Ilzaam Mohabbat Ka
🎵 4003 characters
⏱️ 4:28 duration
🆔 ID: 7537482
📜 Lyrics
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
के गैर अदाओं से
बर्बाद किया तुमने
तुम्हे पा ना सके हम पर
अफ़सोस नही करते
के गैर अदाओं से
बर्बाद किया तुमने
तुम्हे पा ना सके हम पर
अफ़सोस नही करते
हाँ प्यार किया हमने
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
हाँ प्यार किया हमने
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
आँखों से ज़हेर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नीयत का पता होता
एक घूँट नही भरते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
आँखों से जेहर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नीयत का पता होता
एक घूँट नही भरते
की आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
के आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
के आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
ये राज़ हमारा था
दुनिया को बताया है
आए काश की हम तुमको
हमराज नहीं रखते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
ये राज हमारा था
दुनिया को बताया है
आए काश की हम तुमको
हमराज नहीं रखते
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
आँखों से ज़ेहर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नियत का पता होता
एक घूंट नहीं भरते
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
के गैर अदाओं से
बर्बाद किया तुमने
तुम्हे पा ना सके हम पर
अफ़सोस नही करते
के गैर अदाओं से
बर्बाद किया तुमने
तुम्हे पा ना सके हम पर
अफ़सोस नही करते
हाँ प्यार किया हमने
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
हाँ प्यार किया हमने
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
हम मान चुके होते
के इश्क़ नही था वो
नाखुश थे अगर इतने
ज़ाहिर तो कभी करते
आँखों से ज़हेर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नीयत का पता होता
एक घूँट नही भरते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
आँखों से जेहर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नीयत का पता होता
एक घूँट नही भरते
की आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
के आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
के आज ये कहने पर
मजबूर किया तुमने
वरना हम ज़ख़्मो को
बाजार नही करते
ये राज़ हमारा था
दुनिया को बताया है
आए काश की हम तुमको
हमराज नहीं रखते
इल्ज़ाम मोहब्बत का
हम पर तो लगाया है
कुदरत की अदालत से
खुद को तो बरी करते
ये राज हमारा था
दुनिया को बताया है
आए काश की हम तुमको
हमराज नहीं रखते
हर बार बताया है
फ़ितरत का पता होता
इज़हार नही करते
आँखों से ज़ेहर तुमने
क्या खूब पिलाया है
नियत का पता होता
एक घूंट नहीं भरते
⏱️ Synced Lyrics
[00:09.21] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[00:14.89] हम पर तो लगाया है
[00:17.70] कुदरत की अदालत से
[00:19.13] खुद को तो बरी करते
[00:33.48] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[00:34.74] हम पर तो लगाया है
[00:37.32] कुदरत की अदालत से
[00:39.72] खुद को तो बरी करते
[00:44.12] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[00:46.95] हम पर तो लगाया है
[00:48.45] कुदरत की अदालत से
[00:50.97] खुद को तो बरी करते
[00:55.01] के गैर अदाओं से
[00:57.05] बर्बाद किया तुमने
[00:59.10] तुम्हे पा ना सके हम पर
[01:02.22] अफ़सोस नही करते
[01:05.35] के गैर अदाओं से
[01:07.17] बर्बाद किया तुमने
[01:09.93] तुम्हे पा ना सके हम पर
[01:12.91] अफ़सोस नही करते
[01:16.60] हाँ प्यार किया हमने
[01:18.39] हर बार बताया है
[01:21.34] फ़ितरत का पता होता
[01:24.06] इज़हार नही करते
[01:26.91] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[01:29.03] हम पर तो लगाया है
[01:31.38] कुदरत की अदालत से
[01:34.24] खुद को तो बरी करते
[01:38.18] हाँ प्यार किया हमने
[01:40.19] हर बार बताया है
[01:42.30] फ़ितरत का पता होता
[01:45.00] इज़हार नही करते
[01:49.95] हम मान चुके होते
[01:51.30] के इश्क़ नही था वो
[01:53.65] नाखुश थे अगर इतने
[01:56.59] ज़ाहिर तो कभी करते
[01:59.61] हम मान चुके होते
[02:01.21] के इश्क़ नही था वो
[02:04.21] नाखुश थे अगर इतने
[02:06.56] ज़ाहिर तो कभी करते
[02:10.43] हम मान चुके होते
[02:13.26] के इश्क़ नही था वो
[02:14.94] नाखुश थे अगर इतने
[02:17.39] ज़ाहिर तो कभी करते
[02:21.36] आँखों से ज़हेर तुमने
