Khoya Tu Kahaan (From "Blind")
🎵 2217 characters
⏱️ 3:34 duration
🆔 ID: 5587166
📜 Lyrics
तू जो पल रहा है, जल रहा है
आग बनके शोला-सा
जो-जो बातें थीं गहरी, दिल में रह रही
ना कभी भी बोला था
अब तो बोल दे, दर्द क्यूँ तू पाले?
दिल में हो रहे तेरे ढेरों छाले
चींखें मारे, बड़बड़ाए
खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
तू झाँके रे कभी
तेरा मन है मन के किसी कोने में
खोया तू कहाँ?
गिनी हुई हैं साँसें, उन्हें दबाके
तरह-तरह की बातें सोचे
अभी हरे ज़खम हैं, भरे वो कम हैं
ख़ामख़ाह क्यूँ उनको नोचे?
खुदको झोंक दे पागलों के जैसे
सोचे लोग ये, कि किया ये कैसे?
चिल्लाकरके पूछ खुदसे
खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
तू झाँके रे कभी
तेरा मन है मन के किसी कोने में
खोया तू कहाँ?
अब तो बोल दे, दर्द क्यूँ तू पाले?
दिल में हो रहे तेरे ढेरों छाले
चींखें मारे, बड़बड़ाए
खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
तू झाँके रे कभी (तू झाँके रे कभी)
तेरा मन है मन के किसी कोने में
खोया तू कहाँ?
आग बनके शोला-सा
जो-जो बातें थीं गहरी, दिल में रह रही
ना कभी भी बोला था
अब तो बोल दे, दर्द क्यूँ तू पाले?
दिल में हो रहे तेरे ढेरों छाले
चींखें मारे, बड़बड़ाए
खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
तू झाँके रे कभी
तेरा मन है मन के किसी कोने में
खोया तू कहाँ?
गिनी हुई हैं साँसें, उन्हें दबाके
तरह-तरह की बातें सोचे
अभी हरे ज़खम हैं, भरे वो कम हैं
ख़ामख़ाह क्यूँ उनको नोचे?
खुदको झोंक दे पागलों के जैसे
सोचे लोग ये, कि किया ये कैसे?
चिल्लाकरके पूछ खुदसे
खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
तू झाँके रे कभी
तेरा मन है मन के किसी कोने में
खोया तू कहाँ?
अब तो बोल दे, दर्द क्यूँ तू पाले?
दिल में हो रहे तेरे ढेरों छाले
चींखें मारे, बड़बड़ाए
खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
तू झाँके रे कभी (तू झाँके रे कभी)
तेरा मन है मन के किसी कोने में
खोया तू कहाँ?
⏱️ Synced Lyrics
[00:09.55] तू जो पल रहा है, जल रहा है
[00:11.40] आग बनके शोला-सा
[00:17.08] जो-जो बातें थीं गहरी, दिल में रह रही
[00:18.66] ना कभी भी बोला था
[00:23.87] अब तो बोल दे, दर्द क्यूँ तू पाले?
[00:27.88] दिल में हो रहे तेरे ढेरों छाले
[00:31.93] चींखें मारे, बड़बड़ाए
[00:36.51] खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
[00:44.13] खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
[00:51.21] तू झाँके रे कभी
[00:54.42] तेरा मन है मन के किसी कोने में
[00:59.53] खोया तू कहाँ?
[01:07.33]
[01:14.04] गिनी हुई हैं साँसें, उन्हें दबाके
[01:16.44] तरह-तरह की बातें सोचे
[01:21.42] अभी हरे ज़खम हैं, भरे वो कम हैं
[01:24.07] ख़ामख़ाह क्यूँ उनको नोचे?
[01:29.49] खुदको झोंक दे पागलों के जैसे
[01:33.46] सोचे लोग ये, कि किया ये कैसे?
[01:37.50] चिल्लाकरके पूछ खुदसे
[01:41.87] खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
[01:49.56] खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
[01:56.58] तू झाँके रे कभी
[01:59.75] तेरा मन है मन के किसी कोने में
[02:04.72] खोया तू कहाँ?
[02:12.10]
[02:26.73] अब तो बोल दे, दर्द क्यूँ तू पाले?
[02:30.79] दिल में हो रहे तेरे ढेरों छाले
[02:34.57] चींखें मारे, बड़बड़ाए
[02:39.01]
[02:48.55] खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
[02:56.27] खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
[03:03.46] तू झाँके रे कभी (तू झाँके रे कभी)
[03:06.34] तेरा मन है मन के किसी कोने में
[03:11.40] खोया तू कहाँ?
[03:19.16]
[00:11.40] आग बनके शोला-सा
[00:17.08] जो-जो बातें थीं गहरी, दिल में रह रही
[00:18.66] ना कभी भी बोला था
[00:23.87] अब तो बोल दे, दर्द क्यूँ तू पाले?
[00:27.88] दिल में हो रहे तेरे ढेरों छाले
[00:31.93] चींखें मारे, बड़बड़ाए
[00:36.51] खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
[00:44.13] खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
[00:51.21] तू झाँके रे कभी
[00:54.42] तेरा मन है मन के किसी कोने में
[00:59.53] खोया तू कहाँ?
[01:07.33]
[01:14.04] गिनी हुई हैं साँसें, उन्हें दबाके
[01:16.44] तरह-तरह की बातें सोचे
[01:21.42] अभी हरे ज़खम हैं, भरे वो कम हैं
[01:24.07] ख़ामख़ाह क्यूँ उनको नोचे?
[01:29.49] खुदको झोंक दे पागलों के जैसे
[01:33.46] सोचे लोग ये, कि किया ये कैसे?
[01:37.50] चिल्लाकरके पूछ खुदसे
[01:41.87] खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
[01:49.56] खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
[01:56.58] तू झाँके रे कभी
[01:59.75] तेरा मन है मन के किसी कोने में
[02:04.72] खोया तू कहाँ?
[02:12.10]
[02:26.73] अब तो बोल दे, दर्द क्यूँ तू पाले?
[02:30.79] दिल में हो रहे तेरे ढेरों छाले
[02:34.57] चींखें मारे, बड़बड़ाए
[02:39.01]
[02:48.55] खोया तू कहाँ दुनिया की दीवारों में?
[02:56.27] खोया तू कहाँ दुनिया के सवालों में?
[03:03.46] तू झाँके रे कभी (तू झाँके रे कभी)
[03:06.34] तेरा मन है मन के किसी कोने में
[03:11.40] खोया तू कहाँ?
[03:19.16]