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Kai Baar Yun Bhi Dekha Hai

👤 Mukesh 🎼 Ek Sur Dui Gaan, Vol. 2 ⏱️ 3:22
🎵 1452 characters
⏱️ 3:22 duration
🆔 ID: 7679997

📜 Lyrics

कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ ने लगता है

अंजानी प्यास के पीछे
अंजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

राहों में, राहों में, जीवन की राहों में
जो खिले हैं फूल-फूल मुस्कुरा के
कौन सा फूल चुरा के
रख लूँ मन में सजा के

कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ने लगता है

अंजानी प्यास के पीछे
अंजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

जानूँ ना, जानूँ ना, उलझन ये जानूँ ना
सुलझाऊँ कैसे कुछ समझ ना पऊँ
किस को मीत बनाऊँ
किस की प्रीत भुलाऊँ

कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ ने लगता है

अंजानी प्यास के पीछे
अंजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

⏱️ Synced Lyrics

[00:37.00] कई बार यूँ भी देखा है
[00:41.47] ये जो मन की सीमा रेखा है
[00:45.43] मन तोड़ ने लगता है
[00:51.47] अंजानी प्यास के पीछे
[00:55.46] अंजानी आस के पीछे
[00:59.42] मन दौड़ने लगता है
[01:03.84]
[01:13.60] राहों में, राहों में, जीवन की राहों में
[01:30.13] जो खिले हैं फूल-फूल मुस्कुरा के
[01:38.53] कौन सा फूल चुरा के
[01:42.97] रख लूँ मन में सजा के
[01:46.62] कई बार यूँ भी देखा है
[01:50.73] ये जो मन की सीमा रेखा है
[01:54.74] मन तोड़ने लगता है
[02:00.93] अंजानी प्यास के पीछे
[02:04.99] अंजानी आस के पीछे
[02:09.00] मन दौड़ने लगता है
[02:13.52]
[02:22.79] जानूँ ना, जानूँ ना, उलझन ये जानूँ ना
[02:39.26] सुलझाऊँ कैसे कुछ समझ ना पऊँ
[02:47.86] किस को मीत बनाऊँ
[02:52.73] किस की प्रीत भुलाऊँ
[02:55.65] कई बार यूँ भी देखा है
[02:59.95] ये जो मन की सीमा रेखा है
[03:04.02] मन तोड़ ने लगता है
[03:10.07] अंजानी प्यास के पीछे
[03:13.98] अंजानी आस के पीछे
[03:17.90] मन दौड़ने लगता है
[03:21.15]

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