Jane Kyon Log Mohabbat Kiya
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⏱️ 4:59 duration
🆔 ID: 9133896
📜 Lyrics
इस ज़माने में इस मोहब्बत ने
कितने दिल तोड़े, कितने घर फूँके
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
तनहाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
राहें मोहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
उल्फ़त में लोगों का यहीं अंजाम होता है
कोई क्या जाने, क्यूँ ये परवाने?
क्यूँ मचलते हैं? ग़म में जलते हैं
आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
सावन में आँखों को कितना रुलाती है
फ़ुरक़त में जब दिल को किसी की याद आती है
ये ज़िन्दगी यूँ ही बर्बाद होती है
हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
ना दवाओं का नाम चलता है
ना दुआओं से काम चलता है
ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
महबूब से हर ग़म मनसूब होता है
दिन-रात उल्फ़त में तमाशा खूब होता है
रातों से भी लंबे ये प्यार के किस्से
आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के किस्से
बेमुरव्वत है, बेवफ़ा है वो
उस सितमगर का, अपने दिलबर का
नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
कितने दिल तोड़े, कितने घर फूँके
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
तनहाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
राहें मोहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
उल्फ़त में लोगों का यहीं अंजाम होता है
कोई क्या जाने, क्यूँ ये परवाने?
क्यूँ मचलते हैं? ग़म में जलते हैं
आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
सावन में आँखों को कितना रुलाती है
फ़ुरक़त में जब दिल को किसी की याद आती है
ये ज़िन्दगी यूँ ही बर्बाद होती है
हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
ना दवाओं का नाम चलता है
ना दुआओं से काम चलता है
ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
महबूब से हर ग़म मनसूब होता है
दिन-रात उल्फ़त में तमाशा खूब होता है
रातों से भी लंबे ये प्यार के किस्से
आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के किस्से
बेमुरव्वत है, बेवफ़ा है वो
उस सितमगर का, अपने दिलबर का
नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
⏱️ Synced Lyrics
[00:14.60] इस ज़माने में इस मोहब्बत ने
[00:25.69] कितने दिल तोड़े, कितने घर फूँके
[00:37.09] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[00:44.75] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[00:51.84] दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
[00:58.99] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[01:06.67]
[01:13.85] तनहाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
[01:20.11] राहें मोहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
[01:28.10] दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
[01:34.35] उल्फ़त में लोगों का यहीं अंजाम होता है
[01:42.12] कोई क्या जाने, क्यूँ ये परवाने?
[01:49.03] क्यूँ मचलते हैं? ग़म में जलते हैं
[01:56.04] आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
[02:03.29] आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
[02:10.14] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[02:16.93]
[02:35.28] सावन में आँखों को कितना रुलाती है
[02:41.74] फ़ुरक़त में जब दिल को किसी की याद आती है
[02:49.24] ये ज़िन्दगी यूँ ही बर्बाद होती है
[02:55.69] हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
[03:03.29] ना दवाओं का नाम चलता है
[03:10.25] ना दुआओं से काम चलता है
[03:17.34] ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
[03:24.12] ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
[03:30.93] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[03:38.04]
[03:55.87] महबूब से हर ग़म मनसूब होता है
[04:02.15] दिन-रात उल्फ़त में तमाशा खूब होता है
[04:10.06] रातों से भी लंबे ये प्यार के किस्से
[04:15.51] आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के किस्से
[04:22.26] बेमुरव्वत है, बेवफ़ा है वो
[04:30.00] उस सितमगर का, अपने दिलबर का
[04:36.89] नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
[04:43.96] नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
[04:50.69] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[04:57.47]
[00:25.69] कितने दिल तोड़े, कितने घर फूँके
[00:37.09] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[00:44.75] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[00:51.84] दिल के बदले दर्द-ए-दिल लिया करते हैं
[00:58.99] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[01:06.67]
[01:13.85] तनहाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
[01:20.11] राहें मोहब्बत में कभी मंज़िल नहीं मिलती
[01:28.10] दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
[01:34.35] उल्फ़त में लोगों का यहीं अंजाम होता है
[01:42.12] कोई क्या जाने, क्यूँ ये परवाने?
[01:49.03] क्यूँ मचलते हैं? ग़म में जलते हैं
[01:56.04] आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
[02:03.29] आहें भर-भर के दीवाने जिया करते हैं
[02:10.14] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[02:16.93]
[02:35.28] सावन में आँखों को कितना रुलाती है
[02:41.74] फ़ुरक़त में जब दिल को किसी की याद आती है
[02:49.24] ये ज़िन्दगी यूँ ही बर्बाद होती है
[02:55.69] हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
[03:03.29] ना दवाओं का नाम चलता है
[03:10.25] ना दुआओं से काम चलता है
[03:17.34] ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
[03:24.12] ज़हर ये फिर भी सभी क्यूँ पिया करते हैं?
[03:30.93] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[03:38.04]
[03:55.87] महबूब से हर ग़म मनसूब होता है
[04:02.15] दिन-रात उल्फ़त में तमाशा खूब होता है
[04:10.06] रातों से भी लंबे ये प्यार के किस्से
[04:15.51] आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा-ए-यार के किस्से
[04:22.26] बेमुरव्वत है, बेवफ़ा है वो
[04:30.00] उस सितमगर का, अपने दिलबर का
[04:36.89] नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
[04:43.96] नाम ले-ले के दुहाई दिया करते हैं
[04:50.69] जाने क्यूँ लोग मोहब्बत किया करते हैं
[04:57.47]