Devi Dasa Shloka Stuti
🎵 4867 characters
⏱️ 7:17 duration
🆔 ID: 7710844
📜 Lyrics
चेटी भवन् निखिल खेटी कदंबवन-वाटीषु नाकिपटली
कोटीर चारुतर-कोटी मणीकिरण-कोटी करंबित पदा
पाटीर गन्धि कुचशाटी कवित्व परिपाटीम्-अगाधिप सुता
घोटी खुरादधिक धाटीम् उदार मुख वीटी रसेन तनुताम्
द्वैपायन प्रभृति शापायुध त्रिदिव सोपान धूलि चरणा
पापापह स्वमनु-जापानुलीन-जन तापापनोद निपुणा
नीपालया सुरभि धूपालका दुरितकूपाद्-उदंचयतु माम्
रूपाधिका शिखरि भूपाल वंश मणिदीपायिता भगवती
आळीभिर्-आप्त तनुराळी लसत् क्रिय कपोळीषु खेलति भव
व्याळी नकुल्यसित चूळी भरा चरण धूळी लसन्-मुनिगणा
आळी-भृत श्रवसि ताळी-दलम् वहति याळीक शोभि तिलका
साळी करोतु मम काळी मनः स्वपद नाळीक सेवन विधौ
बालामृतांशु-निभ-फाला मनाग्-अरुण चेला नितंब फलके
कोलाहल क्षपित कालामराकुशल कीलाल शोषण रविः
स्थूला कुचे जलद नीला कचे कलित वीला कदंब विपिने
शूलायुध प्रणत शीला विधातु हृदि शैलाधि-राज-तनया
कंबावतीव स विडंबा गलेन नव तुंबाग वीण सविधा
बिंबाधरा विनत शंबायुधादि निकुरुंबा कदंब विपिने
अंबा कुरङ्ग मद जन्ताळ रोचिरिह लंबालका दिशतु मे
शम् बाहुलेय शशि बिंब अभिराम मुख संबाधित स्तन भरा
पङ्काकरे वपुषि कङ्काल रक्त पुषि कङ्कादि पक्षि विषये
त्वं कामनाम्-अयसि किम् कारणम् हृदय पंकारि मे हि गिरिजाम्
शंका शिला निशित टङ्कायमान पद संकाशमान सुमनो
झंकारि भृंग ततिम्-अङ्कानुपेत शशि संकाश वक्त्र कमलाम्
दासायमान सुमहासा कदंबवन वासा कुसुंभ सुमनो
वासा विपञ्चि कृत रासा विधूत मधु मासारविंद मधुरा
कासार सून तति भास अभिराम तनुर् आसार शीत करुणा
नासा मणि प्रवर भासा शिवा तिमिरमासायेद्-उपरतिम्
जंभारि कुंभि पृथु कुंभापहासि कुच संभाव्य हार तिलका
रंभा करींद्र कर दंभापहोरु गति डिंभा अनुरंजित पदा
शंभा उदार परिरंभाङ्कुरात् पुलक दंभानुराग पिशुना
शम् भासुर आभरण गुंफा सदा दिशतु शुंभासुर प्रहरणा
दाक्षायणी दनुज शिक्षा विधौ वितत दीक्षा मनोहर गुणा
भिक्षाशिनो नटन वीक्षा विनोद मुख दक्षाध्वर प्रहरणा
वीक्षाम् विधेहि मयि दक्षा स्वकीय जन पक्षा विपक्ष विमुखी
यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
कोटीर चारुतर-कोटी मणीकिरण-कोटी करंबित पदा
पाटीर गन्धि कुचशाटी कवित्व परिपाटीम्-अगाधिप सुता
घोटी खुरादधिक धाटीम् उदार मुख वीटी रसेन तनुताम्
द्वैपायन प्रभृति शापायुध त्रिदिव सोपान धूलि चरणा
पापापह स्वमनु-जापानुलीन-जन तापापनोद निपुणा
नीपालया सुरभि धूपालका दुरितकूपाद्-उदंचयतु माम्
रूपाधिका शिखरि भूपाल वंश मणिदीपायिता भगवती
आळीभिर्-आप्त तनुराळी लसत् क्रिय कपोळीषु खेलति भव
व्याळी नकुल्यसित चूळी भरा चरण धूळी लसन्-मुनिगणा
आळी-भृत श्रवसि ताळी-दलम् वहति याळीक शोभि तिलका
साळी करोतु मम काळी मनः स्वपद नाळीक सेवन विधौ
बालामृतांशु-निभ-फाला मनाग्-अरुण चेला नितंब फलके
कोलाहल क्षपित कालामराकुशल कीलाल शोषण रविः
स्थूला कुचे जलद नीला कचे कलित वीला कदंब विपिने
शूलायुध प्रणत शीला विधातु हृदि शैलाधि-राज-तनया
कंबावतीव स विडंबा गलेन नव तुंबाग वीण सविधा
बिंबाधरा विनत शंबायुधादि निकुरुंबा कदंब विपिने
अंबा कुरङ्ग मद जन्ताळ रोचिरिह लंबालका दिशतु मे
शम् बाहुलेय शशि बिंब अभिराम मुख संबाधित स्तन भरा
