Ramchandra Kah Gaye Siya Se
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⏱️ 3:23 duration
🆔 ID: 9798609
📜 Lyrics
ये तो होना ही था, रे, बंदे
तेरे कर्म के ही हैं ये फंदे
भूला प्रभु को और करता रहा तू
उल्टे-सीधे गोरक धॅंधे
जैसी करनी, वैसी भरनी
जैसी करनी, वैसी भरनी, वक्त तुझे समझाएगा
बोयें जो पेड़ बबुल के तूने, तो आम कहाॅं से पाएगा?
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
हँस चुगेगा दाना, तिनका, कौआ मोती खाएगा
श्री रामचंद्र कह गए सिया से
भूल गया तो सब मर्यादा
लाँघ गया तू सारी लक्ष्मण रेखा
गैरों को अपना समझा और व्रत में तूने विभीषण देखा
हाँ, खुद पे ना इतरा रे मूर्ख
खुद पे ना इतरा रे मूर्ख, रावण हर ले जाएगा
बोयें जो पेड़ बबुल के तूने तो आम कहाॅं से पाएगा?
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
हँस चुगेगा दाना, तिनका, कौआ मोती खाएगा
श्री रामचंद्र कह गए सिया से (हो...)
अब ना आयेंगे तुलसी, ना व्यास तोहें समझाएँगे
कलयुग में वोही पार लगेंगे जो राम शरण में जाएँगे
जो राम भजन गुण गाएँगे
बोलो, रामचंद्र की जय
जय-जय रामचंद्र की जय
सियाराम चंद्र की जय
श्री रामचंद्र की जय
तेरे कर्म के ही हैं ये फंदे
भूला प्रभु को और करता रहा तू
उल्टे-सीधे गोरक धॅंधे
जैसी करनी, वैसी भरनी
जैसी करनी, वैसी भरनी, वक्त तुझे समझाएगा
बोयें जो पेड़ बबुल के तूने, तो आम कहाॅं से पाएगा?
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
हँस चुगेगा दाना, तिनका, कौआ मोती खाएगा
श्री रामचंद्र कह गए सिया से
भूल गया तो सब मर्यादा
लाँघ गया तू सारी लक्ष्मण रेखा
गैरों को अपना समझा और व्रत में तूने विभीषण देखा
हाँ, खुद पे ना इतरा रे मूर्ख
खुद पे ना इतरा रे मूर्ख, रावण हर ले जाएगा
बोयें जो पेड़ बबुल के तूने तो आम कहाॅं से पाएगा?
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
हँस चुगेगा दाना, तिनका, कौआ मोती खाएगा
श्री रामचंद्र कह गए सिया से (हो...)
अब ना आयेंगे तुलसी, ना व्यास तोहें समझाएँगे
कलयुग में वोही पार लगेंगे जो राम शरण में जाएँगे
जो राम भजन गुण गाएँगे
बोलो, रामचंद्र की जय
जय-जय रामचंद्र की जय
सियाराम चंद्र की जय
श्री रामचंद्र की जय
⏱️ Synced Lyrics
[00:23.82] ये तो होना ही था, रे, बंदे
[00:26.76] तेरे कर्म के ही हैं ये फंदे
[00:29.60] भूला प्रभु को और करता रहा तू
[00:32.57] उल्टे-सीधे गोरक धॅंधे
[00:35.44] जैसी करनी, वैसी भरनी
[00:38.37] जैसी करनी, वैसी भरनी, वक्त तुझे समझाएगा
[00:43.97] बोयें जो पेड़ बबुल के तूने, तो आम कहाॅं से पाएगा?
[00:49.72] रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
[00:55.69] रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
[01:01.43] हँस चुगेगा दाना, तिनका, कौआ मोती खाएगा
[01:06.73] श्री रामचंद्र कह गए सिया से
[01:12.79]
[01:44.68] भूल गया तो सब मर्यादा
[01:47.83] लाँघ गया तू सारी लक्ष्मण रेखा
[01:53.23] गैरों को अपना समझा और व्रत में तूने विभीषण देखा
[01:59.05] हाँ, खुद पे ना इतरा रे मूर्ख
[02:02.23] खुद पे ना इतरा रे मूर्ख, रावण हर ले जाएगा
[02:08.09] बोयें जो पेड़ बबुल के तूने तो आम कहाॅं से पाएगा?
[02:13.69] रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
[02:19.50] रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
[02:25.26] हँस चुगेगा दाना, तिनका, कौआ मोती खाएगा
[02:30.46] श्री रामचंद्र कह गए सिया से (हो...)
[02:37.03] अब ना आयेंगे तुलसी, ना व्यास तोहें समझाएँगे
[02:48.94] कलयुग में वोही पार लगेंगे जो राम शरण में जाएँगे
[02:59.25] जो राम भजन गुण गाएँगे
[03:05.32] बोलो, रामचंद्र की जय
[03:08.27] जय-जय रामचंद्र की जय
[03:10.88] सियाराम चंद्र की जय
[03:13.91] श्री रामचंद्र की जय
[03:16.35]
[00:26.76] तेरे कर्म के ही हैं ये फंदे
[00:29.60] भूला प्रभु को और करता रहा तू
[00:32.57] उल्टे-सीधे गोरक धॅंधे
[00:35.44] जैसी करनी, वैसी भरनी
[00:38.37] जैसी करनी, वैसी भरनी, वक्त तुझे समझाएगा
[00:43.97] बोयें जो पेड़ बबुल के तूने, तो आम कहाॅं से पाएगा?
[00:49.72] रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
[00:55.69] रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
[01:01.43] हँस चुगेगा दाना, तिनका, कौआ मोती खाएगा
[01:06.73] श्री रामचंद्र कह गए सिया से
[01:12.79]
[01:44.68] भूल गया तो सब मर्यादा
[01:47.83] लाँघ गया तू सारी लक्ष्मण रेखा
[01:53.23] गैरों को अपना समझा और व्रत में तूने विभीषण देखा
[01:59.05] हाँ, खुद पे ना इतरा रे मूर्ख
[02:02.23] खुद पे ना इतरा रे मूर्ख, रावण हर ले जाएगा
[02:08.09] बोयें जो पेड़ बबुल के तूने तो आम कहाॅं से पाएगा?
[02:13.69] रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
[02:19.50] रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा
[02:25.26] हँस चुगेगा दाना, तिनका, कौआ मोती खाएगा
[02:30.46] श्री रामचंद्र कह गए सिया से (हो...)
[02:37.03] अब ना आयेंगे तुलसी, ना व्यास तोहें समझाएँगे
[02:48.94] कलयुग में वोही पार लगेंगे जो राम शरण में जाएँगे
[02:59.25] जो राम भजन गुण गाएँगे
[03:05.32] बोलो, रामचंद्र की जय
[03:08.27] जय-जय रामचंद्र की जय
[03:10.88] सियाराम चंद्र की जय
[03:13.91] श्री रामचंद्र की जय
[03:16.35]