Aaj Ki Raat
🎵 1644 characters
⏱️ 3:17 duration
🆔 ID: 976244
📜 Lyrics
आज की रात बड़ी शोख़, बड़ी नटखट है
आज तो तेरे बिना नींद नहीं आएगी
अब तो तेरे ही यहाँ आने का ये मौसम है
अब तबीयत ना ख़यालों से बहल पाएगी
देख वो छत पे उतर आई है सावन की घटा
दे रही द्वार पे आवाज़ खड़ी पुरवाई
बिजली रह-रह के पहाड़ों पे चमक उठती है
सूनी आँखों में कोई ख़्वाब ले ज्यों अंगड़ाई
कैसे समझाऊँ...
कैसे समझाऊँ कि इस वक्त का मतलब क्या है?
दिल की है बात
हो, दिल की है बात, ना होंठों से कही जाएगी
आज की रात...
रात-रानी की ये भीनी सी नशीली खुशबू
आ रही है कि जो छन-छन के घनी डालों से
ऐसा लगता है, किसी ढीठ झकोरे से लिपट
खेल आई है तेरे उलझे हुए बालों से
और बेज़ार...
और बेज़ार ना कर मेरे तड़पते दिल को
ऐसी रंगीन...
हो, ऐसी रंगीन ग़ज़ल रात ना फिर गाएगी
आज तो तेरे बिना नींद नहीं आ...
आज तो तेरे बिना नींद नहीं आएगी
अब तो तेरे ही यहाँ आने का ये मौसम है
अब तबीयत ना ख़यालों से बहल पाएगी
देख वो छत पे उतर आई है सावन की घटा
दे रही द्वार पे आवाज़ खड़ी पुरवाई
बिजली रह-रह के पहाड़ों पे चमक उठती है
सूनी आँखों में कोई ख़्वाब ले ज्यों अंगड़ाई
कैसे समझाऊँ...
कैसे समझाऊँ कि इस वक्त का मतलब क्या है?
दिल की है बात
हो, दिल की है बात, ना होंठों से कही जाएगी
आज की रात...
रात-रानी की ये भीनी सी नशीली खुशबू
आ रही है कि जो छन-छन के घनी डालों से
ऐसा लगता है, किसी ढीठ झकोरे से लिपट
खेल आई है तेरे उलझे हुए बालों से
और बेज़ार...
और बेज़ार ना कर मेरे तड़पते दिल को
ऐसी रंगीन...
हो, ऐसी रंगीन ग़ज़ल रात ना फिर गाएगी
आज तो तेरे बिना नींद नहीं आ...
⏱️ Synced Lyrics
[00:04.61] आज की रात बड़ी शोख़, बड़ी नटखट है
[00:20.38] आज तो तेरे बिना नींद नहीं आएगी
[00:30.06] अब तो तेरे ही यहाँ आने का ये मौसम है
[00:38.67] अब तबीयत ना ख़यालों से बहल पाएगी
[00:46.45]
[00:53.07] देख वो छत पे उतर आई है सावन की घटा
[01:01.53] दे रही द्वार पे आवाज़ खड़ी पुरवाई
[01:09.60] बिजली रह-रह के पहाड़ों पे चमक उठती है
[01:17.64] सूनी आँखों में कोई ख़्वाब ले ज्यों अंगड़ाई
[01:25.90] कैसे समझाऊँ...
[01:30.03] कैसे समझाऊँ कि इस वक्त का मतलब क्या है?
[01:38.04] दिल की है बात
[01:41.64] हो, दिल की है बात, ना होंठों से कही जाएगी
[01:58.74] आज की रात...
[02:01.71]
[02:09.02] रात-रानी की ये भीनी सी नशीली खुशबू
[02:17.26] आ रही है कि जो छन-छन के घनी डालों से
[02:25.49] ऐसा लगता है, किसी ढीठ झकोरे से लिपट
[02:33.47] खेल आई है तेरे उलझे हुए बालों से
[02:41.80] और बेज़ार...
[02:45.87] और बेज़ार ना कर मेरे तड़पते दिल को
[02:53.86] ऐसी रंगीन...
[02:57.59] हो, ऐसी रंगीन ग़ज़ल रात ना फिर गाएगी
[03:06.54] आज तो तेरे बिना नींद नहीं आ...
[03:12.82]
[00:20.38] आज तो तेरे बिना नींद नहीं आएगी
[00:30.06] अब तो तेरे ही यहाँ आने का ये मौसम है
[00:38.67] अब तबीयत ना ख़यालों से बहल पाएगी
[00:46.45]
[00:53.07] देख वो छत पे उतर आई है सावन की घटा
[01:01.53] दे रही द्वार पे आवाज़ खड़ी पुरवाई
[01:09.60] बिजली रह-रह के पहाड़ों पे चमक उठती है
[01:17.64] सूनी आँखों में कोई ख़्वाब ले ज्यों अंगड़ाई
[01:25.90] कैसे समझाऊँ...
[01:30.03] कैसे समझाऊँ कि इस वक्त का मतलब क्या है?
[01:38.04] दिल की है बात
[01:41.64] हो, दिल की है बात, ना होंठों से कही जाएगी
[01:58.74] आज की रात...
[02:01.71]
[02:09.02] रात-रानी की ये भीनी सी नशीली खुशबू
[02:17.26] आ रही है कि जो छन-छन के घनी डालों से
[02:25.49] ऐसा लगता है, किसी ढीठ झकोरे से लिपट
[02:33.47] खेल आई है तेरे उलझे हुए बालों से
[02:41.80] और बेज़ार...
[02:45.87] और बेज़ार ना कर मेरे तड़पते दिल को
[02:53.86] ऐसी रंगीन...
[02:57.59] हो, ऐसी रंगीन ग़ज़ल रात ना फिर गाएगी
[03:06.54] आज तो तेरे बिना नींद नहीं आ...
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