पङ्काकरे वपुषि कङ्काल रक्त पुषि कङ्कादि पक्षि विषये
त्वं कामनाम्-अयसि किम् कारणम् हृदय पंकारि मे हि गिरिजाम्
शंका शिला निशित टङ्कायमान पद संकाशमान सुमनो
झंकारि भृंग ततिम्-अङ्कानुपेत शशि संकाश वक्त्र कमलाम्
दासायमान सुमहासा कदंबवन वासा कुसुंभ सुमनो
वासा विपञ्चि कृत रासा विधूत मधु मासारविंद मधुरा
कासार सून तति भास अभिराम तनुर् आसार शीत करुणा
नासा मणि प्रवर भासा शिवा तिमिरमासायेद्-उपरतिम्
जंभारि कुंभि पृथु कुंभापहासि कुच संभाव्य हार तिलका
रंभा करींद्र कर दंभापहोरु गति डिंभा अनुरंजित पदा
शंभा उदार परिरंभाङ्कुरात् पुलक दंभानुराग पिशुना
शम् भासुर आभरण गुंफा सदा दिशतु शुंभासुर प्रहरणा
दाक्षायणी दनुज शिक्षा विधौ वितत दीक्षा मनोहर गुणा
भिक्षाशिनो नटन वीक्षा विनोद मुख दक्षाध्वर प्रहरणा
वीक्षाम् विधेहि मयि दक्षा स्वकीय जन पक्षा विपक्ष विमुखी
यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
⏱️ Synced Lyrics
[00:37.66] चेटी भवन् निखिल खेटी कदंबवन-वाटीषु नाकिपटली
[00:46.39] कोटीर चारुतर-कोटी मणीकिरण-कोटी करंबित पदा
[00:55.23] पाटीर गन्धि कुचशाटी कवित्व परिपाटीम्-अगाधिप सुता
[01:04.36] घोटी खुरादधिक धाटीम् उदार मुख वीटी रसेन तनुताम्
[01:17.47] द्वैपायन प्रभृति शापायुध त्रिदिव सोपान धूलि चरणा
[01:26.36] पापापह स्वमनु-जापानुलीन-जन तापापनोद निपुणा
[01:35.27] नीपालया सुरभि धूपालका दुरितकूपाद्-उदंचयतु माम्
[01:44.00] रूपाधिका शिखरि भूपाल वंश मणिदीपायिता भगवती
[02:02.07] आळीभिर्-आप्त तनुराळी लसत् क्रिय कपोळीषु खेलति भव
[02:10.73] व्याळी नकुल्यसित चूळी भरा चरण धूळी लसन्-मुनिगणा
[02:19.70] आळी-भृत श्रवसि ताळी-दलम् वहति याळीक शोभि तिलका
[02:28.57] साळी करोतु मम काळी मनः स्वपद नाळीक सेवन विधौ
[02:37.86] बालामृतांशु-निभ-फाला मनाग्-अरुण चेला नितंब फलके
[02:46.33] कोलाहल क्षपित कालामराकुशल कीलाल शोषण रविः
[02:55.20] स्थूला कुचे जलद नीला कचे कलित वीला कदंब विपिने
[03:04.06] शूलायुध प्रणत शीला विधातु हृदि शैलाधि-राज-तनया
[03:30.91] कंबावतीव स विडंबा गलेन नव तुंबाग वीण सविधा
[03:39.67] बिंबाधरा विनत शंबायुधादि निकुरुंबा कदंब विपिने
[03:48.51] अंबा कुरङ्ग मद जन्ताळ रोचिरिह लंबालका दिशतु मे
[03:57.46] शम् बाहुलेय शशि बिंब अभिराम मुख संबाधित स्तन भरा
[04:06.78] पङ्काकरे वपुषि कङ्काल रक्त पुषि कङ्कादि पक्षि विषये
[04:15.19] त्वं कामनाम्-अयसि किम् कारणम् हृदय पंकारि मे हि गिरिजाम्
[04:24.17] शंका शिला निशित टङ्कायमान पद संकाशमान सुमनो
[04:33.00] झंकारि भृंग ततिम्-अङ्कानुपेत शशि संकाश वक्त्र कमलाम्
[04:59.73] दासायमान सुमहासा कदंबवन वासा कुसुंभ सुमनो
[05:08.62] वासा विपञ्चि कृत रासा विधूत मधु मासारविंद मधुरा
[05:17.52] कासार सून तति भास अभिराम तनुर् आसार शीत करुणा
[05:26.39] नासा मणि प्रवर भासा शिवा तिमिरमासायेद्-उपरतिम्
[05:35.20] जंभारि कुंभि पृथु कुंभापहासि कुच संभाव्य हार तिलका
[05:44.05] रंभा करींद्र कर दंभापहोरु गति डिंभा अनुरंजित पदा
[05:52.96] शंभा उदार परिरंभाङ्कुरात् पुलक दंभानुराग पिशुना
[06:01.96] शम् भासुर आभरण गुंफा सदा दिशतु शुंभासुर प्रहरणा
