Sajde
🎵 2195 characters
⏱️ 3:36 duration
🆔 ID: 9827535
📜 Lyrics
मेरे ख़यालों की हर बारातों में सिर्फ़
तेरा ही इक आशियाना है
तू मेरे पास हो या ना हो, फ़िर भी
तेरा ही ज़िक्र यहाँ होता है
शाम-ओ-सुकून है क्या, तुझसे मिलकर जाना है
आँखों की ज़ुबानी पढ़कर मैंने ये पहचाना है
उम्रों का क्या वास्ता, क़बूल हर सज़ा है
मुक़म्मल हो जाए जहाँ
सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
लफ़्ज़ों में है छाया फ़ितूर तेरा
सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
ना ख़तम हो कभी ये कारवाँ
है क्या वो फ़िजा, है क्या वो समाँ
आँखें जब बंद करूँ, फ़िर तू ही है हर जगह
है क्या वो फ़िजा, है क्या वो समाँ
बाँहों में तू रहे पूरी उमर मेरे सदा
जिस्म तेरा मेरा हो, रूह भी तेरी मेरी हो
तेरा हर टुकड़ा है मेरा
रब से ये मैंने माँगा, तू रहे सिर्फ़ मेरा
दिल करता है शुक्रिया
शाम-ओ-सुकून है क्या, तुझसे मिलकर जाना है
आँखों की ज़ुबानी पढ़कर मैंने ये पहचाना है
उम्रों का क्या वास्ता, क़बूल हर सज़ा है
मुक़म्मल हो जाए जहाँ
सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
लफ़्ज़ों में है छाया फ़ितूर तेरा
सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
ना ख़तम हो कभी ये कारवाँ
तेरा ही इक आशियाना है
तू मेरे पास हो या ना हो, फ़िर भी
तेरा ही ज़िक्र यहाँ होता है
शाम-ओ-सुकून है क्या, तुझसे मिलकर जाना है
आँखों की ज़ुबानी पढ़कर मैंने ये पहचाना है
उम्रों का क्या वास्ता, क़बूल हर सज़ा है
मुक़म्मल हो जाए जहाँ
सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
लफ़्ज़ों में है छाया फ़ितूर तेरा
सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
ना ख़तम हो कभी ये कारवाँ
है क्या वो फ़िजा, है क्या वो समाँ
आँखें जब बंद करूँ, फ़िर तू ही है हर जगह
है क्या वो फ़िजा, है क्या वो समाँ
बाँहों में तू रहे पूरी उमर मेरे सदा
जिस्म तेरा मेरा हो, रूह भी तेरी मेरी हो
तेरा हर टुकड़ा है मेरा
रब से ये मैंने माँगा, तू रहे सिर्फ़ मेरा
दिल करता है शुक्रिया
शाम-ओ-सुकून है क्या, तुझसे मिलकर जाना है
आँखों की ज़ुबानी पढ़कर मैंने ये पहचाना है
उम्रों का क्या वास्ता, क़बूल हर सज़ा है
मुक़म्मल हो जाए जहाँ
सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
लफ़्ज़ों में है छाया फ़ितूर तेरा
सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
ना ख़तम हो कभी ये कारवाँ
⏱️ Synced Lyrics
[00:17.64] मेरे ख़यालों की हर बारातों में सिर्फ़
[00:21.89] तेरा ही इक आशियाना है
[00:26.06] तू मेरे पास हो या ना हो, फ़िर भी
[00:30.34] तेरा ही ज़िक्र यहाँ होता है
[00:34.64] शाम-ओ-सुकून है क्या, तुझसे मिलकर जाना है
[00:39.18] आँखों की ज़ुबानी पढ़कर मैंने ये पहचाना है
[00:43.76] उम्रों का क्या वास्ता, क़बूल हर सज़ा है
[00:48.26] मुक़म्मल हो जाए जहाँ
[00:51.48] सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
[00:56.02] लफ़्ज़ों में है छाया फ़ितूर तेरा
[01:00.71] सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
[01:04.61] ना ख़तम हो कभी ये कारवाँ
[01:09.94]
[01:44.85] है क्या वो फ़िजा, है क्या वो समाँ
[01:49.26] आँखें जब बंद करूँ, फ़िर तू ही है हर जगह
[01:53.62] है क्या वो फ़िजा, है क्या वो समाँ
[01:57.62] बाँहों में तू रहे पूरी उमर मेरे सदा
[02:02.23] जिस्म तेरा मेरा हो, रूह भी तेरी मेरी हो
[02:06.51] तेरा हर टुकड़ा है मेरा
[02:10.78] रब से ये मैंने माँगा, तू रहे सिर्फ़ मेरा
[02:14.72] दिल करता है शुक्रिया
[02:19.33] शाम-ओ-सुकून है क्या, तुझसे मिलकर जाना है
[02:23.84] आँखों की ज़ुबानी पढ़कर मैंने ये पहचाना है
[02:28.09] उम्रों का क्या वास्ता, क़बूल हर सज़ा है
[02:32.86] मुक़म्मल हो जाए जहाँ
[02:36.40] सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
[02:40.54] लफ़्ज़ों में है छाया फ़ितूर तेरा
[02:45.20] सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
[02:49.07] ना ख़तम हो कभी ये कारवाँ
[02:54.69]
[00:21.89] तेरा ही इक आशियाना है
[00:26.06] तू मेरे पास हो या ना हो, फ़िर भी
[00:30.34] तेरा ही ज़िक्र यहाँ होता है
[00:34.64] शाम-ओ-सुकून है क्या, तुझसे मिलकर जाना है
[00:39.18] आँखों की ज़ुबानी पढ़कर मैंने ये पहचाना है
[00:43.76] उम्रों का क्या वास्ता, क़बूल हर सज़ा है
[00:48.26] मुक़म्मल हो जाए जहाँ
[00:51.48] सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
[00:56.02] लफ़्ज़ों में है छाया फ़ितूर तेरा
[01:00.71] सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
[01:04.61] ना ख़तम हो कभी ये कारवाँ
[01:09.94]
[01:44.85] है क्या वो फ़िजा, है क्या वो समाँ
[01:49.26] आँखें जब बंद करूँ, फ़िर तू ही है हर जगह
[01:53.62] है क्या वो फ़िजा, है क्या वो समाँ
[01:57.62] बाँहों में तू रहे पूरी उमर मेरे सदा
[02:02.23] जिस्म तेरा मेरा हो, रूह भी तेरी मेरी हो
[02:06.51] तेरा हर टुकड़ा है मेरा
[02:10.78] रब से ये मैंने माँगा, तू रहे सिर्फ़ मेरा
[02:14.72] दिल करता है शुक्रिया
[02:19.33] शाम-ओ-सुकून है क्या, तुझसे मिलकर जाना है
[02:23.84] आँखों की ज़ुबानी पढ़कर मैंने ये पहचाना है
[02:28.09] उम्रों का क्या वास्ता, क़बूल हर सज़ा है
[02:32.86] मुक़म्मल हो जाए जहाँ
[02:36.40] सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
[02:40.54] लफ़्ज़ों में है छाया फ़ितूर तेरा
[02:45.20] सजदे करूँ मैं शाम, सुबह
[02:49.07] ना ख़तम हो कभी ये कारवाँ
[02:54.69]