Woh Aankh Hi Kya (From "Khuddar")
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📜 Lyrics
हम्म...
वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
हो... वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
छुप छुप के मोहब्बत न मेरी जान करेंगे
हम सारे ज़माने में ये ऐलान करेंगे
बादल बिना बरसात बरसती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है
बदल बिना बरसात बरसती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है
हो, वो मंदिर क्या, तेरी मूरत नहीं जिसमें
वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
बिन यार के किस काम की दुनिया, ये ज़माना
बिन यार के ये जिंदगी बेरंग फ़साना
इक चाँद सी सूरत की ज़रूरत है सभी को
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभी को
इक चाँद सी सूरत की ज़रूरत है सभी को
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभी को
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभी को
हूँ... वो इश्क़ ही क्या, तेरी रंगत नहीं जिसमें
वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
हो... वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
हो... वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
छुप छुप के मोहब्बत न मेरी जान करेंगे
हम सारे ज़माने में ये ऐलान करेंगे
बादल बिना बरसात बरसती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है
बदल बिना बरसात बरसती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है
हो, वो मंदिर क्या, तेरी मूरत नहीं जिसमें
वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
बिन यार के किस काम की दुनिया, ये ज़माना
बिन यार के ये जिंदगी बेरंग फ़साना
इक चाँद सी सूरत की ज़रूरत है सभी को
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभी को
इक चाँद सी सूरत की ज़रूरत है सभी को
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभी को
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभी को
हूँ... वो इश्क़ ही क्या, तेरी रंगत नहीं जिसमें
वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें
हो... वो आँख ही क्या, तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या, तेरी चाहत नहीं जिसमें