Zinda Hai
🎵 2811 characters
⏱️ 4:14 duration
🆔 ID: 518184
📜 Lyrics
सहरा, साहिल, जंगल, बस्ती, बाघ वो
शोला-शोला जलता चराग वो
हो, पर्वत, पानी, आंधी, अम्बर, आग वो
शोला-शोला जलता चराग वो
हर काली रात से लड़ता है वो
जलता है और निखरता है
आगे ही आगे बढ़ता है
जब तक ज़िंदा है
भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
सागर खामोशी में भी
सागर ही रहता है
लहरों से कहता है, वो ज़िंदा है
भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
रातों के साये में है वो छुपा
दुश्मन ना देखेगा कल की सुबह
कहाँ से आया वो, कहाँ है जाता
ना मुझको पता है, ना तुझको पता
हाँ, वो निहत्था ही शत्रु करता निरस्त
भेस बदलता वो जैसे हो वस्त्र
जड़ से उखाड़ेगा भीतर से मारेगा
उसका इरादा है ब्रह्मा का अंतर
वो ज्ञानी है, है स्वाभिमानी वो ही
तू जानता उसकी कहानी नही
ज़िंदा है, ज़िंदा रहेगा वो
जब तक भी मरने की उसने ही ठानी नही
हैरत, गुस्सा, चाहत और मलाल वो
ज़िद्दी, ज़िद्दी, ज़िद्दी खयाल वो
है जंग भी, है वो हमला, भी और जाल वो
ज़िद्दी, ज़िद्दी, ज़िद्दी खयाल वो
शोलों की आँख में रहता है
हर सच्ची बात वो कहता है
लावा सा रगों में बहता है
जब तक ज़िंदा है
भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
सागर खामोशी में भी
सागर ही रहता है
लहरों से कहता है, वो ज़िंदा है
भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
शोला-शोला जलता चराग वो
हो, पर्वत, पानी, आंधी, अम्बर, आग वो
शोला-शोला जलता चराग वो
हर काली रात से लड़ता है वो
जलता है और निखरता है
आगे ही आगे बढ़ता है
जब तक ज़िंदा है
भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
सागर खामोशी में भी
सागर ही रहता है
लहरों से कहता है, वो ज़िंदा है
भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
रातों के साये में है वो छुपा
दुश्मन ना देखेगा कल की सुबह
कहाँ से आया वो, कहाँ है जाता
ना मुझको पता है, ना तुझको पता
हाँ, वो निहत्था ही शत्रु करता निरस्त
भेस बदलता वो जैसे हो वस्त्र
जड़ से उखाड़ेगा भीतर से मारेगा
उसका इरादा है ब्रह्मा का अंतर
वो ज्ञानी है, है स्वाभिमानी वो ही
तू जानता उसकी कहानी नही
ज़िंदा है, ज़िंदा रहेगा वो
जब तक भी मरने की उसने ही ठानी नही
हैरत, गुस्सा, चाहत और मलाल वो
ज़िद्दी, ज़िद्दी, ज़िद्दी खयाल वो
है जंग भी, है वो हमला, भी और जाल वो
ज़िद्दी, ज़िद्दी, ज़िद्दी खयाल वो
शोलों की आँख में रहता है
हर सच्ची बात वो कहता है
लावा सा रगों में बहता है
जब तक ज़िंदा है
भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
सागर खामोशी में भी
सागर ही रहता है
लहरों से कहता है, वो ज़िंदा है
भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
⏱️ Synced Lyrics
[01:17.36] सहरा, साहिल, जंगल, बस्ती, बाघ वो
[01:20.25] शोला-शोला जलता चराग वो
[01:24.26] हो, पर्वत, पानी, आंधी, अम्बर, आग वो
[01:28.32] शोला-शोला जलता चराग वो
[01:33.15] हर काली रात से लड़ता है वो
[01:35.33] जलता है और निखरता है
[01:37.22] आगे ही आगे बढ़ता है
[01:38.94] जब तक ज़िंदा है
[01:41.40] भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
[01:45.40] जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
[01:49.31] सागर खामोशी में भी
[01:51.42] सागर ही रहता है
[01:53.33] लहरों से कहता है, वो ज़िंदा है
[01:57.29] भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
[02:01.38] जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
