Home 🎬 Bollywood 🎵 Pakistani 🎤 English Pop

Tumhen Dekhti Hoon To

👤 Jaidev, Ashok Kumar & Dinesh Hingoo 🎼 Tumhare Liye (Original Motion Picture Soundtrack) ⏱️ 5:42
🎵 2207 characters
⏱️ 5:42 duration
🆔 ID: 7280636

📜 Lyrics

तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे
के जैसे युगों से तुम्हे जानती हूँ
तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे
के जैसे युगों से तुम्हे जानती हूँ
अगर तुम हो सागर
अगर तुम हो सागर, मैं प्यासी नदी हूँ
अगर तुम हो सावन, मैं जलती कली हूँ
पिया तुम हो सागर

मुझे मेरी नींदें, मेरा चैन दे दो
मुझे मेरी सपनों की इक रैन, दे दो न
यही बात पहले भी तुमसे कही थी
वही बात फिर आज, दोहरा रही हूँ
पिया तुम हो सागर

तुम्हें छूके पल में, बने धूल चन्दन
तुम्हारी महक से, महकने लगे तन
मेरे पास आओ, गले से लगाओ
पिया और तुमसे मैं क्या चाहती हूँ
तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे
के जैसे युगों से तुम्हे जानती हूँ
अगर तुम हो सागर

मुरलिया समझकर, मुझे तुम उठा लो
बस इक बार होंटों से अपने, लगा लो न
कोई सुर तो जागे, मेरी धड़कनों में
के मैं अपनी सरगम से रूठी हुई हूँ
तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे
के जैसे युगों से तुम्हे जानती हूँ
अगत तुम हो सागर, मैं प्यासी नदी हूँ
अगर तुम हो सावन, मैं जलती कली हूँ
पिया तुम हो सागर

⏱️ Synced Lyrics

[00:08.54] तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे
[00:18.88] के जैसे युगों से तुम्हे जानती हूँ
[00:27.60] तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे
[00:34.69] के जैसे युगों से तुम्हे जानती हूँ
[00:41.78] अगर तुम हो सागर
[00:48.85] अगर तुम हो सागर, मैं प्यासी नदी हूँ
[00:56.34] अगर तुम हो सावन, मैं जलती कली हूँ
[01:03.59] पिया तुम हो सागर
[01:22.24] मुझे मेरी नींदें, मेरा चैन दे दो
[01:36.21] मुझे मेरी सपनों की इक रैन, दे दो न
[01:43.69] यही बात पहले भी तुमसे कही थी
[01:54.45] वही बात फिर आज, दोहरा रही हूँ
[02:01.42] पिया तुम हो सागर
[02:29.52] तुम्हें छूके पल में, बने धूल चन्दन
[02:43.44] तुम्हारी महक से, महकने लगे तन
[02:55.38] मेरे पास आओ, गले से लगाओ
[03:06.24] पिया और तुमसे मैं क्या चाहती हूँ
[03:13.18] तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे
[03:20.34] के जैसे युगों से तुम्हे जानती हूँ
[03:27.64] अगर तुम हो सागर
[03:53.39] मुरलिया समझकर, मुझे तुम उठा लो
[04:07.89] बस इक बार होंटों से अपने, लगा लो न
[04:22.45] कोई सुर तो जागे, मेरी धड़कनों में
[04:33.04] के मैं अपनी सरगम से रूठी हुई हूँ
[04:40.72] तुम्हें देखती हूँ तो लगता है ऐसे
[04:47.73] के जैसे युगों से तुम्हे जानती हूँ
[04:55.36] अगत तुम हो सागर, मैं प्यासी नदी हूँ
[05:02.05] अगर तुम हो सावन, मैं जलती कली हूँ
[05:09.65] पिया तुम हो सागर
[05:13.20]

⭐ Rate These Lyrics

Average: 0.0/5 • 0 ratings