Zindagi Mein
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⏱️ 5:18 duration
🆔 ID: 9123874
📜 Lyrics
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
इतने तन्हा...
इतने तन्हा थे कि हम भी हम नहीं थे
ज़िंदगी में...
वक़्त पर जो लोग काम आए हैं, अक्सर
वक़्त पर जो...
वक़्त पर जो लोग काम आए हैं, अक्सर
अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे
अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
ज़िंदगी में...
बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में
बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में, रहगुज़र में
हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे
हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
ज़िंदगी में...
हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
आप थे बाँहों में, दो आलम नहीं थे
आप थे बाँहों में, दो आलम नहीं थे
ज़िंदगी में...
सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
वर्ना रस्ते प्यार के पुर-ख़म नहीं थे
वर्ना रस्ते प्यार के पुर-ख़म नहीं थे
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
इतने तन्हा...
इतने तन्हा थे कि हम भी हम नहीं थे
ज़िंदगी में...
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
इतने तन्हा...
इतने तन्हा थे कि हम भी हम नहीं थे
ज़िंदगी में...
वक़्त पर जो लोग काम आए हैं, अक्सर
वक़्त पर जो...
वक़्त पर जो लोग काम आए हैं, अक्सर
अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे
अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
ज़िंदगी में...
बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में
बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में, रहगुज़र में
हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे
हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
ज़िंदगी में...
हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
आप थे बाँहों में, दो आलम नहीं थे
आप थे बाँहों में, दो आलम नहीं थे
ज़िंदगी में...
सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
वर्ना रस्ते प्यार के पुर-ख़म नहीं थे
वर्ना रस्ते प्यार के पुर-ख़म नहीं थे
ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
इतने तन्हा...
इतने तन्हा थे कि हम भी हम नहीं थे
ज़िंदगी में...
⏱️ Synced Lyrics
[00:26.52] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[00:34.87] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[00:42.92] इतने तन्हा...
[00:48.46] इतने तन्हा थे कि हम भी हम नहीं थे
[00:56.40] ज़िंदगी में...
[01:00.05]
[01:17.97] वक़्त पर जो लोग काम आए हैं, अक्सर
[01:26.34] वक़्त पर जो...
[01:31.56] वक़्त पर जो लोग काम आए हैं, अक्सर
[01:39.96] अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे
[01:47.81] अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे
[01:56.10] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[02:04.24] ज़िंदगी में...
[02:08.67]
[02:25.33] बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में
[02:33.97] बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में, रहगुज़र में
[02:44.63] हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे
[02:52.94] हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे
[03:00.75] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[03:08.84] ज़िंदगी में...
[03:12.56]
[03:27.99] हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
[03:36.20] हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
[03:44.19] आप थे बाँहों में, दो आलम नहीं थे
[03:52.36] आप थे बाँहों में, दो आलम नहीं थे
[04:00.66] ज़िंदगी में...
[04:04.91]
[04:21.94] सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
[04:29.94] सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
[04:37.95] वर्ना रस्ते प्यार के पुर-ख़म नहीं थे
[04:46.23] वर्ना रस्ते प्यार के पुर-ख़म नहीं थे
[04:54.08] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[05:02.08] इतने तन्हा...
[05:07.40] इतने तन्हा थे कि हम भी हम नहीं थे
[05:15.45] ज़िंदगी में...
[05:18.60]
[00:34.87] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[00:42.92] इतने तन्हा...
[00:48.46] इतने तन्हा थे कि हम भी हम नहीं थे
[00:56.40] ज़िंदगी में...
[01:00.05]
[01:17.97] वक़्त पर जो लोग काम आए हैं, अक्सर
[01:26.34] वक़्त पर जो...
[01:31.56] वक़्त पर जो लोग काम आए हैं, अक्सर
[01:39.96] अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे
[01:47.81] अजनबी थे, वो मेरे हमदम नहीं थे
[01:56.10] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[02:04.24] ज़िंदगी में...
[02:08.67]
[02:25.33] बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में
[02:33.97] बेसबब था तेरा मिलना रहगुज़र में, रहगुज़र में
[02:44.63] हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे
[02:52.94] हादसे हर मोड़ पर कुछ कम नहीं थे
[03:00.75] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[03:08.84] ज़िंदगी में...
[03:12.56]
[03:27.99] हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
[03:36.20] हमने ख़्वाबों में ख़ुदा बनकर भी देखा
[03:44.19] आप थे बाँहों में, दो आलम नहीं थे
[03:52.36] आप थे बाँहों में, दो आलम नहीं थे
[04:00.66] ज़िंदगी में...
[04:04.91]
[04:21.94] सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
[04:29.94] सामने दीवार थी ख़ुद्दारियों की
[04:37.95] वर्ना रस्ते प्यार के पुर-ख़म नहीं थे
[04:46.23] वर्ना रस्ते प्यार के पुर-ख़म नहीं थे
[04:54.08] ज़िंदगी में जब तुम्हारे ग़म नहीं थे
[05:02.08] इतने तन्हा...
[05:07.40] इतने तन्हा थे कि हम भी हम नहीं थे
[05:15.45] ज़िंदगी में...
[05:18.60]