[02:27.17] रातों के साये में है वो छुपा
[02:28.95] दुश्मन ना देखेगा कल की सुबह
[02:30.81] कहाँ से आया वो, कहाँ है जाता
[02:32.63] ना मुझको पता है, ना तुझको पता
[02:34.84] हाँ, वो निहत्था ही शत्रु करता निरस्त
[02:37.26] भेस बदलता वो जैसे हो वस्त्र
[02:39.39] जड़ से उखाड़ेगा भीतर से मारेगा
[02:41.38] उसका इरादा है ब्रह्मा का अंतर
[02:43.10] वो ज्ञानी है, है स्वाभिमानी वो ही
[02:45.19] तू जानता उसकी कहानी नही
[02:47.26] ज़िंदा है, ज़िंदा रहेगा वो
[02:48.84] जब तक भी मरने की उसने ही ठानी नही
[03:05.39] हैरत, गुस्सा, चाहत और मलाल वो
[03:08.29] ज़िद्दी, ज़िद्दी, ज़िद्दी खयाल वो
[03:12.23] है जंग भी, है वो हमला, भी और जाल वो
[03:16.30] ज़िद्दी, ज़िद्दी, ज़िद्दी खयाल वो
[03:21.26] शोलों की आँख में रहता है
[03:23.29] हर सच्ची बात वो कहता है
[03:25.27] लावा सा रगों में बहता है
[03:27.29] जब तक ज़िंदा है
[03:29.44] भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
[03:33.40] जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
[03:37.31] सागर खामोशी में भी
[03:39.49] सागर ही रहता है
[03:41.41] लहरों से कहता है, वो ज़िंदा है
[03:45.32] भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
[03:49.30] जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
[04:13.73]
[01:20.25] शोला-शोला जलता चराग वो
[01:24.26] हो, पर्वत, पानी, आंधी, अम्बर, आग वो
[01:28.32] शोला-शोला जलता चराग वो
[01:33.15] हर काली रात से लड़ता है वो
[01:35.33] जलता है और निखरता है
[01:37.22] आगे ही आगे बढ़ता है
[01:38.94] जब तक ज़िंदा है
[01:41.40] भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
[01:45.40] जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
[01:49.31] सागर खामोशी में भी
[01:51.42] सागर ही रहता है
[01:53.33] लहरों से कहता है, वो ज़िंदा है
[01:57.29] भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
[02:01.38] जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
[02:27.17] रातों के साये में है वो छुपा
[02:28.95] दुश्मन ना देखेगा कल की सुबह
[02:30.81] कहाँ से आया वो, कहाँ है जाता
[02:32.63] ना मुझको पता है, ना तुझको पता
[02:34.84] हाँ, वो निहत्था ही शत्रु करता निरस्त
[02:37.26] भेस बदलता वो जैसे हो वस्त्र
[02:39.39] जड़ से उखाड़ेगा भीतर से मारेगा
[02:41.38] उसका इरादा है ब्रह्मा का अंतर
[02:43.10] वो ज्ञानी है, है स्वाभिमानी वो ही
[02:45.19] तू जानता उसकी कहानी नही
[02:47.26] ज़िंदा है, ज़िंदा रहेगा वो
[02:48.84] जब तक भी मरने की उसने ही ठानी नही
[03:05.39] हैरत, गुस्सा, चाहत और मलाल वो
[03:08.29] ज़िद्दी, ज़िद्दी, ज़िद्दी खयाल वो
[03:12.23] है जंग भी, है वो हमला, भी और जाल वो
[03:16.30] ज़िद्दी, ज़िद्दी, ज़िद्दी खयाल वो
[03:21.26] शोलों की आँख में रहता है
[03:23.29] हर सच्ची बात वो कहता है
[03:25.27] लावा सा रगों में बहता है
[03:27.29] जब तक ज़िंदा है
[03:29.44] भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
[03:33.40] जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
[03:37.31] सागर खामोशी में भी
[03:39.49] सागर ही रहता है
[03:41.41] लहरों से कहता है, वो ज़िंदा है
[03:45.32] भीतर तूफ़ान अभी ज़िंदा है
[03:49.30] जज़्बों में जान अभी ज़िंदा है
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