Mere Mehboob Tujhe Meri Muhabbat - Male Vocals
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📜 Lyrics
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
फिर मुझे नर्गिसी आँखों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
भूल सकती नहीं आँखें वो सुहाना मंज़र
जब तेरा हुस्न मेरे इश्क़ से टकराया था
और फिर राह में बिखरे थे हज़ारों नग्में
मैं वो नग्में तेरी आवाज़ को दे आया था
साज-ए-दिल को उन्ही गीतों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
याद है मुझको मेरी उम्र की पहली वो घड़ी
तेरी आँखों से कोई जाम पिया था मैने
मेरी रग-रग में कोई बर्क़ सी लहराई थी
जब तेरे मर्मरी हाथों को छुआ था मैने
आ मुझे फिर उन्हीं हाथों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
मैने एक बार तेरी एक झलक देखी है
मेरी हसरत है के मैं फिर तेरा दीदार करूँ
तेरे साए को समझ कर मैं हसीं ताजमहल
चाँदनी रात में नज़रों से तुझे प्यार करूँ
अपनी महकी हुई ज़ुल्फ़ों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
ढूंढता हूँ तुझे हर राह में हर महफील में
थक गये है मेरी मजबूर तमन्ना के कदम
आज का दिन मेरी उम्मीद का है आख़री दिन
कल ना जाने मैं कहाँ और कहाँ तू हो सनम
दो घड़ी अपनी निगाहों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
सामने आ के ज़रा परदा उठा दे रुख़ से
एक यही मेरा इलाज-ए-ग़म-ए-तनहाई है
तेरी फ़ुर्क़त ने परेशान किया है मुझको
अब तो मिल जा के मेरी जान पे बन आई है
दिल को भूली हुई यादों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
मेरे मेहबूब तुझे...
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
फिर मुझे नर्गिसी आँखों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
भूल सकती नहीं आँखें वो सुहाना मंज़र
जब तेरा हुस्न मेरे इश्क़ से टकराया था
और फिर राह में बिखरे थे हज़ारों नग्में
मैं वो नग्में तेरी आवाज़ को दे आया था
साज-ए-दिल को उन्ही गीतों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
याद है मुझको मेरी उम्र की पहली वो घड़ी
तेरी आँखों से कोई जाम पिया था मैने
मेरी रग-रग में कोई बर्क़ सी लहराई थी
जब तेरे मर्मरी हाथों को छुआ था मैने
आ मुझे फिर उन्हीं हाथों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
मैने एक बार तेरी एक झलक देखी है
मेरी हसरत है के मैं फिर तेरा दीदार करूँ
तेरे साए को समझ कर मैं हसीं ताजमहल
चाँदनी रात में नज़रों से तुझे प्यार करूँ
अपनी महकी हुई ज़ुल्फ़ों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
ढूंढता हूँ तुझे हर राह में हर महफील में
थक गये है मेरी मजबूर तमन्ना के कदम
आज का दिन मेरी उम्मीद का है आख़री दिन
कल ना जाने मैं कहाँ और कहाँ तू हो सनम
दो घड़ी अपनी निगाहों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
सामने आ के ज़रा परदा उठा दे रुख़ से
एक यही मेरा इलाज-ए-ग़म-ए-तनहाई है
तेरी फ़ुर्क़त ने परेशान किया है मुझको
अब तो मिल जा के मेरी जान पे बन आई है
दिल को भूली हुई यादों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे मेहबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
मेरे मेहबूब तुझे...