Jane Kyon Log Mohabbat Kiya
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⏱️ 4:59 duration
🆔 ID: 7876443
📜 Lyrics
इस ज़माने में इस मोहब्बत ने
कितने दिल तोड़े, कितने घर फूँके
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
तन्हाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
राह-ए-मोहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
उल्फ़त में लोगों का यही अंजाम होता है
कोई क्या जाने, क्यूँ ये परवाने
यूँ मचलते हैं, ग़म में जलते हैं
आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
सावन में आँखों को कितना रुलाती है
फ़ुर्क़त में जब दिल को किसी की याद आती है
ये ज़िंदगी यूँ ही बर्बाद होती है
हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
ना दवाओं का नाम चलता है
ना दुआओं से काम चलता है
ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
महबूब से हर ग़म मंसूब होता है
दिन-रात उल्फ़त में तमाशा ख़ूब होता है
रातों से भी लंबे ये प्यार के क़िस्से
आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के क़िस्से
बे-मुरव्वत है, बेवफ़ा है वो
उस सितमगर का, अपने दिलबर का
नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
कितने दिल तोड़े, कितने घर फूँके
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
तन्हाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
राह-ए-मोहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
उल्फ़त में लोगों का यही अंजाम होता है
कोई क्या जाने, क्यूँ ये परवाने
यूँ मचलते हैं, ग़म में जलते हैं
आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
सावन में आँखों को कितना रुलाती है
फ़ुर्क़त में जब दिल को किसी की याद आती है
ये ज़िंदगी यूँ ही बर्बाद होती है
हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
ना दवाओं का नाम चलता है
ना दुआओं से काम चलता है
ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
महबूब से हर ग़म मंसूब होता है
दिन-रात उल्फ़त में तमाशा ख़ूब होता है
रातों से भी लंबे ये प्यार के क़िस्से
आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के क़िस्से
बे-मुरव्वत है, बेवफ़ा है वो
उस सितमगर का, अपने दिलबर का
नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
⏱️ Synced Lyrics
[00:14.84] इस ज़माने में इस मोहब्बत ने
[00:26.00] कितने दिल तोड़े, कितने घर फूँके
[00:36.88] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[00:44.84] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[00:51.99] दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
[00:58.83] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[01:06.21]
[01:13.58] तन्हाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
[01:20.41] राह-ए-मोहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
[01:28.46] दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
[01:34.25] उल्फ़त में लोगों का यही अंजाम होता है
[01:42.26] कोई क्या जाने, क्यूँ ये परवाने
[01:49.22] यूँ मचलते हैं, ग़म में जलते हैं
[01:56.05] आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
[02:03.43] आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
[02:10.02] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[02:17.03]
[02:35.04] सावन में आँखों को कितना रुलाती है
[02:41.90] फ़ुर्क़त में जब दिल को किसी की याद आती है
[02:49.70] ये ज़िंदगी यूँ ही बर्बाद होती है
[02:55.31] हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
[03:03.42] ना दवाओं का नाम चलता है
[03:10.23] ना दुआओं से काम चलता है
[03:16.99] ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
[03:24.18] ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
[03:30.97] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[03:38.10]
[03:55.55] महबूब से हर ग़म मंसूब होता है
[04:02.10] दिन-रात उल्फ़त में तमाशा ख़ूब होता है
[04:10.03] रातों से भी लंबे ये प्यार के क़िस्से
[04:15.64] आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के क़िस्से
[04:23.36] बे-मुरव्वत है, बेवफ़ा है वो
[04:30.40] उस सितमगर का, अपने दिलबर का
[04:37.08] नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
[04:43.90] नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
[04:50.89] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[04:58.27]
[00:26.00] कितने दिल तोड़े, कितने घर फूँके
[00:36.88] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[00:44.84] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[00:51.99] दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
[00:58.83] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[01:06.21]
[01:13.58] तन्हाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
[01:20.41] राह-ए-मोहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
[01:28.46] दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
[01:34.25] उल्फ़त में लोगों का यही अंजाम होता है
[01:42.26] कोई क्या जाने, क्यूँ ये परवाने
[01:49.22] यूँ मचलते हैं, ग़म में जलते हैं
[01:56.05] आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
[02:03.43] आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
[02:10.02] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[02:17.03]
[02:35.04] सावन में आँखों को कितना रुलाती है
[02:41.90] फ़ुर्क़त में जब दिल को किसी की याद आती है
[02:49.70] ये ज़िंदगी यूँ ही बर्बाद होती है
[02:55.31] हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
[03:03.42] ना दवाओं का नाम चलता है
[03:10.23] ना दुआओं से काम चलता है
[03:16.99] ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
[03:24.18] ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
[03:30.97] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[03:38.10]
[03:55.55] महबूब से हर ग़म मंसूब होता है
[04:02.10] दिन-रात उल्फ़त में तमाशा ख़ूब होता है
[04:10.03] रातों से भी लंबे ये प्यार के क़िस्से
[04:15.64] आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के क़िस्से
[04:23.36] बे-मुरव्वत है, बेवफ़ा है वो
[04:30.40] उस सितमगर का, अपने दिलबर का
[04:37.08] नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
[04:43.90] नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
[04:50.89] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[04:58.27]