[02:23.49] क्या खूब पिलाया है
[02:26.58] नीयत का पता होता
[02:28.53] एक घूँट नही भरते
[02:32.25] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[02:34.03] हम पर तो लगाया है
[02:36.71] कुदरत की अदालत से
[02:39.34] खुद को तो बरी करते
[02:43.00] आँखों से जेहर तुमने
[02:44.90] क्या खूब पिलाया है
[02:46.91] नीयत का पता होता
[02:49.51] एक घूँट नही भरते
[02:54.98] की आज ये कहने पर
[02:55.69] मजबूर किया तुमने
[02:58.70] वरना हम ज़ख़्मो को
[03:00.79] बाजार नही करते
[03:04.78] के आज ये कहने पर
[03:05.91] मजबूर किया तुमने
[03:08.80] वरना हम ज़ख़्मो को
[03:11.19] बाजार नही करते
[03:15.36] के आज ये कहने पर
[03:17.32] मजबूर किया तुमने
[03:18.91] वरना हम ज़ख़्मो को
[03:21.95] बाजार नही करते
[03:26.09] ये राज़ हमारा था
[03:28.13] दुनिया को बताया है
[03:30.92] आए काश की हम तुमको
[03:32.94] हमराज नहीं रखते
[03:36.70] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[03:38.12] हम पर तो लगाया है
[03:40.82] कुदरत की अदालत से
[03:43.19] खुद को तो बरी करते
[03:46.36] ये राज हमारा था
[03:50.30] दुनिया को बताया है
[03:52.97] आए काश की हम तुमको
[03:55.18] हमराज नहीं रखते
[04:00.72] हर बार बताया है
[04:06.39] फ़ितरत का पता होता
[04:07.00] इज़हार नही करते
[04:10.48] आँखों से ज़ेहर तुमने
[04:13.22] क्या खूब पिलाया है
[04:14.19] नियत का पता होता
[04:15.98] एक घूंट नहीं भरते
[00:14.89] हम पर तो लगाया है
[00:17.70] कुदरत की अदालत से
[00:19.13] खुद को तो बरी करते
[00:33.48] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[00:34.74] हम पर तो लगाया है
[00:37.32] कुदरत की अदालत से
[00:39.72] खुद को तो बरी करते
[00:44.12] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[00:46.95] हम पर तो लगाया है
[00:48.45] कुदरत की अदालत से
[00:50.97] खुद को तो बरी करते
[00:55.01] के गैर अदाओं से
[00:57.05] बर्बाद किया तुमने
[00:59.10] तुम्हे पा ना सके हम पर
[01:02.22] अफ़सोस नही करते
[01:05.35] के गैर अदाओं से
[01:07.17] बर्बाद किया तुमने
[01:09.93] तुम्हे पा ना सके हम पर
[01:12.91] अफ़सोस नही करते
[01:16.60] हाँ प्यार किया हमने
[01:18.39] हर बार बताया है
[01:21.34] फ़ितरत का पता होता
[01:24.06] इज़हार नही करते
[01:26.91] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[01:29.03] हम पर तो लगाया है
[01:31.38] कुदरत की अदालत से
[01:34.24] खुद को तो बरी करते
[01:38.18] हाँ प्यार किया हमने
[01:40.19] हर बार बताया है
[01:42.30] फ़ितरत का पता होता
[01:45.00] इज़हार नही करते
[01:49.95] हम मान चुके होते
[01:51.30] के इश्क़ नही था वो
[01:53.65] नाखुश थे अगर इतने
[01:56.59] ज़ाहिर तो कभी करते
[01:59.61] हम मान चुके होते
[02:01.21] के इश्क़ नही था वो
[02:04.21] नाखुश थे अगर इतने
[02:06.56] ज़ाहिर तो कभी करते
[02:10.43] हम मान चुके होते
[02:13.26] के इश्क़ नही था वो
[02:14.94] नाखुश थे अगर इतने
[02:17.39] ज़ाहिर तो कभी करते
[02:21.36] आँखों से ज़हेर तुमने
[02:23.49] क्या खूब पिलाया है
[02:26.58] नीयत का पता होता
[02:28.53] एक घूँट नही भरते
[02:32.25] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[02:34.03] हम पर तो लगाया है
[02:36.71] कुदरत की अदालत से
[02:39.34] खुद को तो बरी करते
[02:43.00] आँखों से जेहर तुमने
[02:44.90] क्या खूब पिलाया है
[02:46.91] नीयत का पता होता
[02:49.51] एक घूँट नही भरते
[02:54.98] की आज ये कहने पर
[02:55.69] मजबूर किया तुमने
[02:58.70] वरना हम ज़ख़्मो को
[03:00.79] बाजार नही करते
[03:04.78] के आज ये कहने पर
[03:05.91] मजबूर किया तुमने
[03:08.80] वरना हम ज़ख़्मो को
[03:11.19] बाजार नही करते
[03:15.36] के आज ये कहने पर
[03:17.32] मजबूर किया तुमने
[03:18.91] वरना हम ज़ख़्मो को
[03:21.95] बाजार नही करते
[03:26.09] ये राज़ हमारा था
[03:28.13] दुनिया को बताया है
[03:30.92] आए काश की हम तुमको
[03:32.94] हमराज नहीं रखते
[03:36.70] इल्ज़ाम मोहब्बत का
[03:38.12] हम पर तो लगाया है
[03:40.82] कुदरत की अदालत से
[03:43.19] खुद को तो बरी करते
[03:46.36] ये राज हमारा था
[03:50.30] दुनिया को बताया है
[03:52.97] आए काश की हम तुमको
[03:55.18] हमराज नहीं रखते
[04:00.72] हर बार बताया है
[04:06.39] फ़ितरत का पता होता
[04:07.00] इज़हार नही करते
[04:10.48] आँखों से ज़ेहर तुमने
[04:13.22] क्या खूब पिलाया है
[04:14.19] नियत का पता होता
[04:15.98] एक घूंट नहीं भरते