Woh Subah Hami Se Aayegi (From "Begum Jaan")
🎵 1845 characters
⏱️ 4:59 duration
🆔 ID: 986154
📜 Lyrics
इन काली सदियों के सर से
जब रात का आँचल ढलकेगा
जब दुख के बादल पिघलेंगे
जब सुख का सागर छलकेगा
जब अंबर झूम के नाचेगा, जब धरती नग़्मे गाएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
जिस सुबह की ख़ातिर जुग-जुग से
हम सब मर-मर के जीते हैं
जिस सुबह के अमृत की धुन में
हम ज़हर के प्याले पीते हैं
इन भूखी-प्यासी रूहों पर एक दिन तो करम फ़रमाएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
माना कि अभी तेरे-मेरे
अरमानों की क़ीमत कुछ भी नहीं
मिट्टी का भी है कुछ मोल
मगर इंसानों की कीमत कुछ भी नहीं
इंसानों की इज़्ज़त जब झूठे सिक्कों में ना तोली जाएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
जब रात का आँचल ढलकेगा
जब दुख के बादल पिघलेंगे
जब सुख का सागर छलकेगा
जब अंबर झूम के नाचेगा, जब धरती नग़्मे गाएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
जिस सुबह की ख़ातिर जुग-जुग से
हम सब मर-मर के जीते हैं
जिस सुबह के अमृत की धुन में
हम ज़हर के प्याले पीते हैं
इन भूखी-प्यासी रूहों पर एक दिन तो करम फ़रमाएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
माना कि अभी तेरे-मेरे
अरमानों की क़ीमत कुछ भी नहीं
मिट्टी का भी है कुछ मोल
मगर इंसानों की कीमत कुछ भी नहीं
इंसानों की इज़्ज़त जब झूठे सिक्कों में ना तोली जाएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
⏱️ Synced Lyrics
[00:34.32] इन काली सदियों के सर से
[00:40.38] जब रात का आँचल ढलकेगा
[00:52.10] जब दुख के बादल पिघलेंगे
[00:58.01] जब सुख का सागर छलकेगा
[01:06.81] जब अंबर झूम के नाचेगा, जब धरती नग़्मे गाएगी
[01:18.83] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[01:30.32] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[01:42.78]
[01:54.11] जिस सुबह की ख़ातिर जुग-जुग से
[01:59.99] हम सब मर-मर के जीते हैं
[02:11.87] जिस सुबह के अमृत की धुन में
[02:17.67] हम ज़हर के प्याले पीते हैं
[02:24.56]
[02:29.44] इन भूखी-प्यासी रूहों पर एक दिन तो करम फ़रमाएगी
[02:41.41] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[02:53.07] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[03:05.58]
[03:35.81] माना कि अभी तेरे-मेरे
[03:41.73] अरमानों की क़ीमत कुछ भी नहीं
[03:53.64] मिट्टी का भी है कुछ मोल
[03:58.25] मगर इंसानों की कीमत कुछ भी नहीं
[04:08.22] इंसानों की इज़्ज़त जब झूठे सिक्कों में ना तोली जाएगी
[04:20.15] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[04:31.78] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[04:43.73] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[04:56.37]
[00:40.38] जब रात का आँचल ढलकेगा
[00:52.10] जब दुख के बादल पिघलेंगे
[00:58.01] जब सुख का सागर छलकेगा
[01:06.81] जब अंबर झूम के नाचेगा, जब धरती नग़्मे गाएगी
[01:18.83] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[01:30.32] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[01:42.78]
[01:54.11] जिस सुबह की ख़ातिर जुग-जुग से
[01:59.99] हम सब मर-मर के जीते हैं
[02:11.87] जिस सुबह के अमृत की धुन में
[02:17.67] हम ज़हर के प्याले पीते हैं
[02:24.56]
[02:29.44] इन भूखी-प्यासी रूहों पर एक दिन तो करम फ़रमाएगी
[02:41.41] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[02:53.07] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[03:05.58]
[03:35.81] माना कि अभी तेरे-मेरे
[03:41.73] अरमानों की क़ीमत कुछ भी नहीं
[03:53.64] मिट्टी का भी है कुछ मोल
[03:58.25] मगर इंसानों की कीमत कुछ भी नहीं
[04:08.22] इंसानों की इज़्ज़त जब झूठे सिक्कों में ना तोली जाएगी
[04:20.15] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[04:31.78] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[04:43.73] वो सुबह हमी से आएगी, वो सुबह हमी से आएगी
[04:56.37]