Pyar Hua Chupke Se
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⏱️ 5:16 duration
🆔 ID: 515107
📜 Lyrics
दिल ने कहा चुपके से
ये क्या हुआ चुपके से?
"क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
"प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
"क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
"प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
तितलियों से सुना...
तितलियों से सुना मैंने क़िस्सा बाग़ का
बाग़ में थी एक कली शर्मीली, अनछूई
एक दिन मनचला भँवरा आ गया
खिल उठी वो कली, पाया रूप नया
पूछती थी कली, "ये मुझे क्या हुआ?"
फूल हँसा चुपके से, प्यार हुआ चुपके से
मैंने बादल से कभी...
ओ, मैंने बादल से कभी ये कहानी थी सूनी
पर्बतों की एक नदी मिलने सागर से चली
झूमती, घूमती, हो, नाचती, डोलती
खो गई अपने सागर में जा के नदी
देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
चाँद खिला चुपके से, प्यार हुआ चुपके से
"क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
"प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
"क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
ये क्या हुआ चुपके से?
"क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
"प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
"क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
"प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
तितलियों से सुना...
तितलियों से सुना मैंने क़िस्सा बाग़ का
बाग़ में थी एक कली शर्मीली, अनछूई
एक दिन मनचला भँवरा आ गया
खिल उठी वो कली, पाया रूप नया
पूछती थी कली, "ये मुझे क्या हुआ?"
फूल हँसा चुपके से, प्यार हुआ चुपके से
मैंने बादल से कभी...
ओ, मैंने बादल से कभी ये कहानी थी सूनी
पर्बतों की एक नदी मिलने सागर से चली
झूमती, घूमती, हो, नाचती, डोलती
खो गई अपने सागर में जा के नदी
देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
चाँद खिला चुपके से, प्यार हुआ चुपके से
"क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
"प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
"क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
⏱️ Synced Lyrics
[00:20.38] दिल ने कहा चुपके से
[00:25.37] ये क्या हुआ चुपके से?
[00:29.80]
[00:49.66] "क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
[00:54.67] मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
[00:59.36] "प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
[01:09.23] "क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
[01:14.02] मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
[01:18.85] "प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
[01:28.74] तितलियों से सुना...
[01:37.98] तितलियों से सुना मैंने क़िस्सा बाग़ का
[01:47.25] बाग़ में थी एक कली शर्मीली, अनछूई
[01:56.09] एक दिन मनचला भँवरा आ गया
[02:06.02] खिल उठी वो कली, पाया रूप नया
[02:10.79] पूछती थी कली, "ये मुझे क्या हुआ?"
[02:15.63] फूल हँसा चुपके से, प्यार हुआ चुपके से
[02:25.36]
[02:34.89] मैंने बादल से कभी...
[02:42.96] ओ, मैंने बादल से कभी ये कहानी थी सूनी
[02:53.23] पर्बतों की एक नदी मिलने सागर से चली
[03:01.97] झूमती, घूमती, हो, नाचती, डोलती
[03:12.27] खो गई अपने सागर में जा के नदी
[03:17.05] देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
[03:21.76] चाँद खिला चुपके से, प्यार हुआ चुपके से
[03:31.56] "क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
[03:36.45] मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
[03:41.26] "प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
[03:50.82] "क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
[03:55.69] मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
[04:00.83]
[00:25.37] ये क्या हुआ चुपके से?
[00:29.80]
[00:49.66] "क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
[00:54.67] मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
[00:59.36] "प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
[01:09.23] "क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
[01:14.02] मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
[01:18.85] "प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
[01:28.74] तितलियों से सुना...
[01:37.98] तितलियों से सुना मैंने क़िस्सा बाग़ का
[01:47.25] बाग़ में थी एक कली शर्मीली, अनछूई
[01:56.09] एक दिन मनचला भँवरा आ गया
[02:06.02] खिल उठी वो कली, पाया रूप नया
[02:10.79] पूछती थी कली, "ये मुझे क्या हुआ?"
[02:15.63] फूल हँसा चुपके से, प्यार हुआ चुपके से
[02:25.36]
[02:34.89] मैंने बादल से कभी...
[02:42.96] ओ, मैंने बादल से कभी ये कहानी थी सूनी
[02:53.23] पर्बतों की एक नदी मिलने सागर से चली
[03:01.97] झूमती, घूमती, हो, नाचती, डोलती
[03:12.27] खो गई अपने सागर में जा के नदी
[03:17.05] देखने प्यार की ऐसी जादूगरी
[03:21.76] चाँद खिला चुपके से, प्यार हुआ चुपके से
[03:31.56] "क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
[03:36.45] मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
[03:41.26] "प्यार हुआ चुपके से, ये क्या हुआ चुपके से?"
[03:50.82] "क्यूँ नए लग रहे हैं ये धरती-गगन"
[03:55.69] मैंने पूछा तो बोली ये पगली पवन
[04:00.83]