Zindagi Jab Bhi
🎵 1906 characters
⏱️ 4:58 duration
🆔 ID: 9607830
📜 Lyrics
ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
दिन ढले, यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
दिन ढले, यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें
रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
"हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है?
हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है?"
अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
दिन ढले, यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
दिन ढले, यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें
रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
"हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है?
हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है?"
अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
⏱️ Synced Lyrics
[00:16.13] ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
[00:32.47] ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
[00:43.40] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[00:53.49] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[01:03.90]
[01:21.46] सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
[01:34.29] सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
[01:44.80] दिन ढले, यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
[01:54.95] दिन ढले, यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
[02:04.85] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[02:15.35]
[02:32.65] याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
[02:45.34] याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
[02:55.44] रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें
[03:05.39] रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें
[03:15.54] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[03:25.81]
[03:40.62] "हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है?
[03:53.18] हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है?"
[04:05.42] अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
[04:15.52] अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
[04:25.44] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[04:35.36] ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
[04:47.18]
[00:32.47] ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
[00:43.40] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[00:53.49] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[01:03.90]
[01:21.46] सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
[01:34.29] सुर्ख़ फूलों से महक उठती हैं दिल की राहें
[01:44.80] दिन ढले, यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
[01:54.95] दिन ढले, यूँ तेरी आवाज़ बुलाती है हमें
[02:04.85] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[02:15.35]
[02:32.65] याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
[02:45.34] याद तेरी कभी दस्तक, कभी सरगोशी से
[02:55.44] रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें
[03:05.39] रात के पिछले-पहर रोज़ जगाती है हमें
[03:15.54] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[03:25.81]
[03:40.62] "हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है?
[03:53.18] हर मुलाक़ात का अंजाम जुदाई क्यूँ है?"
[04:05.42] अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
[04:15.52] अब तो हर वक़्त यही बात सताती है हमें
[04:25.44] ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
[04:35.36] ज़िंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें
[04:47.18]