Hum Apni Taraf Se
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⏱️ 5:04 duration
🆔 ID: 6591894
📜 Lyrics
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
मोहब्बत तो होती है दोनों तरफ़ से
मगर ऐसा लगता है हम ही तुम को चाहे
ये चाहत तो होती है दोनों तरफ़ से
बताएँ तुम्हें तो ये कैसे बताएँ?
दिल-ओ-जाँ से तुम को हम चाहते हैं
दिल-ओ-जाँ से तुम को तो हम चाहते हैं
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
मगर ज़िंदगी का भरोसा नहीं है
लगाए कोई कैसे यादों पे पहरा?
तुम्हें भूल के भी ना हम भूल पाए
यही कह रही है, सनम, बेख़याली
"कि हम काश तुम को गले से लगाए"
दुआओं में हम तो तुम्हें माँगते हैं
दुआओं में हम तो तुम्हें माँगते हैं
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
मगर ज़िंदगी का भरोसा नहीं है
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
मगर आप ही का भरोसा नहीं है
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
मोहब्बत तो होती है दोनों तरफ़ से
मगर ऐसा लगता है हम ही तुम को चाहे
ये चाहत तो होती है दोनों तरफ़ से
बताएँ तुम्हें तो ये कैसे बताएँ?
दिल-ओ-जाँ से तुम को हम चाहते हैं
दिल-ओ-जाँ से तुम को तो हम चाहते हैं
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
मगर ज़िंदगी का भरोसा नहीं है
लगाए कोई कैसे यादों पे पहरा?
तुम्हें भूल के भी ना हम भूल पाए
यही कह रही है, सनम, बेख़याली
"कि हम काश तुम को गले से लगाए"
दुआओं में हम तो तुम्हें माँगते हैं
दुआओं में हम तो तुम्हें माँगते हैं
मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
मगर ज़िंदगी का भरोसा नहीं है
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
मगर आप ही का भरोसा नहीं है
⏱️ Synced Lyrics
[00:42.86] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[00:49.65] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[00:56.29]
[01:03.46] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[01:10.22] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[01:17.06] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[01:23.93] निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
[01:30.82] निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
[01:37.64] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[01:44.51]
[02:01.50] मोहब्बत तो होती है दोनों तरफ़ से
[02:08.50] मगर ऐसा लगता है हम ही तुम को चाहे
[02:15.51]
[02:22.01] ये चाहत तो होती है दोनों तरफ़ से
[02:28.92] बताएँ तुम्हें तो ये कैसे बताएँ?
[02:36.03] दिल-ओ-जाँ से तुम को हम चाहते हैं
[02:42.79] दिल-ओ-जाँ से तुम को तो हम चाहते हैं
[02:49.68] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[02:56.37] निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
[03:03.15] मगर ज़िंदगी का भरोसा नहीं है
[03:09.88]
[03:30.60] लगाए कोई कैसे यादों पे पहरा?
[03:37.53] तुम्हें भूल के भी ना हम भूल पाए
[03:45.04]
[03:51.24] यही कह रही है, सनम, बेख़याली
[03:58.26] "कि हम काश तुम को गले से लगाए"
[04:05.09] दुआओं में हम तो तुम्हें माँगते हैं
[04:11.88] दुआओं में हम तो तुम्हें माँगते हैं
[04:18.50] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[04:25.59] निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
[04:32.26] मगर ज़िंदगी का भरोसा नहीं है
[04:39.34] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[04:46.10] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[04:52.99] मगर आप ही का भरोसा नहीं है
[05:01.13]
[00:49.65] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[00:56.29]
[01:03.46] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[01:10.22] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[01:17.06] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[01:23.93] निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
[01:30.82] निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
[01:37.64] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[01:44.51]
[02:01.50] मोहब्बत तो होती है दोनों तरफ़ से
[02:08.50] मगर ऐसा लगता है हम ही तुम को चाहे
[02:15.51]
[02:22.01] ये चाहत तो होती है दोनों तरफ़ से
[02:28.92] बताएँ तुम्हें तो ये कैसे बताएँ?
[02:36.03] दिल-ओ-जाँ से तुम को हम चाहते हैं
[02:42.79] दिल-ओ-जाँ से तुम को तो हम चाहते हैं
[02:49.68] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[02:56.37] निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
[03:03.15] मगर ज़िंदगी का भरोसा नहीं है
[03:09.88]
[03:30.60] लगाए कोई कैसे यादों पे पहरा?
[03:37.53] तुम्हें भूल के भी ना हम भूल पाए
[03:45.04]
[03:51.24] यही कह रही है, सनम, बेख़याली
[03:58.26] "कि हम काश तुम को गले से लगाए"
[04:05.09] दुआओं में हम तो तुम्हें माँगते हैं
[04:11.88] दुआओं में हम तो तुम्हें माँगते हैं
[04:18.50] मगर आप का कोई भरोसा नहीं है
[04:25.59] निगाहों में अपनी मोहब्बत भरी है
[04:32.26] मगर ज़िंदगी का भरोसा नहीं है
[04:39.34] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[04:46.10] हम अपनी तरफ़ से तुम्हें चाहते हैं
[04:52.99] मगर आप ही का भरोसा नहीं है
[05:01.13]