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Sita Siya

👤 Hrutul, Tirth Thakkar 🎼 Sita Siya ⏱️ 4:03
🎵 3008 characters
⏱️ 4:03 duration
🆔 ID: 9804599

📜 Lyrics

(सिया, सिया)

कालजा खिलइया बनके
तुम्हरे मुख का मुकुर सवारे (सिया, सिया)
ढाल सा मन मेरा फरके
दूर देस तुमको पुकारे (सिया, सिया)

जगत का हर जोहरी अचरज ही पामे
मुद्रिका तुम सी खोज को ना पावे

सिया-सिया, मन मोर सिया
सीता-सीता नाम से जीता
सिया-सिया, मर्यादा को सिया
सीता-सीता नाम से जीता

बाणगंगा के किनारे विश्राम कर ना मैं पाऊँ
अज्ञात तोहरी दशा से किस दिशा माँ अब मैं जाऊँ?

शबरी के जूठे बेर भी मुझको मीठे ना लगे, ना लागे
पंचवटी की पवित्रता पराजित, पीड़ा पिरोऊँ, अश्रु है संचित

निमित और निर्माण की कैसी ये नियति
किशिकंध से लंका तक हर जीव वंचित

व्यथा से मन व्याकुल, कंचन पिघलावे
मर्यादा पुरुषोत्तम के आँसू थम ना पावे

सिया-सिया, मन मोर सिया
सीता-सीता नाम से जीता
सिया-सिया, मर्यादा को सिया
सीता-सीता नाम से जीता

बाणगंगा के किनारे विश्राम कर ना मैं पाऊँ (किनारे)
अगियात तोहरी दशा से किस दिशा माँ जाऊँ?

लक्षमन की निष्ठा को वंदन
हनुमंत की भक्ति को वंदन
जटायु बलिदान को वंदन
सर्व जीव जन्तु को अर्चन

नल-नील की विद्या को वंदन
सुग्रीव के तेज को वंदन
मातली समर्पण को वंदन
हर एक जन, जगत को अर्चन

केसरी अंगद संग जाम्बवन्त
विभीषण के धर्म को वंदन
इंद्रदेव के रथ को वंदन
सर्व जीव जन्तु को अर्चन

गरुड़देव के बाण को वंदन
समुद्रदेव सहाय को वंदन
संजीवनी के सार को वंदन
हर एक जन-जगत को अर्चन

(जय श्री राम)

⏱️ Synced Lyrics

[00:02.54] (सिया, सिया)
[00:08.08] कालजा खिलइया बनके
[00:12.76] तुम्हरे मुख का मुकुर सवारे (सिया, सिया)
[00:19.09] ढाल सा मन मेरा फरके
[00:24.63] दूर देस तुमको पुकारे (सिया, सिया)
[00:30.19] जगत का हर जोहरी अचरज ही पामे
[00:35.63] मुद्रिका तुम सी खोज को ना पावे
[00:44.59] सिया-सिया, मन मोर सिया
[00:50.05] सीता-सीता नाम से जीता
[00:55.74] सिया-सिया, मर्यादा को सिया
[01:01.58] सीता-सीता नाम से जीता
[01:06.37] बाणगंगा के किनारे विश्राम कर ना मैं पाऊँ
[01:18.46] अज्ञात तोहरी दशा से किस दिशा माँ अब मैं जाऊँ?
[01:40.96] शबरी के जूठे बेर भी मुझको मीठे ना लगे, ना लागे
[01:52.27] पंचवटी की पवित्रता पराजित, पीड़ा पिरोऊँ, अश्रु है संचित
[02:03.36] निमित और निर्माण की कैसी ये नियति
[02:08.86] किशिकंध से लंका तक हर जीव वंचित
[02:17.53] व्यथा से मन व्याकुल, कंचन पिघलावे
[02:22.79] मर्यादा पुरुषोत्तम के आँसू थम ना पावे
[02:28.83] सिया-सिया, मन मोर सिया
[02:34.56] सीता-सीता नाम से जीता
[02:40.35] सिया-सिया, मर्यादा को सिया
[02:45.98] सीता-सीता नाम से जीता
[02:50.94] बाणगंगा के किनारे विश्राम कर ना मैं पाऊँ (किनारे)
[03:02.73] अगियात तोहरी दशा से किस दिशा माँ जाऊँ?
[03:22.44] लक्षमन की निष्ठा को वंदन
[03:24.30] हनुमंत की भक्ति को वंदन
[03:26.48] जटायु बलिदान को वंदन
[03:28.58] सर्व जीव जन्तु को अर्चन
[03:30.92] नल-नील की विद्या को वंदन
[03:32.93] सुग्रीव के तेज को वंदन
[03:34.83] मातली समर्पण को वंदन
[03:37.21] हर एक जन, जगत को अर्चन
[03:39.29] केसरी अंगद संग जाम्बवन्त
[03:41.41] विभीषण के धर्म को वंदन
[03:43.53] इंद्रदेव के रथ को वंदन
[03:45.37] सर्व जीव जन्तु को अर्चन
[03:47.55] गरुड़देव के बाण को वंदन
[03:49.53] समुद्रदेव सहाय को वंदन
[03:51.73] संजीवनी के सार को वंदन
[03:53.79] हर एक जन-जगत को अर्चन
[03:55.90] (जय श्री राम)
[03:58.21]

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