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Wadiye Ishq Se (Male Version)

👤 Altaf Raja, Liyakat Ajmeri 🎼 Voice Of Romance Altaf Raja ⏱️ 7:02
🎵 4439 characters
⏱️ 7:02 duration
🆔 ID: 7295454

📜 Lyrics

दिल की कश्ती नज़र से चलती है
ज़िन्दगी किस हुनर से चलती?
झूम उठता है ख़ुद-ब-ख़ुद मौसम
जब वो शहज़ादी घर से चलती है

दिल की भोली है, तबीयत की बड़ी है सादी
दिल की भोली है, तबीयत की बड़ी है सादी
वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी

दिल की भोली है, तबीयत की बड़ी है सादी
वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
हाँ, वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी

उससे कलियों ने चटकने की अदाएँ ली हैं
उससे शाख़ों ने लचकने की अदाएँ ली हैं

उसकी जबीं का हुस्न सितारों से कम नहीं
उसकी नज़र का रंग बहारों से कम नहीं

सर्दी में भी छू लूँ...
सर्दी में भी छू लूँ तो मुझे आए पसीना
उसके बदन की आँच शरारों से कम नहीं

उससे कलियों ने चटकने की अदाएँ ली हैं
उससे शाख़ों ने लचकने की अदाएँ ली हैं
उससे बिजली ने घटाओं में चमकना सीखा
उससे फूलों ने महकने की अदाएँ ली हैं

ज़ुल्फ़ सोने की तरह, हाय
ज़ुल्फ़ सोने की तरह, जिस्म है जैसे चाँदी
वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी

वो अजंता सी कभी, और कभी ताज महल
उसकी मासूम जवानी का नहीं कोई बदल

एक झलक में ही प्यार हो जाए
जान-ओ-दिल से निसार हो जाए
देख ले बेनक़ाब उसको अगर
देख ले बेनक़ाब उसको अगर
चाँद भी शर्मसार हो जाए

वो अजंता सी कभी, और कभी ताज महल
उसकी मासूम जवानी का नहीं कोई बदल
वो अगर सैर को रातों में कभी निकले तो
चाँद-तारों की नुमाइश में भी पड़ जाए ख़लल

हर कोई उसका...
हर कोई उसका तलबगार, उसका फ़रियादी
वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी

उसकी सूरत मेरी आँखों में सजी रहती है
दिल में अरमानों की महफ़िल सी लगी रहती है

पास रहता है, दूर रहता है
उसका जादू ज़रूर रहता है
जब से देखा है उसकी आँखों को
जब से देखा है उसकी आँखों को
हल्का-हल्का सुरूर रहता है

उसकी सूरत मेरी आँखों में सजी रहती है
दिल में अरमानों की महफ़िल सी लगी रहती है
वो रहे पास तो लगती है ये दुनिया रोशन
वो हो जब दूर, नज़ारों में कमी रहती है

एक हलचल सी, हाय
एक हलचल सी मेरे दिल में उसने बरपा दी
वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
हाँ, वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी

⏱️ Synced Lyrics

[00:19.62] दिल की कश्ती नज़र से चलती है
[00:28.09] ज़िन्दगी किस हुनर से चलती?
[00:36.47] झूम उठता है ख़ुद-ब-ख़ुद मौसम
[00:45.65] जब वो शहज़ादी घर से चलती है
[00:53.42]
[01:04.25] दिल की भोली है, तबीयत की बड़ी है सादी
[01:08.91] दिल की भोली है, तबीयत की बड़ी है सादी
[01:13.85] वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[01:18.28]
[01:23.20] दिल की भोली है, तबीयत की बड़ी है सादी
[01:28.18] वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[01:37.46] हाँ, वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[01:43.55]
[02:07.58] उससे कलियों ने चटकने की अदाएँ ली हैं
[02:12.34] उससे शाख़ों ने लचकने की अदाएँ ली हैं
[02:19.08] उसकी जबीं का हुस्न सितारों से कम नहीं
[02:24.13] उसकी नज़र का रंग बहारों से कम नहीं
[02:29.46] सर्दी में भी छू लूँ...
[02:31.96] सर्दी में भी छू लूँ तो मुझे आए पसीना
[02:36.01] उसके बदन की आँच शरारों से कम नहीं
[02:40.35] उससे कलियों ने चटकने की अदाएँ ली हैं
[02:44.95] उससे शाख़ों ने लचकने की अदाएँ ली हैं
[02:49.63] उससे बिजली ने घटाओं में चमकना सीखा
[02:54.68] उससे फूलों ने महकने की अदाएँ ली हैं
[02:59.44] ज़ुल्फ़ सोने की तरह, हाय
[03:04.29] ज़ुल्फ़ सोने की तरह, जिस्म है जैसे चाँदी
[03:08.92] वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[03:18.74] वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[03:23.59]
[03:53.48] वो अजंता सी कभी, और कभी ताज महल
[03:58.05] उसकी मासूम जवानी का नहीं कोई बदल
[04:04.63] एक झलक में ही प्यार हो जाए
[04:07.93] जान-ओ-दिल से निसार हो जाए
[04:11.48] देख ले बेनक़ाब उसको अगर
[04:14.65] देख ले बेनक़ाब उसको अगर
[04:17.75] चाँद भी शर्मसार हो जाए
[04:21.07] वो अजंता सी कभी, और कभी ताज महल
[04:25.82] उसकी मासूम जवानी का नहीं कोई बदल
[04:30.51] वो अगर सैर को रातों में कभी निकले तो
[04:35.31] चाँद-तारों की नुमाइश में भी पड़ जाए ख़लल
[04:40.24] हर कोई उसका...
[04:44.96] हर कोई उसका तलबगार, उसका फ़रियादी
[04:49.73] वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[04:59.42] वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[05:05.33]
[05:43.83] उसकी सूरत मेरी आँखों में सजी रहती है
[05:48.61] दिल में अरमानों की महफ़िल सी लगी रहती है
[05:54.97] पास रहता है, दूर रहता है
[05:58.72] उसका जादू ज़रूर रहता है
[06:02.03] जब से देखा है उसकी आँखों को
[06:05.13] जब से देखा है उसकी आँखों को
[06:08.18] हल्का-हल्का सुरूर रहता है
[06:11.35] उसकी सूरत मेरी आँखों में सजी रहती है
[06:16.19] दिल में अरमानों की महफ़िल सी लगी रहती है
[06:21.04] वो रहे पास तो लगती है ये दुनिया रोशन
[06:25.79] वो हो जब दूर, नज़ारों में कमी रहती है
[06:30.67] एक हलचल सी, हाय
[06:35.38] एक हलचल सी मेरे दिल में उसने बरपा दी
[06:40.18] वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[06:49.30] हाँ, वादी-ए-इश्क़ से आई है मेरी शहज़ादी
[06:55.43]

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