Mere Mehboob Ki Yehi Pehchan
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⏱️ 6:05 duration
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📜 Lyrics
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
थोड़ी मासूम है थोड़ी नादान है
थोड़ी मासूम है थोड़ी नादान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
एक दिन वो मिली मुस्करा के गई
दर्द-ए-दिल मेरे दिल में जमा के गई
एक दिन वो मिली मुस्करा के गई
दर्द-ए-दिल मेरे दिल में जमा के गई
वो हसीं दिलरुबा दिल चुरा के गई
मेरी चाहत है वो मेरा अरमान है
मेरी चाहत है वो मेरा अरमान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
अजनबी दो दिलों की मुलाकात थी
बस घड़ी दो घड़ी वो मेरे साथ थी
अजनबी दो दिलों की मुलाकात थी
बस घड़ी दो घड़ी वो मेरे साथ थी
कह न पाया था मैं दिल में जो बात थी
जानती है मुझे मगर अन्जान है
जानती है मुझे मगर अन्जान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
गर कभी फिर मिली तो बताऊँगा मैं
हाल-ए-दिल उस हसीं को सुनाऊँगा मैं
गर कभी फिर मिली तो बताऊँगा मैं
हाल-ए-दिल उस हसीं को सुनाऊँगा मैं
उम्र भर न उसे भूल पाऊँगा मैं
वो मेरा चैन है वो मेरी जान है
वो मेरा चैन है वो मेरी जान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
दिल का मेहमान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
थोड़ी मासूम है थोड़ी नादान है
थोड़ी मासूम है थोड़ी नादान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
मेरे मेहबूब की यही पहचान है
एक दिन वो मिली मुस्करा के गई
दर्द-ए-दिल मेरे दिल में जमा के गई
एक दिन वो मिली मुस्करा के गई
दर्द-ए-दिल मेरे दिल में जमा के गई
वो हसीं दिलरुबा दिल चुरा के गई
मेरी चाहत है वो मेरा अरमान है
मेरी चाहत है वो मेरा अरमान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
अजनबी दो दिलों की मुलाकात थी
बस घड़ी दो घड़ी वो मेरे साथ थी
अजनबी दो दिलों की मुलाकात थी
बस घड़ी दो घड़ी वो मेरे साथ थी
कह न पाया था मैं दिल में जो बात थी
जानती है मुझे मगर अन्जान है
जानती है मुझे मगर अन्जान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
गर कभी फिर मिली तो बताऊँगा मैं
हाल-ए-दिल उस हसीं को सुनाऊँगा मैं
गर कभी फिर मिली तो बताऊँगा मैं
हाल-ए-दिल उस हसीं को सुनाऊँगा मैं
उम्र भर न उसे भूल पाऊँगा मैं
वो मेरा चैन है वो मेरी जान है
वो मेरा चैन है वो मेरी जान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
ख़ूबसूरत है वोह
दिल का मेहमान है
मेरे महबूब की यही पहचान है
मेरे महबूब की यही पहचान है