Saanj Dhale Gagan Tale Hum Kitane Ekaki
🎵 1569 characters
⏱️ 4:13 duration
🆔 ID: 8057967
📜 Lyrics
साँझ ढले गगन तले
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
छोड़ चले नैनों को
किरणों के पाखी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
पाती की जाली से झांक रही थी कलियाँ
पाती की जाली से झांक रही थी कलियाँ
गंध भरी गुनगुन में मगन हुई थीं कलियाँ
इतने में तिमीर धँसा सपनीले नैनों में
कलियों के आँसू का कोई नहीं साथी
छोड चले नैनों को
किरणों के पाखी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
जुगनू का पट ओढ़े आएगी रात अभी
जुगनू का पट ओढ़े आएगी रात अभी
निशीगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
निशीगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
कँपता है मन जैसे डाली अंबुवा की
छोड़ चले नैनों को
किरणों के पाखी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
छोड़ चले नैनों को
किरणों के पाखी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
पाती की जाली से झांक रही थी कलियाँ
पाती की जाली से झांक रही थी कलियाँ
गंध भरी गुनगुन में मगन हुई थीं कलियाँ
इतने में तिमीर धँसा सपनीले नैनों में
कलियों के आँसू का कोई नहीं साथी
छोड चले नैनों को
किरणों के पाखी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
जुगनू का पट ओढ़े आएगी रात अभी
जुगनू का पट ओढ़े आएगी रात अभी
निशीगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
निशीगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
कँपता है मन जैसे डाली अंबुवा की
छोड़ चले नैनों को
किरणों के पाखी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
साँझ ढले गगन तले
हम कितने एकाकी
⏱️ Synced Lyrics
[00:01.25] साँझ ढले गगन तले
[00:08.94] साँझ ढले गगन तले
[00:16.62] हम कितने एकाकी
[00:23.78] छोड़ चले नैनों को
[00:31.68] किरणों के पाखी
[00:38.80] साँझ ढले गगन तले
[00:46.74] हम कितने एकाकी
[01:16.71] पाती की जाली से झांक रही थी कलियाँ
[01:24.27] पाती की जाली से झांक रही थी कलियाँ
[01:31.76] गंध भरी गुनगुन में मगन हुई थीं कलियाँ
[01:39.27] इतने में तिमीर धँसा सपनीले नैनों में
[01:46.78] कलियों के आँसू का कोई नहीं साथी
[01:54.23] छोड चले नैनों को
[02:01.80] किरणों के पाखी
[02:09.03] साँझ ढले गगन तले
[02:16.81] हम कितने एकाकी
[02:46.22] जुगनू का पट ओढ़े आएगी रात अभी
[02:53.83] जुगनू का पट ओढ़े आएगी रात अभी
[03:01.34] निशीगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
[03:08.75] निशीगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
[03:16.02] कँपता है मन जैसे डाली अंबुवा की
[03:23.47] छोड़ चले नैनों को
[03:31.38] किरणों के पाखी
[03:38.37] साँझ ढले गगन तले
[03:45.90] हम कितने एकाकी
[03:53.27] साँझ ढले गगन तले
[04:01.06] हम कितने एकाकी
[04:10.39]
[00:08.94] साँझ ढले गगन तले
[00:16.62] हम कितने एकाकी
[00:23.78] छोड़ चले नैनों को
[00:31.68] किरणों के पाखी
[00:38.80] साँझ ढले गगन तले
[00:46.74] हम कितने एकाकी
[01:16.71] पाती की जाली से झांक रही थी कलियाँ
[01:24.27] पाती की जाली से झांक रही थी कलियाँ
[01:31.76] गंध भरी गुनगुन में मगन हुई थीं कलियाँ
[01:39.27] इतने में तिमीर धँसा सपनीले नैनों में
[01:46.78] कलियों के आँसू का कोई नहीं साथी
[01:54.23] छोड चले नैनों को
[02:01.80] किरणों के पाखी
[02:09.03] साँझ ढले गगन तले
[02:16.81] हम कितने एकाकी
[02:46.22] जुगनू का पट ओढ़े आएगी रात अभी
[02:53.83] जुगनू का पट ओढ़े आएगी रात अभी
[03:01.34] निशीगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
[03:08.75] निशीगंधा के सुर में कह देगी बात सभी
[03:16.02] कँपता है मन जैसे डाली अंबुवा की
[03:23.47] छोड़ चले नैनों को
[03:31.38] किरणों के पाखी
[03:38.37] साँझ ढले गगन तले
[03:45.90] हम कितने एकाकी
[03:53.27] साँझ ढले गगन तले
[04:01.06] हम कितने एकाकी
[04:10.39]