Likha Maine
🎵 6030 characters
⏱️ 3:34 duration
🆔 ID: 6554005
📜 Lyrics
देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
लिखा मैने लिखा मैने
देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
होने का नहीं चुप इश्स लिए बोलते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
खोने का नहीं होश वक़्त को रखते हाथ में
लिखा मैने लिखा मैने
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
भलाई का ज़माना नही
कमाई का ज़माना हैं
कमज़ोर हो रहा देश
क्यूंकी मिलावती खाना हैं
बिकौ सिस्टम सारा हैं
सोच कहा तक जाना हैं
ग़रीब अपनी कंट्री नही
छुपा रखा ख़ज़ाना हैं
क्या चल रहा आज कल
क्या चल रहा आज कल
नागरिक अपना बैठा घर पे
विकास की हैं आस पर
क्या चल रहा आज कल
क्या चल रहा आज कल
खुले आम घपले चालू
क़ानून की हैं आँख बंद
कैसा मौसम चालू मैने बोला गर्मी हैं
बरसात वेल टाइम पे
कूचके पास तो छत नही हैं
तू कब से देश में चल
कार्ड नही तो हक़ नही हैं
ये साले जानवर और सोच ही इनकी फ़र्ज़ी हैं
कौन अपने खास कौन अपना पास
कौन लेगा जान कौन रखे ख़याल
यहाँ तो भाईं भाईं भी लढ़ते
प्यार से बड़ा प्रॉपर्टी
कर भी क्या वो सकते बढ़ती जा रही पॉवर्टी
देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
लिखा मैने लिखा मैने
देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
होने का नही चुप इश्स लीयह बोलते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
खोनेका नही होश वक़्त को रखते हाथ में
लिखा मैने लिखा मैने
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
बड़ा परिवार सबका खर्चा भी उठना हैं
सुबे जैसे होती उसके बाप को कम पे जाना हैं
वो करता मेहनत बोहोट
पर क्या सबका पेट भर पता हैं
देखके तकलीफे पढ़ायन से मान हॅट जाता हैं
वो सोच ही छोड़ो यह
सब कल से करते कम
एजुकेशन महेंगी क्यूंकी
सचूलके महेंगे दम
सरकारी शिख़्शा केन्द्रा की हालत तो हैं खराब
स्पीच राइटर लिखता और
यह दे देते बयान
सुबे निकली कम पे अब
तो हो गयी हैं शाम
निकली अकेली वो पूरा रोड हैं सुनसान
फिर आगे कुछ लफंगे करते आपस में मज़ाक
डरती लड़की देखके
बड़ी हो जाती आँख उनकी,
च्छेदने नज़दीक आते उसने बो
बड़ी हो जाती आँख उनकी
च्छेदने नज़दीक आते उसने बोला मार्दूनगी
चीखे ज़ोर से आती हैं आवाज़ उसकी
हुआ ग़लत सोचे मदात लेते क़ानून की
केस पे चढ़ती धूल कोई नहीं सुनता बात उनकी
देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
लिखा मैने लिखा मैने
देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
होने का नही चुप इश्स लीयह बोलते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
खोनेका नही होश वक़्त को रखते हाथ में
लिखा मैने लिखा मैने
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने
लिखा मैनेदेखा आज तक
लिखा मैने
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने लिखा मैने
देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
होने का नहीं चुप इश्स लिए बोलते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
खोने का नहीं होश वक़्त को रखते हाथ में
लिखा मैने लिखा मैने
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
भलाई का ज़माना नही
कमाई का ज़माना हैं
कमज़ोर हो रहा देश
क्यूंकी मिलावती खाना हैं
बिकौ सिस्टम सारा हैं
सोच कहा तक जाना हैं
ग़रीब अपनी कंट्री नही
छुपा रखा ख़ज़ाना हैं
क्या चल रहा आज कल
क्या चल रहा आज कल
नागरिक अपना बैठा घर पे
विकास की हैं आस पर
क्या चल रहा आज कल
क्या चल रहा आज कल
खुले आम घपले चालू
क़ानून की हैं आँख बंद
कैसा मौसम चालू मैने बोला गर्मी हैं
बरसात वेल टाइम पे
कूचके पास तो छत नही हैं
