कह दो इतना ना फेंके, आए-हाए-हाए
[02:46.28] आशिक़ बनने से पहले अपनी सूरत तो देखे
[02:54.30] ओ-ओ-ओ, सूरत भली-बुरी क्या है?
[02:59.10] सूरत भली-बुरी क्या है?
[03:01.47] सौदा तो नज़र का है, सौदा प्यार का
[03:07.34] इनको कहाँ ग़म, दोस्तों (huh, huh)
[03:11.86] रुसवा हुए हम, दोस्तों (huh, huh)
[03:16.22] इनके लिए, ऐ मोहतरम
[03:18.45] छेड़ा किसी और को था, खुदा की क़सम, huh
[03:21.35] देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
[03:25.68] और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ
[03:31.28]
[03:54.58] हाय-हाय, देखो तो इसको, बोले ही जा रहा है
[04:03.56] उलझी बातों में ज़ालिम, सबको उलझा रहा है
[04:11.37] ओ-ओ-ओ, सच बन गया अगर उलझन
[04:16.56] सच बन गया अगर उलझन
[04:18.62] फिर कहिए जनाब-ए-मन, मेरी क्या ख़ता?
[04:24.61] मुझ पर यक़ीं अब कम सही (huh, huh)
[04:28.86] मैं सादा दिल, मुजरिम सही (huh, huh)
[04:33.35] इनके लिए, ऐ मोहतरम
[04:35.58] छेड़ा किसी और को था, खुदा की क़सम, huh
[04:38.46] देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
[04:42.69] और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ
[04:47.13] देखिए, साहिबो, वो कोई और थी
[04:51.39] और ये नाज़नीं हैं मेरी, मैं इनपे मरता हूँ
[04:56.73]

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