Yuh Toh Banjar
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⏱️ 2:39 duration
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📜 Lyrics
यूं तो बंजर सा था
मेरा आसिया महफ़िल आप के आने से सजी।
वक्त ने वक्त ये मेरे हालत है
आपका हुस्न जसने सैलाब जी।।
गुफ्तगू हो रही अब हवाओं में भी
मुस्कुरा जाते है फूल कलियां सभी।।
गुफ्तगू हो रही अब हवाओं में भी
मुस्कुरा जाते है फूल कलियां सभी।।
खुशबू मिट्ठी की हो जैसे बरसात में
क्या समा आपका हुस्न दिखलाए जी।।
हुस्न ऐसा जो ना हो कभी इतराया
झुकती पलको को जुल्फों से ही सहलाया
हुस्न ऐसा जो ना हो कभी इतराया
झुकती पलको को जुल्फों से ही सहलाया
मुस्कुराहट तो उनकी इनायत हुई
ख़्वाब है या हकीकत ये बतलाओ जी।
मेरा आसिया महफ़िल आप के आने से सजी।
वक्त ने वक्त ये मेरे हालत है
आपका हुस्न जसने सैलाब जी।।
गुफ्तगू हो रही अब हवाओं में भी
मुस्कुरा जाते है फूल कलियां सभी।।
गुफ्तगू हो रही अब हवाओं में भी
मुस्कुरा जाते है फूल कलियां सभी।।
खुशबू मिट्ठी की हो जैसे बरसात में
क्या समा आपका हुस्न दिखलाए जी।।
हुस्न ऐसा जो ना हो कभी इतराया
झुकती पलको को जुल्फों से ही सहलाया
हुस्न ऐसा जो ना हो कभी इतराया
झुकती पलको को जुल्फों से ही सहलाया
मुस्कुराहट तो उनकी इनायत हुई
ख़्वाब है या हकीकत ये बतलाओ जी।