Ajib Dastan Hai Yeh - From "Dil Apna Aur Preet Parai"
🎵 1942 characters
⏱️ 5:16 duration
🆔 ID: 964513
📜 Lyrics
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
ये रोशनी के साथ क्यूँ धुआँ उठा चिराग़ से?
ये रोशनी के साथ क्यूँ धुआँ उठा चिराग़ से?
ये ख़्वाब देखती हूँ मैं के जग पड़ी हूँ ख़्वाब से?
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
मुबारकें तुम्हें के तुम किसी के नूर हो गए
मुबारकें तुम्हें के तुम किसी के नूर हो गए
किसी के इतने पास हो के सबसे दूर हो गए
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
ये शाम जब भी आएगी, तुम हमको याद आओगे
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
ये रोशनी के साथ क्यूँ धुआँ उठा चिराग़ से?
ये रोशनी के साथ क्यूँ धुआँ उठा चिराग़ से?
ये ख़्वाब देखती हूँ मैं के जग पड़ी हूँ ख़्वाब से?
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
मुबारकें तुम्हें के तुम किसी के नूर हो गए
मुबारकें तुम्हें के तुम किसी के नूर हो गए
किसी के इतने पास हो के सबसे दूर हो गए
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
ये शाम जब भी आएगी, तुम हमको याद आओगे
अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
⏱️ Synced Lyrics
[00:37.74] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[00:47.50] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[00:57.24] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[01:06.72] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[01:16.28]
[01:40.67] ये रोशनी के साथ क्यूँ धुआँ उठा चिराग़ से?
[01:49.71] ये रोशनी के साथ क्यूँ धुआँ उठा चिराग़ से?
[01:59.13] ये ख़्वाब देखती हूँ मैं के जग पड़ी हूँ ख़्वाब से?
[02:08.62] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[02:18.13] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[02:27.52]
[02:55.61] मुबारकें तुम्हें के तुम किसी के नूर हो गए
[03:05.04] मुबारकें तुम्हें के तुम किसी के नूर हो गए
[03:14.58] किसी के इतने पास हो के सबसे दूर हो गए
[03:24.10] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[03:33.38] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[03:42.43]
[04:01.48] किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
[04:10.75] किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
[04:20.14] ये शाम जब भी आएगी, तुम हमको याद आओगे
[04:29.39] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[04:38.74] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[04:47.71]
[00:47.50] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[00:57.24] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[01:06.72] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[01:16.28]
[01:40.67] ये रोशनी के साथ क्यूँ धुआँ उठा चिराग़ से?
[01:49.71] ये रोशनी के साथ क्यूँ धुआँ उठा चिराग़ से?
[01:59.13] ये ख़्वाब देखती हूँ मैं के जग पड़ी हूँ ख़्वाब से?
[02:08.62] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[02:18.13] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[02:27.52]
[02:55.61] मुबारकें तुम्हें के तुम किसी के नूर हो गए
[03:05.04] मुबारकें तुम्हें के तुम किसी के नूर हो गए
[03:14.58] किसी के इतने पास हो के सबसे दूर हो गए
[03:24.10] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[03:33.38] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[03:42.43]
[04:01.48] किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
[04:10.75] किसी का प्यार लेके तुम नया जहाँ बसाओगे
[04:20.14] ये शाम जब भी आएगी, तुम हमको याद आओगे
[04:29.39] अजीब दास्ताँ है ये कहाँ शुरू, कहाँ खतम
[04:38.74] ये मंज़िलें है कौन सी? ना वो समझ सके, ना हम
[04:47.71]