Mann Ki Dori - Female Version
🎵 1762 characters
⏱️ 2:57 duration
🆔 ID: 964395
📜 Lyrics
जिस पल से देखा है तुझ को, मन ये पगल गया रे
पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे
हाँ-हाँ, जिस पल से देखा है तुझ को, मन ये पगल गया रे
पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे
तू जहाँ वहाँ ले के जाएँ ये राहें मोरी
कि तुझ संग बाँधी, कि तुझ संग बाँधी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
रे-रे-रे, तुझ संग बाँधी रे मन की डोरी
हो, दाँतों से काटे, हाथों से खींचे
डोर ये तेरी-मेरी तोड़े ना टूटे
हो, धूप के दिन हों या सरदी की रातें
डोर ये तेरी-मेरी छोड़े ना छूटे
तू जहाँ वहाँ ले के जाएँ ये राहें मोरी
कि तुझ संग बाँधी, कि तुझ संग बाँधी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
रे-रे-रे, तुझ संग बाँधी रे मन की डोरी
पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे
हाँ-हाँ, जिस पल से देखा है तुझ को, मन ये पगल गया रे
पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे
तू जहाँ वहाँ ले के जाएँ ये राहें मोरी
कि तुझ संग बाँधी, कि तुझ संग बाँधी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
रे-रे-रे, तुझ संग बाँधी रे मन की डोरी
हो, दाँतों से काटे, हाथों से खींचे
डोर ये तेरी-मेरी तोड़े ना टूटे
हो, धूप के दिन हों या सरदी की रातें
डोर ये तेरी-मेरी छोड़े ना छूटे
तू जहाँ वहाँ ले के जाएँ ये राहें मोरी
कि तुझ संग बाँधी, कि तुझ संग बाँधी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
रे-रे-रे, तुझ संग बाँधी रे मन की डोरी
⏱️ Synced Lyrics
[00:22.63] जिस पल से देखा है तुझ को, मन ये पगल गया रे
[00:27.66] पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे
[00:35.55] हाँ-हाँ, जिस पल से देखा है तुझ को, मन ये पगल गया रे
[00:42.79] पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे
[00:47.32] तू जहाँ वहाँ ले के जाएँ ये राहें मोरी
[00:54.76] कि तुझ संग बाँधी, कि तुझ संग बाँधी
[00:59.67] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[01:04.85] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[01:09.96] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[01:14.10] रे-रे-रे, तुझ संग बाँधी रे मन की डोरी
[01:22.34]
[01:43.07] हो, दाँतों से काटे, हाथों से खींचे
[01:48.83] डोर ये तेरी-मेरी तोड़े ना टूटे
[01:55.70] हो, धूप के दिन हों या सरदी की रातें
[02:01.57] डोर ये तेरी-मेरी छोड़े ना छूटे
[02:08.36] तू जहाँ वहाँ ले के जाएँ ये राहें मोरी
[02:15.62] कि तुझ संग बाँधी, कि तुझ संग बाँधी
[02:20.60] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[02:25.66] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[02:30.11] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[02:34.97] रे-रे-रे, तुझ संग बाँधी रे मन की डोरी
[02:42.31]
[00:27.66] पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे
[00:35.55] हाँ-हाँ, जिस पल से देखा है तुझ को, मन ये पगल गया रे
[00:42.79] पीछे-पीछे देखो तेरे हद से निकल गया रे
[00:47.32] तू जहाँ वहाँ ले के जाएँ ये राहें मोरी
[00:54.76] कि तुझ संग बाँधी, कि तुझ संग बाँधी
[00:59.67] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[01:04.85] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[01:09.96] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[01:14.10] रे-रे-रे, तुझ संग बाँधी रे मन की डोरी
[01:22.34]
[01:43.07] हो, दाँतों से काटे, हाथों से खींचे
[01:48.83] डोर ये तेरी-मेरी तोड़े ना टूटे
[01:55.70] हो, धूप के दिन हों या सरदी की रातें
[02:01.57] डोर ये तेरी-मेरी छोड़े ना छूटे
[02:08.36] तू जहाँ वहाँ ले के जाएँ ये राहें मोरी
[02:15.62] कि तुझ संग बाँधी, कि तुझ संग बाँधी
[02:20.60] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[02:25.66] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[02:30.11] कि तुझ संग बाँधी ये मन की डोरी
[02:34.97] रे-रे-रे, तुझ संग बाँधी रे मन की डोरी
[02:42.31]