तू कब से देश में चल
कार्ड नही तो हक़ नही हैं
ये साले जानवर और सोच ही इनकी फ़र्ज़ी हैं
कौन अपने खास कौन अपना पास
कौन लेगा जान कौन रखे ख़याल
यहाँ तो भाईं भाईं भी लढ़ते
प्यार से बड़ा प्रॉपर्टी
कर भी क्या वो सकते बढ़ती जा रही पॉवर्टी
देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
लिखा मैने लिखा मैने
देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
होने का नही चुप इश्स लीयह बोलते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
खोनेका नही होश वक़्त को रखते हाथ में
लिखा मैने लिखा मैने
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
बड़ा परिवार सबका खर्चा भी उठना हैं
सुबे जैसे होती उसके बाप को कम पे जाना हैं
वो करता मेहनत बोहोट
पर क्या सबका पेट भर पता हैं
देखके तकलीफे पढ़ायन से मान हॅट जाता हैं
वो सोच ही छोड़ो यह
सब कल से करते कम
एजुकेशन महेंगी क्यूंकी
सचूलके महेंगे दम
सरकारी शिख़्शा केन्द्रा की हालत तो हैं खराब
स्पीच राइटर लिखता और
यह दे देते बयान
सुबे निकली कम पे अब
तो हो गयी हैं शाम
निकली अकेली वो पूरा रोड हैं सुनसान
फिर आगे कुछ लफंगे करते आपस में मज़ाक
डरती लड़की देखके
बड़ी हो जाती आँख उनकी,
च्छेदने नज़दीक आते उसने बो
बड़ी हो जाती आँख उनकी
च्छेदने नज़दीक आते उसने बोला मार्दूनगी
चीखे ज़ोर से आती हैं आवाज़ उसकी
हुआ ग़लत सोचे मदात लेते क़ानून की
केस पे चढ़ती धूल कोई नहीं सुनता बात उनकी
देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
लिखा मैने लिखा मैने
देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
होने का नही चुप इश्स लीयह बोलते जारे
लिखा मैने लिखा मैने
खोनेका नही होश वक़्त को रखते हाथ में
लिखा मैने लिखा मैने
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने
लिखा मैने जो भी देखा आज तक
लिखा मैने
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
लिखा मैने
लिखा मैनेदेखा आज तक
लिखा मैने
लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
⏱️ Synced Lyrics
[00:06.80] देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
[00:23.35] लिखा मैने लिखा मैने
[00:25.91] देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
[00:28.68] लिखा मैने लिखा मैने
[00:30.52] होने का नहीं चुप इश्स लिए बोलते जारे
[00:33.80] लिखा मैने लिखा मैने
[00:35.70] खोने का नहीं होश वक़्त को रखते हाथ में
[00:39.54] लिखा मैने लिखा मैने
[00:41.77] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[00:44.43] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[00:46.99] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[00:49.70] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[00:52.18] भलाई का ज़माना नही
[00:53.62] कमाई का ज़माना हैं
[00:54.45] कमज़ोर हो रहा देश
[00:56.05] क्यूंकी मिलावती खाना हैं
[00:57.67] बिकौ सिस्टम सारा हैं
[00:58.81] सोच कहा तक जाना हैं
[01:00.02] ग़रीब अपनी कंट्री नही
[01:01.25] छुपा रखा ख़ज़ाना हैं
[01:02.32] क्या चल रहा आज कल
[01:04.08] क्या चल रहा आज कल
[01:05.58] नागरिक अपना बैठा घर पे
[01:06.79] विकास की हैं आस पर
[01:08.00] क्या चल रहा आज कल
[01:10.11] क्या चल रहा आज कल
[01:11.43] खुले आम घपले चालू
[01:12.32] क़ानून की हैं आँख बंद
[01:13.69] कैसा मौसम चालू मैने बोला गर्मी हैं
[01:15.63] बरसात वेल टाइम पे
[01:17.46] कूचके पास तो छत नही हैं
[01:18.58] तू कब से देश में चल
[01:20.77] कार्ड नही तो हक़ नही हैं
[01:21.69] ये साले जानवर और सोच ही इनकी फ़र्ज़ी हैं
[01:23.66] कौन अपने खास कौन अपना पास
