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Pehle Bhi Jeete The

👤 Asha Bhosle, Hariharan 🎼 Aabshaar-E-Ghazal ⏱️ 6:54
🎵 2194 characters
⏱️ 6:54 duration
🆔 ID: 9608136

📜 Lyrics

पहले भी जीते थे, मगर
पहले भी जीते थे, मगर
जब से मिली है ज़िंदगी
सीधी नहीं है दूर तक
सीधी नहीं है दूर तक
उलझी हुई है ज़िंदगी

पहले भी जीते थे, मगर
जब से मिली है ज़िंदगी
सीधी नहीं है दूर तक
सीधी नहीं है दूर तक
उलझी हुई है ज़िंदगी
पहले भी जीते थे, मगर...

अच्छी-भली थी दूर से
जब पास आई, खो गई
अच्छी-भली थी दूर से
जब पास आई, खो गई

जिसमें ना आए कुछ नज़र
जिसमें ना आए कुछ नज़र
वो रोशनी है ज़िंदगी
सीधी नहीं है दूर तक
उलझी हुई है ज़िंदगी
पहले भी जीते थे, मगर...

हर रास्ता अनजान सा
हर फ़लसफ़ा नादान सा
हर रास्ता अनजान सा
हर फ़लसफ़ा नादान सा

सदियों पुरानी है, मगर
सदियों पुरानी है, मगर
हर दिन नई है ज़िंदगी
सीधी नहीं है दूर तक
उलझी हुई है ज़िंदगी
पहले भी जीते थे, मगर...

मिट्टी हवा बन कर उड़ी
घूमी-फिरी, वापस मुड़ी
मिट्टी हवा बन कर उड़ी
घूमी-फिरी, वापस मुड़ी

क़बरों पे कत्बों की तरह
क़बरों पे कत्बों की तरह
लिखी हुई है ज़िंदगी
सीधी नहीं है दूर तक
उलझी हुई है ज़िंदगी
पहले भी जीते थे, मगर...
पहले भी जीते थे, मगर...

⏱️ Synced Lyrics

[00:20.16] पहले भी जीते थे, मगर
[00:26.43] पहले भी जीते थे, मगर
[00:32.38] जब से मिली है ज़िंदगी
[00:38.95] सीधी नहीं है दूर तक
[00:45.29] सीधी नहीं है दूर तक
[00:51.12] उलझी हुई है ज़िंदगी
[00:58.24] पहले भी जीते थे, मगर
[01:03.98] जब से मिली है ज़िंदगी
[01:10.85] सीधी नहीं है दूर तक
[01:17.03] सीधी नहीं है दूर तक
[01:22.84] उलझी हुई है ज़िंदगी
[01:29.99] पहले भी जीते थे, मगर...
[01:36.09]
[02:10.56] अच्छी-भली थी दूर से
[02:16.66] जब पास आई, खो गई
[02:23.37] अच्छी-भली थी दूर से
[02:29.12] जब पास आई, खो गई
[02:35.62] जिसमें ना आए कुछ नज़र
[02:41.52] जिसमें ना आए कुछ नज़र
[02:47.94] वो रोशनी है ज़िंदगी
[02:54.66] सीधी नहीं है दूर तक
[03:00.72] उलझी हुई है ज़िंदगी
[03:07.32] पहले भी जीते थे, मगर...
[03:13.35]
[03:48.23] हर रास्ता अनजान सा
[03:54.21] हर फ़लसफ़ा नादान सा
[04:01.07] हर रास्ता अनजान सा
[04:06.52] हर फ़लसफ़ा नादान सा
[04:13.43] सदियों पुरानी है, मगर
[04:19.14] सदियों पुरानी है, मगर
[04:25.28] हर दिन नई है ज़िंदगी
[04:31.85] सीधी नहीं है दूर तक
[04:37.79] उलझी हुई है ज़िंदगी
[04:44.45] पहले भी जीते थे, मगर...
[04:50.34]
[05:24.79] मिट्टी हवा बन कर उड़ी
[05:30.88] घूमी-फिरी, वापस मुड़ी
[05:37.68] मिट्टी हवा बन कर उड़ी
[05:43.18] घूमी-फिरी, वापस मुड़ी
[05:49.60] क़बरों पे कत्बों की तरह
[05:55.93] क़बरों पे कत्बों की तरह
[06:01.67] लिखी हुई है ज़िंदगी
[06:08.36] सीधी नहीं है दूर तक
[06:14.27] उलझी हुई है ज़िंदगी
[06:20.92] पहले भी जीते थे, मगर...
[06:27.14] पहले भी जीते थे, मगर...
[06:33.02]

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