[06:19.95] दाक्षायणी दनुज शिक्षा विधौ वितत दीक्षा मनोहर गुणा
[06:28.59] भिक्षाशिनो नटन वीक्षा विनोद मुख दक्षाध्वर प्रहरणा
[06:37.33] वीक्षाम् विधेहि मयि दक्षा स्वकीय जन पक्षा विपक्ष विमुखी
[06:46.22] यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
[06:55.24] यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
[07:04.09] यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
[07:13.64]
[00:46.39] कोटीर चारुतर-कोटी मणीकिरण-कोटी करंबित पदा
[00:55.23] पाटीर गन्धि कुचशाटी कवित्व परिपाटीम्-अगाधिप सुता
[01:04.36] घोटी खुरादधिक धाटीम् उदार मुख वीटी रसेन तनुताम्
[01:17.47] द्वैपायन प्रभृति शापायुध त्रिदिव सोपान धूलि चरणा
[01:26.36] पापापह स्वमनु-जापानुलीन-जन तापापनोद निपुणा
[01:35.27] नीपालया सुरभि धूपालका दुरितकूपाद्-उदंचयतु माम्
[01:44.00] रूपाधिका शिखरि भूपाल वंश मणिदीपायिता भगवती
[02:02.07] आळीभिर्-आप्त तनुराळी लसत् क्रिय कपोळीषु खेलति भव
[02:10.73] व्याळी नकुल्यसित चूळी भरा चरण धूळी लसन्-मुनिगणा
[02:19.70] आळी-भृत श्रवसि ताळी-दलम् वहति याळीक शोभि तिलका
[02:28.57] साळी करोतु मम काळी मनः स्वपद नाळीक सेवन विधौ
[02:37.86] बालामृतांशु-निभ-फाला मनाग्-अरुण चेला नितंब फलके
[02:46.33] कोलाहल क्षपित कालामराकुशल कीलाल शोषण रविः
[02:55.20] स्थूला कुचे जलद नीला कचे कलित वीला कदंब विपिने
[03:04.06] शूलायुध प्रणत शीला विधातु हृदि शैलाधि-राज-तनया
[03:30.91] कंबावतीव स विडंबा गलेन नव तुंबाग वीण सविधा
[03:39.67] बिंबाधरा विनत शंबायुधादि निकुरुंबा कदंब विपिने
[03:48.51] अंबा कुरङ्ग मद जन्ताळ रोचिरिह लंबालका दिशतु मे
[03:57.46] शम् बाहुलेय शशि बिंब अभिराम मुख संबाधित स्तन भरा
[04:06.78] पङ्काकरे वपुषि कङ्काल रक्त पुषि कङ्कादि पक्षि विषये
[04:15.19] त्वं कामनाम्-अयसि किम् कारणम् हृदय पंकारि मे हि गिरिजाम्
[04:24.17] शंका शिला निशित टङ्कायमान पद संकाशमान सुमनो
[04:33.00] झंकारि भृंग ततिम्-अङ्कानुपेत शशि संकाश वक्त्र कमलाम्
[04:59.73] दासायमान सुमहासा कदंबवन वासा कुसुंभ सुमनो
[05:08.62] वासा विपञ्चि कृत रासा विधूत मधु मासारविंद मधुरा
[05:17.52] कासार सून तति भास अभिराम तनुर् आसार शीत करुणा
[05:26.39] नासा मणि प्रवर भासा शिवा तिमिरमासायेद्-उपरतिम्
[05:35.20] जंभारि कुंभि पृथु कुंभापहासि कुच संभाव्य हार तिलका
[05:44.05] रंभा करींद्र कर दंभापहोरु गति डिंभा अनुरंजित पदा
[05:52.96] शंभा उदार परिरंभाङ्कुरात् पुलक दंभानुराग पिशुना
[06:01.96] शम् भासुर आभरण गुंफा सदा दिशतु शुंभासुर प्रहरणा
[06:19.95] दाक्षायणी दनुज शिक्षा विधौ वितत दीक्षा मनोहर गुणा
[06:28.59] भिक्षाशिनो नटन वीक्षा विनोद मुख दक्षाध्वर प्रहरणा
[06:37.33] वीक्षाम् विधेहि मयि दक्षा स्वकीय जन पक्षा विपक्ष विमुखी
[06:46.22] यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
[06:55.24] यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
[07:04.09] यक्षेश सेवित निराक्षेप शक्ति जय लक्ष्यावधान कलना
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