Bikhra Ke Zulfen Chaman Mein
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⏱️ 3:22 duration
🆔 ID: 7059445
📜 Lyrics
बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
मोहब्बत के नग़्मे तुम भी ना गाना (क्यूँ?)
इसलिए कि भँवरा तुम्हारी हँसी ना उड़ाए
बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
मोहब्बत की भँवरे को पहचान क्या?
ये कलियों से पूछो, हमें क्या पता?
मोहब्बत की भँवरे को पहचान क्या?
ये कलियों से पूछो, हमें क्या पता?
हरजाई होगा (हम तो नहीं हैं)
कहीं सीख लेना ना इसकी अदा
ज़ुबाँ पर कभी बात ऐसी ना लाना (क्यूँ?)
इसलिए कि दुनिया से रस्म-ए-वफ़ा मिट ना जाए
मोहब्बत के नग़्मे तुम भी ना गाना (क्यूँ?)
इसलिए कि भँवरा तुम्हारी हँसी ना उड़ाए
कहो, साथ दोगे कहाँ तक मेरा?
वहाँ तक जहाँ आसमाँ झुक रहा
कहो, साथ दोगे कहाँ तक मेरा?
वहाँ तक जहाँ आसमाँ झुक रहा
बोलो, चलोगी? (जो तुम ले चलोगे)
कहीं राह में हो ना जाना जुदा
मेरा प्यार देखेगा सारा ज़माना (क्यूँ?)
इसलिए कि वादे किए और कर के निभाए
बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
मोहब्बत के नग़्मे तुम भी ना गाना (क्यूँ?)
इसलिए कि भँवरा तुम्हारी हँसी ना उड़ाए
बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
मोहब्बत की भँवरे को पहचान क्या?
ये कलियों से पूछो, हमें क्या पता?
मोहब्बत की भँवरे को पहचान क्या?
ये कलियों से पूछो, हमें क्या पता?
हरजाई होगा (हम तो नहीं हैं)
कहीं सीख लेना ना इसकी अदा
ज़ुबाँ पर कभी बात ऐसी ना लाना (क्यूँ?)
इसलिए कि दुनिया से रस्म-ए-वफ़ा मिट ना जाए
मोहब्बत के नग़्मे तुम भी ना गाना (क्यूँ?)
इसलिए कि भँवरा तुम्हारी हँसी ना उड़ाए
कहो, साथ दोगे कहाँ तक मेरा?
वहाँ तक जहाँ आसमाँ झुक रहा
कहो, साथ दोगे कहाँ तक मेरा?
वहाँ तक जहाँ आसमाँ झुक रहा
बोलो, चलोगी? (जो तुम ले चलोगे)
कहीं राह में हो ना जाना जुदा
मेरा प्यार देखेगा सारा ज़माना (क्यूँ?)
इसलिए कि वादे किए और कर के निभाए
बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
⏱️ Synced Lyrics
[00:31.27] बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
[00:37.32] इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
[00:45.52] मोहब्बत के नग़्मे तुम भी ना गाना (क्यूँ?)
[00:51.72] इसलिए कि भँवरा तुम्हारी हँसी ना उड़ाए
[00:57.65] बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
[01:03.56] इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
[01:10.28]
[01:23.32] मोहब्बत की भँवरे को पहचान क्या?
[01:28.03] ये कलियों से पूछो, हमें क्या पता?
[01:32.83] मोहब्बत की भँवरे को पहचान क्या?
[01:37.51] ये कलियों से पूछो, हमें क्या पता?
[01:42.47] हरजाई होगा (हम तो नहीं हैं)
[01:47.03] कहीं सीख लेना ना इसकी अदा
[01:51.73] ज़ुबाँ पर कभी बात ऐसी ना लाना (क्यूँ?)
[01:57.83] इसलिए कि दुनिया से रस्म-ए-वफ़ा मिट ना जाए
[02:03.68] मोहब्बत के नग़्मे तुम भी ना गाना (क्यूँ?)
[02:09.56] इसलिए कि भँवरा तुम्हारी हँसी ना उड़ाए
[02:15.92]
[02:29.50] कहो, साथ दोगे कहाँ तक मेरा?
[02:34.25] वहाँ तक जहाँ आसमाँ झुक रहा
[02:38.89] कहो, साथ दोगे कहाँ तक मेरा?
[02:43.57] वहाँ तक जहाँ आसमाँ झुक रहा
[02:48.48] बोलो, चलोगी? (जो तुम ले चलोगे)
[02:53.29] कहीं राह में हो ना जाना जुदा
[02:57.71] मेरा प्यार देखेगा सारा ज़माना (क्यूँ?)
[03:03.73] इसलिए कि वादे किए और कर के निभाए
[03:09.87] बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
[03:15.66] इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
[03:20.67]
[00:37.32] इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
[00:45.52] मोहब्बत के नग़्मे तुम भी ना गाना (क्यूँ?)
[00:51.72] इसलिए कि भँवरा तुम्हारी हँसी ना उड़ाए
[00:57.65] बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
[01:03.56] इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
[01:10.28]
[01:23.32] मोहब्बत की भँवरे को पहचान क्या?
[01:28.03] ये कलियों से पूछो, हमें क्या पता?
[01:32.83] मोहब्बत की भँवरे को पहचान क्या?
[01:37.51] ये कलियों से पूछो, हमें क्या पता?
[01:42.47] हरजाई होगा (हम तो नहीं हैं)
[01:47.03] कहीं सीख लेना ना इसकी अदा
[01:51.73] ज़ुबाँ पर कभी बात ऐसी ना लाना (क्यूँ?)
[01:57.83] इसलिए कि दुनिया से रस्म-ए-वफ़ा मिट ना जाए
[02:03.68] मोहब्बत के नग़्मे तुम भी ना गाना (क्यूँ?)
[02:09.56] इसलिए कि भँवरा तुम्हारी हँसी ना उड़ाए
[02:15.92]
[02:29.50] कहो, साथ दोगे कहाँ तक मेरा?
[02:34.25] वहाँ तक जहाँ आसमाँ झुक रहा
[02:38.89] कहो, साथ दोगे कहाँ तक मेरा?
[02:43.57] वहाँ तक जहाँ आसमाँ झुक रहा
[02:48.48] बोलो, चलोगी? (जो तुम ले चलोगे)
[02:53.29] कहीं राह में हो ना जाना जुदा
[02:57.71] मेरा प्यार देखेगा सारा ज़माना (क्यूँ?)
[03:03.73] इसलिए कि वादे किए और कर के निभाए
[03:09.87] बिखरा के ज़ुल्फ़ें चमन में ना जाना (क्यूँ?)
[03:15.66] इसलिए कि शरमा ना जाएँ फूलों के साए
[03:20.67]