Man Ke Khazane Men Maya Hi Maya
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⏱️ 3:28 duration
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📜 Lyrics
मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
दिखाई ना दे जो अँधेरे में काला
तू ज्योति लगन की जला ले
(ओ, तू ज्योति लगन की जला ले)
हे, अगर हाथ काँपें तो "हरी" नाम लेकर
तू पूजा की चाबी लगा ले
(हाँ, तू पूजा की चाबी लगा ले)
डराती है क्यूँ तुझे अपनी ही छाया?
तेरा ही धन है ये, नहीं है पराया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
कभी हार दाता की होती नहीं है
ना जीता कभी लेने वाला
(हो, ना जीता कभी लेने वाला)
हे, भरेगी ना तेरी ये तृष्णा की झोली
थकेगा ना वो देने वाला
(हॉं, थकेगा ना वो देने वाला)
उसी ने बनाई है तेरी ये काया
काया में भक्ति का धन है छुपाया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
दिखाई ना दे जो अँधेरे में काला
तू ज्योति लगन की जला ले
(ओ, तू ज्योति लगन की जला ले)
हे, अगर हाथ काँपें तो "हरी" नाम लेकर
तू पूजा की चाबी लगा ले
(हाँ, तू पूजा की चाबी लगा ले)
डराती है क्यूँ तुझे अपनी ही छाया?
तेरा ही धन है ये, नहीं है पराया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
कभी हार दाता की होती नहीं है
ना जीता कभी लेने वाला
(हो, ना जीता कभी लेने वाला)
हे, भरेगी ना तेरी ये तृष्णा की झोली
थकेगा ना वो देने वाला
(हॉं, थकेगा ना वो देने वाला)
उसी ने बनाई है तेरी ये काया
काया में भक्ति का धन है छुपाया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
जब भी तू चाहे इसे लूट ले
(हरी ॐ)
⏱️ Synced Lyrics
[00:08.48] मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
[00:14.94] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[00:19.79] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[00:23.43] (हरी ॐ)
[00:27.78] मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
[00:33.81] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[00:38.96] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[00:42.85] (हरी ॐ)
[00:46.46]
[00:56.86] दिखाई ना दे जो अँधेरे में काला
[01:03.32] तू ज्योति लगन की जला ले
[01:07.45] (ओ, तू ज्योति लगन की जला ले)
[01:12.43] हे, अगर हाथ काँपें तो "हरी" नाम लेकर
[01:19.62] तू पूजा की चाबी लगा ले
[01:23.74] (हाँ, तू पूजा की चाबी लगा ले)
[01:29.30] डराती है क्यूँ तुझे अपनी ही छाया?
[01:36.00] तेरा ही धन है ये, नहीं है पराया
[01:42.31] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[01:47.32] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[01:51.53] (हरी ॐ)
[01:54.65]
[02:08.19] कभी हार दाता की होती नहीं है
[02:14.88] ना जीता कभी लेने वाला
[02:18.97] (हो, ना जीता कभी लेने वाला)
[02:23.85] हे, भरेगी ना तेरी ये तृष्णा की झोली
[02:31.00] थकेगा ना वो देने वाला
[02:35.13] (हॉं, थकेगा ना वो देने वाला)
[02:40.54] उसी ने बनाई है तेरी ये काया
[02:47.36] काया में भक्ति का धन है छुपाया
[02:53.59] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[02:58.48] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[03:02.30] (हरी ॐ)
[03:06.59] मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
[03:12.66] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[03:17.64] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[03:21.69] (हरी ॐ)
[03:23.99]
[00:14.94] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[00:19.79] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[00:23.43] (हरी ॐ)
[00:27.78] मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
[00:33.81] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[00:38.96] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[00:42.85] (हरी ॐ)
[00:46.46]
[00:56.86] दिखाई ना दे जो अँधेरे में काला
[01:03.32] तू ज्योति लगन की जला ले
[01:07.45] (ओ, तू ज्योति लगन की जला ले)
[01:12.43] हे, अगर हाथ काँपें तो "हरी" नाम लेकर
[01:19.62] तू पूजा की चाबी लगा ले
[01:23.74] (हाँ, तू पूजा की चाबी लगा ले)
[01:29.30] डराती है क्यूँ तुझे अपनी ही छाया?
[01:36.00] तेरा ही धन है ये, नहीं है पराया
[01:42.31] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[01:47.32] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[01:51.53] (हरी ॐ)
[01:54.65]
[02:08.19] कभी हार दाता की होती नहीं है
[02:14.88] ना जीता कभी लेने वाला
[02:18.97] (हो, ना जीता कभी लेने वाला)
[02:23.85] हे, भरेगी ना तेरी ये तृष्णा की झोली
[02:31.00] थकेगा ना वो देने वाला
[02:35.13] (हॉं, थकेगा ना वो देने वाला)
[02:40.54] उसी ने बनाई है तेरी ये काया
[02:47.36] काया में भक्ति का धन है छुपाया
[02:53.59] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[02:58.48] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[03:02.30] (हरी ॐ)
[03:06.59] मन के ख़ज़ाने में माया ही माया
[03:12.66] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[03:17.64] जब भी तू चाहे इसे लूट ले
[03:21.69] (हरी ॐ)
[03:23.99]