Sawan Ki Rut Hai (From "Meri Maa")
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⏱️ 7:11 duration
🆔 ID: 9135694
📜 Lyrics
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
(सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे)
(फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे)
कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनाएगा चूड़ी
माथे पे लगाएगा, माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी
(कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनाएगा चूड़ी)
(माथे पे लगाएगा, माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी)
कोई लिए खड़ा है पायल, लाया है कोई कंगना
जिन राहों से आएगी, माँ, तू भक्तों के अंगना
हम पलकें वहाँ बिछाएँगे
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
माँ, अम्बुआ की डाली पे झूला भक्तों ने सजाया
चंदन की बिछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया
(माँ, अम्बुआ की डाली पे झूला भक्तों ने सजाया)
(चंदन की बिछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया)
अब छोड़ ये आँख-मिचोली, आजा, ओ, मैया भोली
हम तरस रहे हैं कब से सुनने को तेरी बोली
कब तेरा दर्शन पाएँगे?
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
(सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे)
(फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे)
लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा
नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा
(लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा)
(नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा)
झूले पे तुझे बिठा के, तुझे दिल का हाल सुना के
फिर मेवे और मिश्री का तुझे प्रेम से भोग लगा के
तेरे भवन पे छोड़ के आएँगे
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
(सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे)
(फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे)
कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनाएगा चूड़ी
माथे पे लगाएगा, माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी
(कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनाएगा चूड़ी)
(माथे पे लगाएगा, माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी)
कोई लिए खड़ा है पायल, लाया है कोई कंगना
जिन राहों से आएगी, माँ, तू भक्तों के अंगना
हम पलकें वहाँ बिछाएँगे
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
माँ, अम्बुआ की डाली पे झूला भक्तों ने सजाया
चंदन की बिछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया
(माँ, अम्बुआ की डाली पे झूला भक्तों ने सजाया)
(चंदन की बिछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया)
अब छोड़ ये आँख-मिचोली, आजा, ओ, मैया भोली
हम तरस रहे हैं कब से सुनने को तेरी बोली
कब तेरा दर्शन पाएँगे?
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
(सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे)
(फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे)
लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा
नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा
(लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा)
(नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा)
झूले पे तुझे बिठा के, तुझे दिल का हाल सुना के
फिर मेवे और मिश्री का तुझे प्रेम से भोग लगा के
तेरे भवन पे छोड़ के आएँगे
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
⏱️ Synced Lyrics
[00:34.78] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[00:45.51] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[00:56.29] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[01:04.06] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[01:12.34] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[01:20.29] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[01:28.30] (सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे)
[01:33.64] (फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे)
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[02:08.20] कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनाएगा चूड़ी
[02:13.57] माथे पे लगाएगा, माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी
[02:19.00] (कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनाएगा चूड़ी)
[02:24.27] (माथे पे लगाएगा, माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी)
[02:29.59] कोई लिए खड़ा है पायल, लाया है कोई कंगना
[02:35.04] जिन राहों से आएगी, माँ, तू भक्तों के अंगना
[02:40.11] हम पलकें वहाँ बिछाएँगे
[02:45.52] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[02:56.30] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[03:06.91] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[03:13.88]
[03:41.52] माँ, अम्बुआ की डाली पे झूला भक्तों ने सजाया
[03:46.91] चंदन की बिछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया
[03:52.13] (माँ, अम्बुआ की डाली पे झूला भक्तों ने सजाया)
[03:57.46] (चंदन की बिछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया)
[04:02.80] अब छोड़ ये आँख-मिचोली, आजा, ओ, मैया भोली
[04:08.13] हम तरस रहे हैं कब से सुनने को तेरी बोली
[04:13.43] कब तेरा दर्शन पाएँगे?
[04:18.86] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[04:29.53] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[04:40.26] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[04:48.11] (सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे)
[04:53.70] (फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे)
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[05:28.06] लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा
[05:33.58] नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा
[05:38.79] (लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा)
[05:44.15] (नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा)
[05:49.45] झूले पे तुझे बिठा के, तुझे दिल का हाल सुना के
[05:54.94] फिर मेवे और मिश्री का तुझे प्रेम से भोग लगा के
[06:00.34] तेरे भवन पे छोड़ के आएँगे
[06:05.35] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[06:16.39] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[06:26.94] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[06:34.91] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[06:40.38] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[06:45.53] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
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[00:45.51] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[00:56.29] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[01:04.06] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[01:12.34] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[01:20.29] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[01:28.30] (सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे)
[01:33.64] (फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे)
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[02:08.20] कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनाएगा चूड़ी
[02:13.57] माथे पे लगाएगा, माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी
[02:19.00] (कोई भेट करेगा चुनरी, कोई पहनाएगा चूड़ी)
[02:24.27] (माथे पे लगाएगा, माँ, कोई भक्त तिलक सिंदूरी)
[02:29.59] कोई लिए खड़ा है पायल, लाया है कोई कंगना
[02:35.04] जिन राहों से आएगी, माँ, तू भक्तों के अंगना
[02:40.11] हम पलकें वहाँ बिछाएँगे
[02:45.52] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[02:56.30] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[03:06.91] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[03:13.88]
[03:41.52] माँ, अम्बुआ की डाली पे झूला भक्तों ने सजाया
[03:46.91] चंदन की बिछाई चौकी, श्रदा से तुझे बुलाया
[03:52.13] (माँ, अम्बुआ की डाली पे झूला भक्तों ने सजाया)
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[04:02.80] अब छोड़ ये आँख-मिचोली, आजा, ओ, मैया भोली
[04:08.13] हम तरस रहे हैं कब से सुनने को तेरी बोली
[04:13.43] कब तेरा दर्शन पाएँगे?
[04:18.86] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[04:29.53] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[04:40.26] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[04:48.11] (सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे)
[04:53.70] (फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे)
[04:59.42]
[05:28.06] लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा
[05:33.58] नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा
[05:38.79] (लाखों हैं रूप माँ तेरे, चाहे जिस रूप में आजा)
[05:44.15] (नैनों की प्यास बुझा जा, बस एक झलक दिखला जा)
[05:49.45] झूले पे तुझे बिठा के, तुझे दिल का हाल सुना के
[05:54.94] फिर मेवे और मिश्री का तुझे प्रेम से भोग लगा के
[06:00.34] तेरे भवन पे छोड़ के आएँगे
[06:05.35] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[06:16.39] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[06:26.94] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
[06:34.91] सावन की रुत है, आजा, माँ, हम झूला तुझे झुलाएँगे
[06:40.38] फूलों से सजाएँगे तुझको, मेहँदी हाथों में लगाएँगे
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