Jiya Kaanch Ka
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📜 Lyrics
अंखियों में देखो मेरी बात ये बतादो तुम
काहे ऐसे ज़ालिम हो पिया
तुम्ही ने पायल तोड़ी
हाय रे बैरी ज़ुल्मी तुम
बोलो काहे तोड़ा ये जिया
बोलो ना बोलो सजना
क्यों ये भी सोचा न के
मुझको मुस्कां के मनालूं
तुमसे जो रुठी में रहूं
यूं बात न करूं
तो कैसे चैना पालूं
पायल तो छोड़ो किस्सा बात का हैं
जिया कांच का हैं
पायल तो छोड़ो किस्सा बात का हैं
जिया कांच का हैं
खोली यूं मेरी जुल्फें
कानों में थे जो झुमके
तुमने जुल्फों में झुमके उलझा दिए
आता नहीं कुछ ढंग से
अनाड़ी हो कसम से
झुमके भी हाय तोड़े
ये क्या किए
पायल भी तोड़ी मेरी
हाय रे बैरी ओ रे बैरी
और तोड़ा मेरा ये जिया
किसको बताऊं जाके
सारी में शिकायत तेरी
ऐसा होता हैं क्या पिया
बोलो ना बोलो सजना
क्यों ये भी सोचा न के
मुझको मुस्कां के मनालूं
तुमसे जो रुठी में रहूं
यूं बात न करूं
तो कैसे चैना पालूं
पायल तो छोड़ो किस्सा बात का हैं
जिया कांच का हैं
पायल तो छोड़ो किस्सा बात का हैं
जिया कांच का हैं
काहे ऐसे ज़ालिम हो पिया
तुम्ही ने पायल तोड़ी
हाय रे बैरी ज़ुल्मी तुम
बोलो काहे तोड़ा ये जिया
बोलो ना बोलो सजना
क्यों ये भी सोचा न के
मुझको मुस्कां के मनालूं
तुमसे जो रुठी में रहूं
यूं बात न करूं
तो कैसे चैना पालूं
पायल तो छोड़ो किस्सा बात का हैं
जिया कांच का हैं
पायल तो छोड़ो किस्सा बात का हैं
जिया कांच का हैं
खोली यूं मेरी जुल्फें
कानों में थे जो झुमके
तुमने जुल्फों में झुमके उलझा दिए
आता नहीं कुछ ढंग से
अनाड़ी हो कसम से
झुमके भी हाय तोड़े
ये क्या किए
पायल भी तोड़ी मेरी
हाय रे बैरी ओ रे बैरी
और तोड़ा मेरा ये जिया
किसको बताऊं जाके
सारी में शिकायत तेरी
ऐसा होता हैं क्या पिया
बोलो ना बोलो सजना
क्यों ये भी सोचा न के
मुझको मुस्कां के मनालूं
तुमसे जो रुठी में रहूं
यूं बात न करूं
तो कैसे चैना पालूं
पायल तो छोड़ो किस्सा बात का हैं
जिया कांच का हैं
पायल तो छोड़ो किस्सा बात का हैं
जिया कांच का हैं