[01:26.06] कौन लेगा जान कौन रखे ख़याल
[01:28.41] यहाँ तो भाईं भाईं भी लढ़ते
[01:31.24] प्यार से बड़ा प्रॉपर्टी
[01:32.63] कर भी क्या वो सकते बढ़ती जा रही पॉवर्टी
[01:34.88] देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
[01:37.41] लिखा मैने लिखा मैने
[01:39.91] देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
[01:42.37] लिखा मैने लिखा मैने
[01:45.18] होने का नही चुप इश्स लीयह बोलते जारे
[01:48.06] लिखा मैने लिखा मैने
[01:50.24] खोनेका नही होश वक़्त को रखते हाथ में
[01:53.05] लिखा मैने लिखा मैने
[01:55.35] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[01:58.20] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[02:00.71] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[02:03.91] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[02:06.20] बड़ा परिवार सबका खर्चा भी उठना हैं
[02:08.32] सुबे जैसे होती उसके बाप को कम पे जाना हैं
[02:11.07] वो करता मेहनत बोहोट
[02:12.54] पर क्या सबका पेट भर पता हैं
[02:13.88] देखके तकलीफे पढ़ायन से मान हॅट जाता हैं
[02:16.32] वो सोच ही छोड़ो यह
[02:17.73] सब कल से करते कम
[02:18.78] एजुकेशन महेंगी क्यूंकी
[02:20.73] सचूलके महेंगे दम
[02:21.74] सरकारी शिख़्शा केन्द्रा की हालत तो हैं खराब
[02:23.78] स्पीच राइटर लिखता और
[02:25.85] यह दे देते बयान
[02:26.94] सुबे निकली कम पे अब
[02:28.77] तो हो गयी हैं शाम
[02:29.54] निकली अकेली वो पूरा रोड हैं सुनसान
[02:32.33] फिर आगे कुछ लफंगे करते आपस में मज़ाक
[02:34.52] डरती लड़की देखके
[02:36.59] बड़ी हो जाती आँख उनकी,
[02:37.58] च्छेदने नज़दीक आते उसने बो
[02:39.38] बड़ी हो जाती आँख उनकी
[02:41.63] च्छेदने नज़दीक आते उसने बोला मार्दूनगी
[02:42.66] चीखे ज़ोर से आती हैं आवाज़ उसकी
[02:43.35] हुआ ग़लत सोचे मदात लेते क़ानून की
[02:45.41] केस पे चढ़ती धूल कोई नहीं सुनता बात उनकी
[02:48.27] देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
[02:50.84] लिखा मैने लिखा मैने
[02:52.88] देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
[02:56.63] लिखा मैने लिखा मैने
[02:58.74] होने का नही चुप इश्स लीयह बोलते जारे
[03:01.87] लिखा मैने लिखा मैने
[03:04.15] खोनेका नही होश वक़्त को रखते हाथ में
[03:06.98] लिखा मैने लिखा मैने
[03:09.23] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[03:11.80] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[03:14.49] लिखा मैने
[03:15.82] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[03:17.45] लिखा मैने
[03:18.82] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[03:20.88] लिखा मैने
[03:22.74] लिखा मैनेदेखा आज तक
[03:25.86] लिखा मैने
[03:27.16] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[00:23.35] लिखा मैने लिखा मैने
[00:25.91] देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
[00:28.68] लिखा मैने लिखा मैने
[00:30.52] होने का नहीं चुप इश्स लिए बोलते जारे
[00:33.80] लिखा मैने लिखा मैने
[00:35.70] खोने का नहीं होश वक़्त को रखते हाथ में
[00:39.54] लिखा मैने लिखा मैने
[00:41.77] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[00:44.43] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[00:46.99] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[00:49.70] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[00:52.18] भलाई का ज़माना नही
[00:53.62] कमाई का ज़माना हैं
