Abke Bahar Aayi Hai
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⏱️ 4:40 duration
🆔 ID: 6169919
📜 Lyrics
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
चलती हो जिधर से बिखरा के रंग-ए-बदन
चलती हो जिधर से बिखरा के रंग-ए-बदन
तुमसे मिलने को उठती है शाख़-ए-चमन
उठते हैं हाथ जैसे पहले सलाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
देखा जो तुम्हें तो गुलशन पे छाई घटा
देखा जो तुम्हें तो गुलशन पे छाई घटा
दामन से लिपटने क़दमों में आई घटा
बहकी सबा तुम्हारे आँचल को थाम के
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
रंगीं चेहरे से अब नज़रें कैसे हटें?
रंगीं चेहरे से अब नज़रें कैसे हटें?
तुमने सरका दी रुख़ से जो काली लटें
सुबह बहार निकली ज़ुल्फ़ों की शाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
चलती हो जिधर से बिखरा के रंग-ए-बदन
चलती हो जिधर से बिखरा के रंग-ए-बदन
तुमसे मिलने को उठती है शाख़-ए-चमन
उठते हैं हाथ जैसे पहले सलाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
देखा जो तुम्हें तो गुलशन पे छाई घटा
देखा जो तुम्हें तो गुलशन पे छाई घटा
दामन से लिपटने क़दमों में आई घटा
बहकी सबा तुम्हारे आँचल को थाम के
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
रंगीं चेहरे से अब नज़रें कैसे हटें?
रंगीं चेहरे से अब नज़रें कैसे हटें?
तुमने सरका दी रुख़ से जो काली लटें
सुबह बहार निकली ज़ुल्फ़ों की शाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से
अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
⏱️ Synced Lyrics
[00:14.44] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[00:22.62] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[00:30.97] मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से
[00:39.01] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[00:47.31]
[01:11.65] चलती हो जिधर से बिखरा के रंग-ए-बदन
[01:19.88] चलती हो जिधर से बिखरा के रंग-ए-बदन
[01:27.93] तुमसे मिलने को उठती है शाख़-ए-चमन
[01:35.39] उठते हैं हाथ जैसे पहले सलाम से
[01:43.85] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[01:52.36] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[02:00.50]
[02:20.51] देखा जो तुम्हें तो गुलशन पे छाई घटा
[02:28.28] देखा जो तुम्हें तो गुलशन पे छाई घटा
[02:36.37] दामन से लिपटने क़दमों में आई घटा
[02:44.09] बहकी सबा तुम्हारे आँचल को थाम के
[02:52.11] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[03:00.00] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[03:08.02]
[03:32.02] रंगीं चेहरे से अब नज़रें कैसे हटें?
[03:40.29] रंगीं चेहरे से अब नज़रें कैसे हटें?
[03:48.06] तुमने सरका दी रुख़ से जो काली लटें
[03:55.42] सुबह बहार निकली ज़ुल्फ़ों की शाम से
[04:03.83] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[04:11.55] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[04:19.41] मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से
[04:27.51] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[04:35.94]
[00:22.62] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[00:30.97] मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से
[00:39.01] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[00:47.31]
[01:11.65] चलती हो जिधर से बिखरा के रंग-ए-बदन
[01:19.88] चलती हो जिधर से बिखरा के रंग-ए-बदन
[01:27.93] तुमसे मिलने को उठती है शाख़-ए-चमन
[01:35.39] उठते हैं हाथ जैसे पहले सलाम से
[01:43.85] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[01:52.36] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[02:00.50]
[02:20.51] देखा जो तुम्हें तो गुलशन पे छाई घटा
[02:28.28] देखा जो तुम्हें तो गुलशन पे छाई घटा
[02:36.37] दामन से लिपटने क़दमों में आई घटा
[02:44.09] बहकी सबा तुम्हारे आँचल को थाम के
[02:52.11] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[03:00.00] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[03:08.02]
[03:32.02] रंगीं चेहरे से अब नज़रें कैसे हटें?
[03:40.29] रंगीं चेहरे से अब नज़रें कैसे हटें?
[03:48.06] तुमने सरका दी रुख़ से जो काली लटें
[03:55.42] सुबह बहार निकली ज़ुल्फ़ों की शाम से
[04:03.83] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[04:11.55] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[04:19.41] मस्ती फ़िज़ा में है इन्हीं लबों के जाम से
[04:27.51] अब के बहार आई है तुम्हारे नाम से
[04:35.94]