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Unse Nazren Milin

👤 Lata Mangeshkar, Minoo Purshottam 🎼 Gazal ⏱️ 3:14
🎵 2083 characters
⏱️ 3:14 duration
🆔 ID: 9515047

📜 Lyrics

उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया
उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया
ज़िंदगी में हसीं इंक़िलाब आ गया
उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया

बेख़बर थे उभरते तक़ाज़ों से हम
बेख़बर थे उभरते तक़ाज़ों से हम
हमको मालूम ना था, ऐसे भी दिन आएँगे
आईना देखें तो आप अपने से शरमाएँगे

(हाँ, हमको मालूम ना था, ऐसे भी दिन आएँगे)
(आईना-, आईना देखें तो)
(हाय-हाय, आप अपने से शरमाएँगे)
बेख़बर थे उभरते तक़ाज़ों से हम

आज जाना कि सचमुच शबाब आ गया
आज जाना कि सचमुच शबाब आ गया
(उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया)

आँख झुकती है क्यूँ, साँस रुकती है क्यूँ
आँख झुकती है क्यूँ, साँस रुकती है क्यूँ

इन सवालों का ख़ुद से जवाब आ गया
इन सवालों का ख़ुद से जवाब आ गया
(उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया)

दिल के आने को हम किस तरह रोकते?
दिल के आने को हम किस तरह रोकते?

जिस पे आना था, ख़ाना-ख़राब आ गया
जिस पे आना था, ख़ाना-ख़राब आ गया
(उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया)
ज़िंदगी में हसीं इंक़िलाब आ गया

⏱️ Synced Lyrics

[00:03.02] उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया
[00:08.33] उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया
[00:13.65] ज़िंदगी में हसीं इंक़िलाब आ गया
[00:18.72] उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया
[00:24.22]
[00:43.27] बेख़बर थे उभरते तक़ाज़ों से हम
[00:48.51] बेख़बर थे उभरते तक़ाज़ों से हम
[00:53.69] हमको मालूम ना था, ऐसे भी दिन आएँगे
[00:59.05] आईना देखें तो आप अपने से शरमाएँगे
[01:03.88] (हाँ, हमको मालूम ना था, ऐसे भी दिन आएँगे)
[01:08.40] (आईना-, आईना देखें तो)
[01:11.46] (हाय-हाय, आप अपने से शरमाएँगे)
[01:15.04] बेख़बर थे उभरते तक़ाज़ों से हम
[01:20.34] आज जाना कि सचमुच शबाब आ गया
[01:25.74] आज जाना कि सचमुच शबाब आ गया
[01:30.95] (उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया)
[01:35.95]
[01:57.78] आँख झुकती है क्यूँ, साँस रुकती है क्यूँ
[02:02.84] आँख झुकती है क्यूँ, साँस रुकती है क्यूँ
[02:08.12] इन सवालों का ख़ुद से जवाब आ गया
[02:13.58] इन सवालों का ख़ुद से जवाब आ गया
[02:18.43] (उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया)
[02:23.90]
[02:42.62] दिल के आने को हम किस तरह रोकते?
[02:47.54] दिल के आने को हम किस तरह रोकते?
[02:52.86] जिस पे आना था, ख़ाना-ख़राब आ गया
[02:58.18] जिस पे आना था, ख़ाना-ख़राब आ गया
[03:03.19] (उनसे नज़रें मिलीं और हिजाब आ गया)
[03:08.18] ज़िंदगी में हसीं इंक़िलाब आ गया
[03:13.02]

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