[00:54.45] कमज़ोर हो रहा देश
[00:56.05] क्यूंकी मिलावती खाना हैं
[00:57.67] बिकौ सिस्टम सारा हैं
[00:58.81] सोच कहा तक जाना हैं
[01:00.02] ग़रीब अपनी कंट्री नही
[01:01.25] छुपा रखा ख़ज़ाना हैं
[01:02.32] क्या चल रहा आज कल
[01:04.08] क्या चल रहा आज कल
[01:05.58] नागरिक अपना बैठा घर पे
[01:06.79] विकास की हैं आस पर
[01:08.00] क्या चल रहा आज कल
[01:10.11] क्या चल रहा आज कल
[01:11.43] खुले आम घपले चालू
[01:12.32] क़ानून की हैं आँख बंद
[01:13.69] कैसा मौसम चालू मैने बोला गर्मी हैं
[01:15.63] बरसात वेल टाइम पे
[01:17.46] कूचके पास तो छत नही हैं
[01:18.58] तू कब से देश में चल
[01:20.77] कार्ड नही तो हक़ नही हैं
[01:21.69] ये साले जानवर और सोच ही इनकी फ़र्ज़ी हैं
[01:23.66] कौन अपने खास कौन अपना पास
[01:26.06] कौन लेगा जान कौन रखे ख़याल
[01:28.41] यहाँ तो भाईं भाईं भी लढ़ते
[01:31.24] प्यार से बड़ा प्रॉपर्टी
[01:32.63] कर भी क्या वो सकते बढ़ती जा रही पॉवर्टी
[01:34.88] देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
[01:37.41] लिखा मैने लिखा मैने
[01:39.91] देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
[01:42.37] लिखा मैने लिखा मैने
[01:45.18] होने का नही चुप इश्स लीयह बोलते जारे
[01:48.06] लिखा मैने लिखा मैने
[01:50.24] खोनेका नही होश वक़्त को रखते हाथ में
[01:53.05] लिखा मैने लिखा मैने
[01:55.35] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[01:58.20] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[02:00.71] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[02:03.91] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[02:06.20] बड़ा परिवार सबका खर्चा भी उठना हैं
[02:08.32] सुबे जैसे होती उसके बाप को कम पे जाना हैं
[02:11.07] वो करता मेहनत बोहोट
[02:12.54] पर क्या सबका पेट भर पता हैं
[02:13.88] देखके तकलीफे पढ़ायन से मान हॅट जाता हैं
[02:16.32] वो सोच ही छोड़ो यह
[02:17.73] सब कल से करते कम
[02:18.78] एजुकेशन महेंगी क्यूंकी
[02:20.73] सचूलके महेंगे दम
[02:21.74] सरकारी शिख़्शा केन्द्रा की हालत तो हैं खराब
[02:23.78] स्पीच राइटर लिखता और
[02:25.85] यह दे देते बयान
[02:26.94] सुबे निकली कम पे अब
[02:28.77] तो हो गयी हैं शाम
[02:29.54] निकली अकेली वो पूरा रोड हैं सुनसान
[02:32.33] फिर आगे कुछ लफंगे करते आपस में मज़ाक
[02:34.52] डरती लड़की देखके
[02:36.59] बड़ी हो जाती आँख उनकी,
[02:37.58] च्छेदने नज़दीक आते उसने बो
[02:39.38] बड़ी हो जाती आँख उनकी
[02:41.63] च्छेदने नज़दीक आते उसने बोला मार्दूनगी
[02:42.66] चीखे ज़ोर से आती हैं आवाज़ उसकी
[02:43.35] हुआ ग़लत सोचे मदात लेते क़ानून की
[02:45.41] केस पे चढ़ती धूल कोई नहीं सुनता बात उनकी
[02:48.27] देखा कैसे मौसम मेरे शहेर में
[02:50.84] लिखा मैने लिखा मैने
[02:52.88] देखा कैसे देश सारे लूटते जारे
[02:56.63] लिखा मैने लिखा मैने
[02:58.74] होने का नही चुप इश्स लीयह बोलते जारे
[03:01.87] लिखा मैने लिखा मैने
[03:04.15] खोनेका नही होश वक़्त को रखते हाथ में
[03:06.98] लिखा मैने लिखा मैने
[03:09.23] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[03:11.80] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[03:14.49] लिखा मैने
[03:15.82] लिखा मैने जो भी देखा आज तक
[03:17.45] लिखा मैने
[03:18.82] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल
[03:20.88] लिखा मैने
[03:22.74] लिखा मैनेदेखा आज तक
[03:25.86] लिखा मैने
[03:27.16] लिखा मैने जो भी चल रहा आज कल